Generador de Voz AI Abdullah ejaz Gratis por Fish Audio
Genera la voz Abdullah ejaz, usada 0 veces con 0 me gusta. Crea discurso high-quality con texto a voz AI.
Muestras - Abdullah ejaz
Escucha muestras de generación que muestran la calidad y versatilidad de la voz
Default Sample
Muestra 1
रमज़ान में सलमा ने अपनी बचत से गरीब बच्चों को ईदी खरीदी। उसकी नेक नीयत देख कर पापा ने भी मदद की। अगले दिन मोहल्ले के सभी बच्चे नई ईदी पहन कर खुश थे। सलमा के चेहरे पर मुस्कान देख अम्मी की आंखें भर आईं।
Default Sample
Welcome to this absolutely stunning Springfield townhouse, featuring 4 bedrooms, 3 luxurious baths, and a chef's dream kitchen with granite everything. Perfect location, walking distance to shops, metro, and parks. Upgraded throughout with smart home features, garage parking, and gorgeous hardwood floors.
Default Sample
Deep within the Whispering Woods, Elara discovered a silver key hidden inside a hollow tree. Little did she know, the key belonged to a forgotten gate that had been locked for centuries. It was her turn to uncover the ancient magic that slept beneath the roots.
Sample Transcriptions
Default Sample - Muestra 1
रमज़ान में सलमा ने अपनी बचत से गरीब बच्चों को ईदी खरीदी। उसकी नेक नीयत देख कर पापा ने भी मदद की। अगले दिन मोहल्ले के सभी बच्चे नई ईदी पहन कर खुश थे। सलमा के चेहरे पर मुस्कान देख अम्मी की आंखें भर आईं।
Default Sample - Amir BHAI
Welcome to this absolutely stunning Springfield townhouse, featuring 4 bedrooms, 3 luxurious baths, and a chef's dream kitchen with granite everything. Perfect location, walking distance to shops, metro, and parks. Upgraded throughout with smart home features, garage parking, and gorgeous hardwood floors.
Default Sample - rehan
Deep within the Whispering Woods, Elara discovered a silver key hidden inside a hollow tree. Little did she know, the key belonged to a forgotten gate that had been locked for centuries. It was her turn to uncover the ancient magic that slept beneath the roots.
Default Sample - Bilal
Bilal Bilal Edit Model 0 Uses 0 Shares 0 Likes 0 Saved by अगर आपकी पूरी दुनिया एक ही पल में बिखर जाए… अगर आपकी आँखों के सामने आपकी मेहनत, आपका सहारा, आपकी उम्मीद सब राख बन जाए… तो क्या आप फिर भी कह पाएँगे — “जिसमें मेरा अल्लाह राज़ी, मैं भी राज़ी”? यह कहानी है दो दोस्तों की। एक का नाम था बिलाल। दूसरा उसका बचपन का साथी था। दोनों ने साथ खेला, साथ बड़े हुए, साथ कारोबार शुरू किया। लेकिन दोनों की सोच अलग थी। बिलाल की