Abdullahi AIボイスジェネレーター by Fish Audio
1+人のクリエイターに信頼されるAbdullahiボイスを生成。AIテキスト読み上げでhigh-qualityの音声を作成。
サンプル - Abdullahi
音声の品質と多様性を示すサンプル生成を聴く
Default Sample
サンプル 1
Asalamu alaikum warahmatullah. Allahe muna dikuna saha watana. Patron alaipi ya huu njira. Ageda tijarabu wani panari wa. Allahe barakamu chi ina gejus. Asalamu alaikum.
Default Sample
Hey there watching you sleep sometimes maybe. Blood tastes different when you're scared haha just kidding well not really. Don't look behind the curtains tonight, I might something there waiting oops forgot to finish that thought.
Default Sample
राम राम भाई सबको, क्या हाल चाल? और सब कुछ बढ़िया ना? आज आपका भाई आदित्य स्वामी जा रहा है बाहर कुछ मस्त खाने। जय श्री राम, जय श्री राम! आप लोग बताओ क्या कर रहे हो? बस ऐसे ही प्यार बनाए रखो भाई लोग, टाटा बाय बाय, जय श्री राम!
Sample Transcriptions
Default Sample - サンプル 1
Asalamu alaikum warahmatullah. Allahe muna dikuna saha watana. Patron alaipi ya huu njira. Ageda tijarabu wani panari wa. Allahe barakamu chi ina gejus. Asalamu alaikum.
Default Sample - Idfk
Hey there watching you sleep sometimes maybe. Blood tastes different when you're scared haha just kidding well not really. Don't look behind the curtains tonight, I might something there waiting oops forgot to finish that thought.
Default Sample - Adityaswami
राम राम भाई सबको, क्या हाल चाल? और सब कुछ बढ़िया ना? आज आपका भाई आदित्य स्वामी जा रहा है बाहर कुछ मस्त खाने। जय श्री राम, जय श्री राम! आप लोग बताओ क्या कर रहे हो? बस ऐसे ही प्यार बनाए रखो भाई लोग, टाटा बाय बाय, जय श्री राम!
Default Sample - anu maam
তোমার প্রজেক্টের ফাইলগুলো ভালোভাবে চেক করে দেখো। প্রথমে কোড স্ট্রাকচার বুঝে নাও, তারপর ডেটা স্ট্রাকচার দেখো। এভাবে ধীরে ধীরে এগুলে সমস্যা সমাধান করতে পারবে।
Default Sample - mahtab
Standing as a testament to America's industrial revolution, the Vanderbilt mansion in Hyde Park exemplifies the stark contrast between industrial magnates and common workers. This 54-room Beaux-Arts masterpiece, completed in 1899, represents the culmination of America's greatest period of wealth concentration.
Default Sample - mahir
রাতের শেষে আমি একা বসে থাকি, চাঁদের আলোয় ভেসে যায় মন। প্রতিটি মুহূর্তে তোমার কথা ভাবি, যেন বাতাসে মিশে আছে তোমার স্পর্শ। এই নিঃশব্দতায় শুধু তোমার নাম জপি।
Default Sample - '',,,,
今天吃飯了沒 吃飯了沒 我還在等他們回來喔 穿著衣服在等 等太久了 他們說要回來的 什麼時候要回來啊 我都吃飽了 他們還沒回來 還要等多久啊 是不是要等到明天
Default Sample - madina
तुम्हारी दोस्ती भी कमाल की है, एक तरफ प्यार की बातें करते हो और दूसरी तरफ धोखा देते हो। सच्चाई तो यह है कि तुम्हारी बातों में दम नहीं है, सिर्फ दिखावा है।
Default Sample - Adityaswami
Sitaram, Sitaram, Sitaram, Raja Ram, Raja Ram, Raja Ram, Ram, Ram, Ram, Sitaram, Sitaram, Sitaram, Raja Ram, Raja Ram, Raja Ram, Ram, Ram, Ram, Sitaram, Sitaram, Sitaram, Raja Ram, Raja Ram, Raja Ram, Ram, Ram, Ram, Sitaram, Sitaram, Sitaram, Raja Ram, Raja Ram.
Default Sample - Mama
Nak pergi pasar dulu ya, Bang? Beli sayur lima ikat, ikan dua ekor. Kalau ada mangga yang manis tu, ambil tiga biji lah. Nanti kita masak untuk makan malam, kan? Di warung Pak Ali tu.
Default Sample - Mama
Nak makan dulu ya? Ada nasi goreng sama ayam di dapur tu. Kalau mahu beli apa-apa di warung, Bang sudah pergi ke sana kan? Lima ribu saja lah, cukup untuk jajan. Mahu pergi sama Mama?
