“लव करना? सब फालतू बातें हैं…” “जब तक सब सही चलता है, तब तक ‘जान’, ‘शोना’, ‘बेबी’…” “जैसे ही मुश्किलें आती हैं, लोग अपना असली रंग दिखा देते हैं…” “सच तो ये है… आजकल प्यार से ज़्यादा लोग अपना मतलब देखते हैं…” “दिल से निभाया हमने, और दिमाग से खेला गया…” “अब ना किसी से उम्मीद है, ना किसी से शिकायत…” “अब खुद से प्यार करेंगे… क्योंकि बाकी सब सिर्फ बातें हैं…”