ज़ुबान पर हर वक़्त एक ही जुमला रहता था — “जिसमें मेरा अल्लाह राज़ी, मैं भी राज़ी।” उसका दोस्त अक्सर हँस देता और कहता, “यार बिलाल, हर बात में अल्लाह की रज़ा मत ढूँढा करो। नुकसान, नुकसान होता है। दर्द, दर्द होता है।” बिलाल बस मुस्कुरा देता। उसकी मुस्कुराहट में अजीब सा सुकून होता था। एक रात बाज़ार में अचानक आग लग गई। पहले धुआँ उठा, फिर लपटें आसमान को छूने लगीं। लोग चीख रहे थे, भाग रहे थे, पानी फेंक रहे थे, लेकिन आग किसी की नहीं सुन रही थी। उसी बाज़ार में बिलाल की छोटी सी दुकान भी थी। कुछ ही मिनटों में उसकी सालों की मेहनत जलकर राख हो गई। लोग उसके पास आए, कोई अफसोस कर रहा था, कोई सिर पकड़कर बैठ गया। उसका दोस्त दौड़ता हुआ आया, जलती हुई दुकान को देखा और गुस्से में बोला, “सब खत्म हो गया बिलाल! अब क्या करोगे? अब भी कहोगे कि अल्लाह राज़ी है?” कुछ पल के लिए सन्नाटा छा गया। बिलाल ने राख बन चुकी दुकान को देखा। उसकी आँखों में आँसू थे, मगर चेहरे पर शिकवा नहीं था। उसने गहरी साँस ली और धीमी आवाज़ में कहा, “जिसमें मेरा अल्लाह राज़ी… मैं भी राज़ी।” दोस्त झुंझला गया। “यह कैसी बातें करते हो? मेहनत तुम्हारी जली है, नुकसान तुम्हारा हुआ है!” बिलाल ने बस इतना कहा, “शायद मेरे रब को इससे बेहतर कुछ देना हो।” वक़्त गुज़रा। बिलाल ने फिर से छोटी सी जगह किराए पर ली और नया काम शुरू कर दिया। कमाई कम थी, मुश्किलें ज़्यादा थीं, मगर उसके चेहरे पर वही सुकून था। फिर एक और इम्तिहान आया। उसका इकलौता बेटा अचानक बहुत बीमार पड़ गया। तेज़ बुखार, फिर हालत बिगड़ती गई। अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टर ने जाँच के बाद कहा, “हम पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हालत नाज़ुक है। दुआ कीजिए।” उसका दोस्त बाहर बेचैनी से टहल रहा था। उसने बिलाल से कहा, “देखो बिलाल, हर चीज़ में अल्लाह की रज़ा नहीं होती। यह बहुत बड़ा दुख है। इंसान टूट जाता है ऐसे वक्त में।” बिलाल ने अपने बेटे का हाथ पकड़ा, उसकी ठंडी उँगलियों को सहलाया और आसमान की तरफ देखा। उसकी आँखों से आँसू बह रहे थे, मगर आवाज़ में अजीब सा यक़ीन था। उसने कहा, “या अल्लाह, अगर तू राज़ी है तो मैं भी राज़ी। मेरे दिल को सब्र दे।” वह पूरी रात अस्पताल की कुर्सी पर बैठा रहा। कभी दुआ करता, कभी बेटे के माथे पर हाथ रखता। उसके दोस्त की आँखों में डर था, गुस्सा था, सवाल थे। बिलाल की आँखों में दर्द था, लेकिन शिकायत नहीं थी। सुबह फ़ज्र के करीब डॉक्टर तेज़ कदमों से कमरे में आया। उसके चेहरे पर हैरानी थी। उसने कहा, “हमें उम्मीद नहीं थी, लेकिन बच्चे की हालत अचानक संभल रही है। रिस्पॉन्स बेहतर है। यह बहुत अच्छा संकेत है।” दोस्त हैरान रह गया। बिलाल की आँखें भर आईं। वह चुपचाप झुका और सज्दे में चला गया। उसके होंठों पर बस यही था, “तूने मेरी रज़ा