Générateur Vocal IA Faheem Ahmad Gratuit par Fish Audio
Générez une voix Faheem Ahmad de confiance utilisée par plus de 8 créateurs. Créez un discours high-quality avec la synthèse vocale IA.
Échantillons - Faheem Ahmad
Écoutez des exemples de génération présentant la qualité vocale et la polyvalence
Default Sample
Échantillon 1
السلام علیکم دوستو! آج میں آپ سے ایک اہم موضوع پر بات کرنا چاہتا ہوں۔ امید ہے آپ سب خیریت سے ہوں گے۔ میری کوشش ہے کہ آپ کو بہترین معلومات فراہم کروں۔ اللہ آپ سب کو خوش رکھے۔
Default Sample
Deep within the Whispering Woods, Elara discovered a silver key hidden inside a hollow tree. Little did she know, the key belonged to a forgotten gate that had been locked for centuries. It was her turn to uncover the ancient magic that slept beneath the roots.
Default Sample
आने वाले एपिसोड में हमें और भी ज़्यादा सस्पेंस देखने को मिलेगा। किरदारों के बीच की ये केमिस्ट्री और इमोशनल सीन्स वाकई कहानी को एक नया मोड़ दे रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि ये क्लाइमेक्स दर्शकों को हैरान कर देगा क्योंकि अब सब कुछ बदलने वाला है।
Sample Transcriptions
Default Sample - Échantillon 1
السلام علیکم دوستو! آج میں آپ سے ایک اہم موضوع پر بات کرنا چاہتا ہوں۔ امید ہے آپ سب خیریت سے ہوں گے۔ میری کوشش ہے کہ آپ کو بہترین معلومات فراہم کروں۔ اللہ آپ سب کو خوش رکھے۔
Default Sample - rehan
Deep within the Whispering Woods, Elara discovered a silver key hidden inside a hollow tree. Little did she know, the key belonged to a forgotten gate that had been locked for centuries. It was her turn to uncover the ancient magic that slept beneath the roots.
Default Sample - Killixis
आने वाले एपिसोड में हमें और भी ज़्यादा सस्पेंस देखने को मिलेगा। किरदारों के बीच की ये केमिस्ट्री और इमोशनल सीन्स वाकई कहानी को एक नया मोड़ दे रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि ये क्लाइमेक्स दर्शकों को हैरान कर देगा क्योंकि अब सब कुछ बदलने वाला है।
Default Sample - Afzalhunjra
اسلام علیکم پیارے بھائیو اور دوستو، کیسے ہیں آپ سب؟ اللہ کا شکر ہے میں بالکل ٹھیک ہوں اور اپنے گجرانوالہ میں خوش ہوں۔ بس آپ سب کی خیریت جاننے کے لیے یہ پیغام دے رہا ہوں۔ اپنا خیال رکھیں، دل لگا کر کام کریں اور ہمیشہ دعاؤں میں یاد رکھیں۔
Default Sample - Shahzaib
आप लोग बार-बार पूछ रहे थे कि फॉलो कहां करना है, तो भाई सीधा मेरी प्रोफाइल पर जाओ। वहां जो लिंक दिया है उस पर क्लिक करते ही आप सही जगह पहुंच जाओगे। एक बार दोबारा देख लो ताकि कोई गलती न हो, फिर मत कहना भाई बताया नहीं।
Default Sample - Serglobalius
¡Amigos, vengan a vivir la emoción del gran festival de caballos! Aquí en el hipódromo local tenemos la mejor competencia de la temporada. Los jinetes están listos, el público animado, y la pasión se siente en el aire. ¡No se lo pierdan!