Default Sample - Bilal
Bilal Bilal Edit Model 0 Uses 0 Shares 0 Likes 0 Saved by अगर आपकी पूरी दुनिया एक ही पल में बिखर जाए… अगर आपकी आँखों के सामने आपकी मेहनत, आपका सहारा, आपकी उम्मीद सब राख बन जाए… तो क्या आप फिर भी कह पाएँगे — “जिसमें मेरा अल्लाह राज़ी, मैं भी राज़ी”? यह कहानी है दो दोस्तों की। एक का नाम था बिलाल। दूसरा उसका बचपन का साथी था। दोनों ने साथ खेला, साथ बड़े हुए, साथ कारोबार शुरू किया। लेकिन दोनों की सोच अलग थी। बिलाल की ज़ुबान पर हर वक़्त एक ही जुमला रहता था — “जिसमें मेरा अल्लाह राज़ी, मैं भी राज़ी।” उसका दोस्त अक्सर हँस देता और कहता, “यार बिलाल, हर बात में अल्लाह की रज़ा मत ढूँढा करो। नुकसान, नुकसान होता है। दर्द, दर्द होता है।” बिलाल बस मुस्कुरा देता। उसकी मुस्कुराहट में अजीब सा सुकून होता था। एक रात बाज़ार में अचानक आग लग गई। पहले धुआँ उठा, फिर लपटें आसमान को छूने लगीं। लोग चीख रहे थे, भाग रहे थे, पानी फेंक रहे थे, लेकिन आग किसी की नहीं सुन रही थी। उसी बाज़ार में बिलाल की छोटी सी दुकान भी थी। कुछ ही मिनटों में उसकी सालों की मेहनत जलकर राख हो गई। लोग उसके पास आए, कोई अफसोस कर रहा था, कोई सिर पकड़कर बैठ गया। उसका दोस्त दौड़ता हुआ आया, जलती हुई दुकान को देखा और गुस्से में बोला, “सब खत्म हो गया बिलाल! अब क्या करोगे? अब भी कहोगे कि अल्लाह राज़ी है?” कुछ पल के लिए सन्नाटा छा गया। बिलाल ने राख बन चुकी दुकान को देखा। उसकी आँखों में आँसू थे, मगर चेहरे पर शिकवा नहीं था। उसने गहरी साँस ली और धीमी आवाज़ में कहा, “जिसमें मेरा अल्लाह राज़ी… मैं भी राज़ी।” दोस्त झुंझला गया। “यह कैसी बातें करते हो? मेहनत तुम्हारी जली है, नुकसान तुम्हारा हुआ है!” बिलाल ने बस इतना कहा, “शायद मेरे रब को इससे बेहतर कुछ देना हो।” वक़्त गुज़रा। बिलाल ने फिर से छोटी सी जगह किराए पर ली और नया काम शुरू कर दिया। कमाई कम थी, मुश्किलें ज़्यादा थीं, मगर उसके चेहरे पर वही सुकून था। फिर एक और इम्तिहान आया। उसका इकलौता बेटा अचानक बहुत बीमार पड़ गया। तेज़ बुखार, फिर हालत बिगड़ती गई। अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टर ने जाँच के बाद कहा, “हम पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हालत नाज़ुक है। दुआ कीजिए।” उसका दोस्त बाहर बेचैनी से टहल रहा था। उसने बिलाल से कहा, “देखो बिलाल, हर चीज़ में अल्लाह की रज़ा नहीं होती। यह बहुत बड़ा दुख है। इंसान टूट जाता है ऐसे वक्त में।” बिलाल ने अपने बेटे का हाथ पकड़ा, उसकी ठंडी उँगलियों को सहलाया और आसमान की तरफ देखा। उसकी आँखों से आँसू बह रहे थे, मगर आवाज़ में अजीब सा यक़ीन था। उसने कहा, “या अल्लाह, अगर तू राज़ी है तो मैं भी राज़ी। मेरे दिल को सब्र दे।” वह पूरी रात अस्पताल की कुर्सी पर बैठा रहा। कभी दुआ करता, कभी बेटे के माथे पर हाथ रखता। उसके दोस्त की आँखों में डर था, गुस्सा था, सवाल थे। बिलाल की आँखों में दर्द था, लेकिन शिकायत नहीं थी। सुबह फ़ज्र के करीब डॉक्टर तेज़ कदमों से कमरे में आया। उसके चेहरे पर हैरानी थी। उसने कहा, “हमें उम्मीद नहीं थी, लेकिन बच्चे की हालत अचानक संभल रही है। रिस्पॉन्स