को खाली नहीं जाने दिया, मेरे रब।” दिन बीतते गए। बिलाल ने मेहनत जारी रखी। धीरे-धीरे उसका काम बढ़ने लगा। लोग उसकी ईमानदारी की कद्र करने लगे। उसका कारोबार फिर खड़ा हो गया, बल्कि पहले से बेहतर हो गया। दूसरी तरफ उसका दोस्त तेजी से तरक्की कर रहा था, बड़े सौदे कर रहा था, पैसे कमा रहा था, लेकिन उसके दिल में सुकून नहीं था। हर छोटी बात पर गुस्सा, हर मुश्किल पर शिकायत। फिर एक दिन उसके दोस्त को बहुत बड़ा नुकसान हुआ। एक बड़ी डील आखिरी वक्त पर रद्द हो गई। करोड़ों का घाटा। वह टूट गया। उसने गुस्से में कहा, “या अल्लाह, मेरे साथ ही क्यों? मैंने क्या बिगाड़ा है?” उसी रात उसे बिलाल की बातें याद आईं — “जिसमें मेरा अल्लाह राज़ी…” कुछ समय बाद बिलाल शहर के सम्मानित व्यापारियों में गिना जाने लगा। लोग उससे सलाह लेने आते। एक दिन उसका वही दोस्त, थका हुआ, टूटा हुआ, उसके दफ्तर में आया। उसकी आँखों में नमी थी। उसने धीमी आवाज़ में कहा, “मैं हार गया बिलाल। मैं हर वक्त शिकायत करता रहा। जब थोड़ा नुकसान हुआ तो मैं गुस्सा हो गया। जब फायदा हुआ तो घमंड आ गया। तुम हर हाल में कहते रहे कि अल्लाह राज़ी… और शायद इसी वजह से अल्लाह तुमसे राज़ी हो गया।” बिलाल ने उसका कंधा थामा। उसकी आवाज़ नरम थी, मगर बात गहरी थी। उसने कहा, “जब इंसान अल्लाह की मर्ज़ी पर आमीन कह देता है, तो अल्लाह उसे अकेला नहीं छोड़ता। नुकसान भी उसकी तरफ से इम्तिहान होता है, और कामयाबी भी।” उसका दोस्त रो पड़ा। “क्या अब भी देर नहीं हुई?” बिलाल ने मुस्कुराकर कहा, “जब तक साँस है, देर नहीं होती।” आज भी जब लोग बिलाल से उसकी कामयाबी का राज़ पूछते हैं, तो वह बस इतना कहता है, “मैंने कभी अल्लाह से सवाल नहीं किया कि मेरे साथ ऐसा क्यों हुआ। मैंने बस हर हाल में कहा — जिसमें मेरा अल्लाह राज़ी, मैं भी राज़ी। और शायद उसी दिन से मेरी तक़दीर बदलनी शुरू हो गई थी।” याद रखिए… नुकसान वक्ती होता है, लेकिन सब्र हमेशा रंग लाता है। जो इंसान अल्लाह की रज़ा में राज़ी हो जाता है, अल्लाह उसे वहाँ पहुँचा देता है जहाँ वह खुद सोच भी नहीं सकता। जब ज़िंदगी आपको तोड़ने लगे, जब हालात आपके खिलाफ हो जाएँ, तब बस दिल से कहिए — “जिसमें मेरा अल्लाह राज़ी… मैं भी राज़ी।” शायद उसी पल से आपकी कहानी बदलनी शुरू हो जाए।
Default Sample - Killixis
आने वाले एपिसोड में हमें और भी ज़्यादा सस्पेंस देखने को मिलेगा। किरदारों के बीच की ये केमिस्ट्री और इमोशनल सीन्स वाकई कहानी को एक नया मोड़ दे रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि ये क्लाइमेक्स दर्शकों को हैरान कर देगा क्योंकि अब सब कुछ बदलने वाला है।
Default Sample - طفل يقرأ قران باكستاني
والشمس وضحاها والقمر إذا تلاها، سبحان الله العظيم الذي خلق السماوات والأرض، وجعل فيها آيات للمؤمنين. إن في ذلك لعبرة لمن يخشى ربه ويتقيه.