Default Sample - Bilal
Bilal Bilal Edit Model 0 Uses 0 Shares 0 Likes 0 Saved by अगर आपकी पूरी दुनिया एक ही पल में बिखर जाए… अगर आपकी आँखों के सामने आपकी मेहनत, आपका सहारा, आपकी उम्मीद सब राख बन जाए… तो क्या आप फिर भी कह पाएँगे — “जिसमें मेरा अल्लाह राज़ी, मैं भी राज़ी”? यह कहानी है दो दोस्तों की। एक का नाम था बिलाल। दूसरा उसका बचपन का साथी था। दोनों ने साथ खेला, साथ बड़े हुए, साथ कारोबार शुरू किया। लेकिन दोनों की सोच अलग थी। बिलाल की ज़ुबान पर हर वक़्त एक ही जुमला रहता था — “जिसमें मेरा अल्लाह राज़ी, मैं भी राज़ी।” उसका दोस्त अक्सर हँस देता और कहता, “यार बिलाल, हर बात में अल्लाह की रज़ा मत ढूँढा करो। नुकसान, नुकसान होता है। दर्द, दर्द होता है।” बिलाल बस मुस्कुरा देता। उसकी मुस्कुराहट में अजीब सा सुकून होता था। एक रात बाज़ार में अचानक आग लग गई। पहले धुआँ उठा, फिर लपटें आसमान को छूने लगीं। लोग चीख रहे थे, भाग रहे थे, पानी फेंक रहे थे, लेकिन आग किसी की नहीं सुन रही थी। उसी बाज़ार में बिलाल की छोटी सी दुकान भी थी। कुछ ही मिनटों में उसकी सालों की मेहनत जलकर राख हो गई। लोग उसके पास आए, कोई अफसोस कर रहा था, कोई सिर पकड़कर बैठ गया। उसका दोस्त दौड़ता हुआ आया, जलती हुई दुकान को देखा और गुस्से में बोला, “सब खत्म हो गया बिलाल! अब क्या करोगे? अब भी कहोगे कि अल्लाह राज़ी है?” कुछ पल के लिए सन्नाटा छा गया। बिलाल ने राख बन चुकी दुकान को देखा। उसकी आँखों में आँसू थे, मगर चेहरे पर शिकवा नहीं था। उसने गहरी साँस ली और धीमी आवाज़ में कहा, “जिसमें मेरा अल्लाह राज़ी… मैं भी राज़ी।” दोस्त झुंझला गया। “यह कैसी बातें करते हो? मेहनत तुम्हारी जली है, नुकसान तुम्हारा हुआ है!” बिलाल ने बस इतना कहा, “शायद मेरे रब को इससे बेहतर कुछ देना हो।” वक़्त गुज़रा। बिलाल ने फिर से छोटी सी जगह किराए पर ली और नया काम शुरू कर दिया। कमाई कम थी, मुश्किलें ज़्यादा थीं, मगर उसके चेहरे पर वही सुकून था। फिर एक और इम्तिहान आया। उसका इकलौता बेटा अचानक बहुत बीमार पड़ गया। तेज़ बुखार, फिर हालत बिगड़ती गई। अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टर ने जाँच के बाद कहा, “हम पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हालत नाज़ुक है। दुआ कीजिए।” उसका दोस्त बाहर बेचैनी से टहल रहा था। उसने बिलाल से कहा, “देखो बिलाल, हर चीज़ में अल्लाह की रज़ा नहीं होती। यह बहुत बड़ा दुख है। इंसान टूट जाता है ऐसे वक्त में।” बिलाल ने अपने बेटे का हाथ पकड़ा, उसकी ठंडी उँगलियों को सहलाया और आसमान की तरफ देखा। उसकी आँखों से आँसू बह रहे थे, मगर आवाज़ में अजीब सा यक़ीन था। उसने कहा, “या अल्लाह, अगर तू राज़ी है तो मैं भी राज़ी। मेरे दिल को सब्र दे।” वह पूरी रात अस्पताल की कुर्सी पर बैठा रहा। कभी दुआ करता, कभी बेटे के माथे पर हाथ रखता। उसके दोस्त की आँखों में डर था, गुस्सा था, सवाल थे। बिलाल की आँखों में दर्द था, लेकिन शिकायत नहीं थी। सुबह फ़ज्र के करीब डॉक्टर तेज़ कदमों से कमरे में आया। उसके चेहरे पर हैरानी थी। उसने कहा, “हमें उम्मीद नहीं थी, लेकिन बच्चे की हालत अचानक संभल रही है। रिस्पॉन्स बेहतर है। यह बहुत अच्छा संकेत है।” दोस्त हैरान रह गया। बिलाल की आँखें भर आईं। वह चुपचाप झुका और सज्दे में चला गया। उसके होंठों पर बस यही था, “तूने मेरी रज़ा को खाली नहीं जाने दिया, मेरे रब।” दिन बीतते गए। बिलाल ने मेहनत जारी रखी। धीरे-धीरे उसका काम बढ़ने लगा। लोग उसकी ईमानदारी की कद्र करने लगे। उसका कारोबार फिर खड़ा हो गया, बल्कि पहले से बेहतर हो गया। दूसरी तरफ उसका दोस्त तेजी से तरक्की कर रहा था, बड़े सौदे कर रहा था, पैसे कमा रहा था, लेकिन उसके दिल में सुकून नहीं था। हर छोटी बात पर गुस्सा, हर मुश्किल पर शिकायत। फिर एक दिन उसके दोस्त को बहुत बड़ा नुकसान हुआ। एक बड़ी डील आखिरी वक्त पर रद्द हो गई। करोड़ों का घाटा। वह टूट गया। उसने गुस्से में कहा, “या अल्लाह, मेरे साथ ही क्यों? मैंने क्या बिगाड़ा है?” उसी रात उसे बिलाल की बातें याद आईं — “जिसमें मेरा अल्लाह राज़ी…” कुछ समय बाद बिलाल शहर के सम्मानित व्यापारियों में गिना जाने लगा। लोग उससे सलाह लेने आते। एक दिन उसका वही दोस्त, थका हुआ, टूटा हुआ, उसके दफ्तर में आया। उसकी आँखों में नमी