बेहतर है। यह बहुत अच्छा संकेत है।” दोस्त हैरान रह गया। बिलाल की आँखें भर आईं। वह चुपचाप झुका और सज्दे में चला गया। उसके होंठों पर बस यही था, “तूने मेरी रज़ा को खाली नहीं जाने दिया, मेरे रब।” दिन बीतते गए। बिलाल ने मेहनत जारी रखी। धीरे-धीरे उसका काम बढ़ने लगा। लोग उसकी ईमानदारी की कद्र करने लगे। उसका कारोबार फिर खड़ा हो गया, बल्कि पहले से बेहतर हो गया। दूसरी तरफ उसका दोस्त तेजी से तरक्की कर रहा था, बड़े सौदे कर रहा था, पैसे कमा रहा था, लेकिन उसके दिल में सुकून नहीं था। हर छोटी बात पर गुस्सा, हर मुश्किल पर शिकायत। फिर एक दिन उसके दोस्त को बहुत बड़ा नुकसान हुआ। एक बड़ी डील आखिरी वक्त पर रद्द हो गई। करोड़ों का घाटा। वह टूट गया। उसने गुस्से में कहा, “या अल्लाह, मेरे साथ ही क्यों? मैंने क्या बिगाड़ा है?” उसी रात उसे बिलाल की बातें याद आईं — “जिसमें मेरा अल्लाह राज़ी…” कुछ समय बाद बिलाल शहर के सम्मानित व्यापारियों में गिना जाने लगा। लोग उससे सलाह लेने आते। एक दिन उसका वही दोस्त, थका हुआ, टूटा हुआ, उसके दफ्तर में आया। उसकी आँखों में नमी थी। उसने धीमी आवाज़ में कहा, “मैं हार गया बिलाल। मैं हर वक्त शिकायत करता रहा। जब थोड़ा नुकसान हुआ तो मैं गुस्सा हो गया। जब फायदा हुआ तो घमंड आ गया। तुम हर हाल में कहते रहे कि अल्लाह राज़ी… और शायद इसी वजह से अल्लाह तुमसे राज़ी हो गया।” बिलाल ने उसका कंधा थामा। उसकी आवाज़ नरम थी, मगर बात गहरी थी। उसने कहा, “जब इंसान अल्लाह की मर्ज़ी पर आमीन कह देता है, तो अल्लाह उसे अकेला नहीं छोड़ता। नुकसान भी उसकी तरफ से इम्तिहान होता है, और कामयाबी भी।” उसका दोस्त रो पड़ा। “क्या अब भी देर नहीं हुई?” बिलाल ने मुस्कुराकर कहा, “जब तक साँस है, देर नहीं होती।” आज भी जब लोग बिलाल से उसकी कामयाबी का राज़ पूछते हैं, तो वह बस इतना कहता है, “मैंने कभी अल्लाह से सवाल नहीं किया कि मेरे साथ ऐसा क्यों हुआ। मैंने बस हर हाल में कहा — जिसमें मेरा अल्लाह राज़ी, मैं भी राज़ी। और शायद उसी दिन से मेरी तक़दीर बदलनी शुरू हो गई थी।” याद रखिए… नुकसान वक्ती होता है, लेकिन सब्र हमेशा रंग लाता है। जो इंसान अल्लाह की रज़ा में राज़ी हो जाता है, अल्लाह उसे वहाँ पहुँचा देता है जहाँ वह खुद सोच भी नहीं सकता। जब ज़िंदगी आपको तोड़ने लगे, जब हालात आपके खिलाफ हो जाएँ, तब बस दिल से कहिए — “जिसमें मेरा अल्लाह राज़ी… मैं भी राज़ी।” शायद उसी पल से आपकी कहानी बदलनी शुरू हो जाए।
Default Sample - Bhai
حضور اکرم صلی اللہ علیہ وسلم نے فرمایا کہ نماز مومن کی معراج ہے۔ الحمدللہ، ہم آپ کو نماز کی اہمیت کے بارے میں بتاتے ہیں۔ جو شخص پانچ وقت کی نماز کی پابندی کرتا ہے، اس کے لیے جنت کے دروازے کھل جاتے ہیں۔
Abdullahi音声ジェネレーターの使い方
3つの簡単なステップでプロフェッショナルなボイスオーバーを作成
音声を生成
生成をクリックすると、Abdullahiの音声があなたのテキストに命を吹き込みます
- 数秒でスタジオ品質の結果
- 100%無料で試せる・クレジットカード不要
1人以上のクリエイターがこの音声を使用
高度なPlaygroundを開く
「ボイスを使用」ボタンをクリックして強力な機能を解放:
- 拡張テキスト長
- 速度、ピッチ、感情の微調整
- 複数のフォーマットでダウンロード(MP3、WAV)
- ライブラリに保存と商用利用権
Abdullahiでプロフェッショナルなコンテンツを作成する準備はできましたか?
動画、ポッドキャスト、その他のコンテンツにAI音声を使用している数千人のクリエイターに参加