Default Sample - Tariq story
یار ابراہیم، میں نے سوچا بتا دوں کہ شام کو دکان پر رش ہوگا تو آپ وقت پر آ جانا۔ میں بھی کوشش کروں گا کہ جلدی آ جاؤں تاکہ ہم نئی ویڈیو کا کام شروع کر سکیں۔ ٹھیک ہے نا، بس اپنا خیال رکھنا اور کام دیکھ لینا۔
Default Sample - Shahzaib
आप लोग बार-बार पूछ रहे थे कि फॉलो कहां करना है, तो भाई सीधा मेरी प्रोफाइल पर जाओ। वहां जो लिंक दिया है उस पर क्लिक करते ही आप सही जगह पहुंच जाओगे। एक बार दोबारा देख लो ताकि कोई गलती न हो, फिर मत कहना भाई बताया नहीं।
Default Sample - Afzalhunjra
اسلام علیکم پیارے بھائیو اور دوستو، کیسے ہیں آپ سب؟ اللہ کا شکر ہے میں بالکل ٹھیک ہوں اور اپنے گجرانوالہ میں خوش ہوں۔ بس آپ سب کی خیریت جاننے کے لیے یہ پیغام دے رہا ہوں۔ اپنا خیال رکھیں، دل لگا کر کام کریں اور ہمیشہ دعاؤں میں یاد رکھیں۔
Default Sample - Kallix
حضرت عمر فاروق رضی اللہ عنہ کا عدل و انصاف رہتی دنیا تک ایک بہترین مثال رہے گا۔ آپ اپنی رعایا کی خبر گیری کے لیے اکثر راتوں کو پہرہ دیتے تاکہ کوئی شخص بھوکا نہ سوئے۔ آپ کا پختہ ایمان تھا کہ حکمران اللہ کے سامنے اپنی عوام کے لیے مکمل جوابدہ ہے۔
Default Sample - فضة
يا جماعة، القصة مو بس كلام ومجاملات. أنا قلت لهم من البداية، الدنيا هذي تبي صبر وطولة بال، نعم نعم. قعدنا وشوفنا وشلون الناس تتغير وتتبدل، بس الواحد لازم يثبت على رايه. إذا هم يبون يروحون، خليهم يروحون، إحنا بنظل هني وما يهزنا شي.
Default Sample - Hh
یار ابراہیم، سنو، کل بھی شاید مجھے تھوڑی دیر ہو جائے گی، ٹھیک ہے؟ تم بس دکان کا خیال رکھنا اور سامان دیکھ لینا، میں شام تک فارغ ہو کر وہیں چکر لگاؤں گا۔ باقی باتیں فون پر کریں گے، ٹھیک ہے؟ اپنا خیال رکھنا۔
Default Sample - جمال الشاعر
دخل عمر بن الخطاب رضي الله عليه على أبي بكر وهو يأكل، فوجد عنده لقمة خبز وزيت، فبكى عمر، فقال أبو بكر: > **"ما يبكيك يا عمر؟"** قال عمر: > **"والله ما أبكي إلا أني ذكرت أن كسرى وقيصر يأكلان ما يشتهيان، وأنت خليفة المسلمين تأكل هذا!"** فقال أبو بكر: > **"والله ما أريد الدنيا بعد أن أكلت مع رسول الله ﷺ شعيرًا حتى شبعنا."**
Cómo usar el generador de voz Abdullah ejaz
Crea locuciones profesionales en 3 simples pasos
Ingresa tu guión
Escribe o pega cualquier texto que quieras que Abdullah ejaz diga
- Soporta textos cortos gratis, textos más largos con planes pagos
- Funciona en múltiples idiomas automáticamente
Genera audio
Haz clic en generar para escuchar la voz de Abdullah ejaz dar vida a tu texto
- Resultados con calidad de estudio en segundos
- 100% gratis para probar • No se requiere tarjeta de crédito
Abre el Playground Avanzado
Haz clic en el botón 'Usar Voz' para desbloquear funciones poderosas:
- Longitud de texto extendida
- Ajusta velocidad, tono y emoción
- Descarga en múltiples formatos (MP3, WAV)
- Guardar en biblioteca y derechos de uso comercial con planes pagos
¿Listo para crear contenido profesional con Abdullah ejaz?
Únete a miles de creadores que usan voces IA para videos, podcasts y más