थी। उसने धीमी आवाज़ में कहा, “मैं हार गया बिलाल। मैं हर वक्त शिकायत करता रहा। जब थोड़ा नुकसान हुआ तो मैं गुस्सा हो गया। जब फायदा हुआ तो घमंड आ गया। तुम हर हाल में कहते रहे कि अल्लाह राज़ी… और शायद इसी वजह से अल्लाह तुमसे राज़ी हो गया।” बिलाल ने उसका कंधा थामा। उसकी आवाज़ नरम थी, मगर बात गहरी थी। उसने कहा, “जब इंसान अल्लाह की मर्ज़ी पर आमीन कह देता है, तो अल्लाह उसे अकेला नहीं छोड़ता। नुकसान भी उसकी तरफ से इम्तिहान होता है, और कामयाबी भी।” उसका दोस्त रो पड़ा। “क्या अब भी देर नहीं हुई?” बिलाल ने मुस्कुराकर कहा, “जब तक साँस है, देर नहीं होती।” आज भी जब लोग बिलाल से उसकी कामयाबी का राज़ पूछते हैं, तो वह बस इतना कहता है, “मैंने कभी अल्लाह से सवाल नहीं किया कि मेरे साथ ऐसा क्यों हुआ। मैंने बस हर हाल में कहा — जिसमें मेरा अल्लाह राज़ी, मैं भी राज़ी। और शायद उसी दिन से मेरी तक़दीर बदलनी शुरू हो गई थी।” याद रखिए… नुकसान वक्ती होता है, लेकिन सब्र हमेशा रंग लाता है। जो इंसान अल्लाह की रज़ा में राज़ी हो जाता है, अल्लाह उसे वहाँ पहुँचा देता है जहाँ वह खुद सोच भी नहीं सकता। जब ज़िंदगी आपको तोड़ने लगे, जब हालात आपके खिलाफ हो जाएँ, तब बस दिल से कहिए — “जिसमें मेरा अल्लाह राज़ी… मैं भी राज़ी।” शायद उसी पल से आपकी कहानी बदलनी शुरू हो जाए।
Default Sample - Azka
آج کی اس ویڈیو میں ہم مکہ کی ایک ایسی کہانی سنائیں گے جو آپ نے پہلے کبھی نہیں سنی ہوگی۔ ہم اسے ایک بہترین اور سینیمیٹک انداز میں پیش کریں گے تاکہ آپ اس عظیم تاریخ کو اپنے سامنے محسوس کر سکیں اور اسے دیکھ سکیں۔
Default Sample - Kallix
حضرت عمر فاروق رضی اللہ عنہ کا عدل و انصاف رہتی دنیا تک ایک بہترین مثال رہے گا۔ آپ اپنی رعایا کی خبر گیری کے لیے اکثر راتوں کو پہرہ دیتے تاکہ کوئی شخص بھوکا نہ سوئے۔ آپ کا پختہ ایمان تھا کہ حکمران اللہ کے سامنے اپنی عوام کے لیے مکمل جوابدہ ہے۔
Default Sample - Fair
सदियों बीत गईं, लेकिन उस शापित जंगल में आज भी उस जादोगर की आहें सुनाई देती हैं। जो भी वहां कदम रखता है, उसे उस चमकते हुए शीशे की तलाश रहती है, ताकि वह उस कैद रूह को फिर से आजाद कर सके और पुरानी शक्तियों को जगा सके।
Default Sample - محمد دياب
الحمد لله الذي هدانا إلى الصراط المستقيم، وجعل في قلوبنا نوراً من الإيمان. فيا أيها الناس، اتقوا ربكم واعملوا صالحاً، فإن في ذلك فلاحاً عظيماً ونجاةً من العذاب الأليم.
Default Sample - Qaum e Aad
आद की कौम को अपनी बेपनाह ताकत और ऊंची इमारतों पर बहुत गुरूर था। वे खुद को दुनिया का सबसे शक्तिशाली समझते थे। लेकिन जब कुदरत की वो तेज़ और ठंडी आंधी चली, तो उनके बड़े-बड़े सुतून और आलीशान महल पल भर में मिट्टी के ढेर बन गए।
Default Sample - Kallixix
Just like an ancient oak, patience deepens within the quiet soil of time. Even when the wild winds howl, a steady spirit reaches for the sun, knowing that every branch tells a story of survival, growth, and the silent strength found in standing firm.
Comment utiliser le générateur de voix Faheem Ahmad
Créez des voix-off professionnelles en 3 étapes simples
Saisissez votre script
Tapez ou collez le texte que vous souhaitez que Faheem Ahmad prononce
- Longueur de texte flexible selon votre plan
- Fonctionne automatiquement en plusieurs langues
Générer l'audio
Cliquez sur générer pour entendre la voix de Faheem Ahmad donner vie à votre texte
- Résultats de qualité studio en quelques secondes
- 100% gratuit à essayer • Aucune carte bancaire requise
8+ créateurs ont utilisé cette voix
Ouvrir le Playground avancé
Cliquez sur le bouton « Utiliser la voix » pour débloquer des fonctionnalités puissantes :
- Longueur de texte étendue
- Ajustez finement la vitesse, le ton et l'émotion
- Téléchargez dans plusieurs formats (MP3, WAV)
- Enregistrer dans la bibliothèque et droits d'utilisation commerciale
Prêt à créer du contenu professionnel avec Faheem Ahmad ?
Rejoignez des milliers de créateurs qui utilisent des voix IA pour des vidéos, des podcasts et plus encore