बाइबल में दाऊद ने दो प्राणियों को मारा जो उसके भेड़ों को मरने नष्ट करने के लिए आते थे। पहला प्राणी है भालू और दूसरा है शेर।
शेर और भालू दो प्रकार के स्वभाव या आदतों को दर्शाते। उस से हन मसीह जीवन में दो बातों सीख सकते हैं कि मसीह लोगों को भी दो जानवरों को अपने अंदर से मारना। पहले भालू जो आलस को दर्शाता है जो ज्यादा पेटूपन को दर्शाता है। यदि विश्वासी के जीवन में आलस है पेटूपन है तो वह उपवास नहीं कर पाएगा प्रभु से संगति नहीं कर पाएगा प्रभु के काम को आलस से करेगा। और दूसरा ही शेर जी हां शेर क्रोध को और खुद के वर्चस्व को दिखता है जब तक विश्वासी के जीवन में क्रोध है वह प्रभु में कभी भी प्रसन्न नहीं कर सकता है। हमें क्रोध को मारना है और खुद के वर्चस्व अर्थात मैं पन की इस भावना को इस अभिमांन को प्रभु के आगे देना है और प्रभु का क्रूस उठा के आगे बढ़ाना है। तभी हम गोलियत को मार पाने की गवाही अपने जीवन में दे पाएंगे
प्रिय भाइयों और बहनों, परमेश्वर की कृपा से आप सभी का जीवन धन्य होगा। जब आप प्रार्थना में समय बिताएंगे, तो आपको परमेश्वर की उपस्थिति महसूस होगी। वह आपके जीवन में अद्भुत कार्य करेगा और आपको आशीर्वाद देगा।