क्या आप जानते हैं कि रतन टाटा ने करोड़ों की डील सिर्फ इसलिए ठुकरा दी क्योंकि वो भारत की respect को ज्यादा मानते हैं? ये कहानी है उस शख्स की, जो सिर्फ बिज़नेस नहीं, देशभक्ति भी करता है।"
"28 December 1937 को जन्मे रतन टाटा, टाटा ग्रुप के founder जमशेदजी टाटा के परिवार से हैं। लेकिन उनका बचपन आसान नहीं था — उनके माता-पिता का Divorce हो गया था।
रतन टाटा ने अमेरिका के कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से आर्किटेक्चर की पढ़ाई की और हार्वर्ड से मैनेजमेंट सीखा।
"1991 में जब रतन टाटा चेयरमैन बने, तब कई लोग मानते थे कि वो सफल नहीं होंगे। लेकिन उन्होंने Tata Tea, Tata Motors, Tata Steel और Tata Salt जैसी कंपनियों को international level तक पहुंचा दिया।"
"रतन टाटा की dream थी– एक आम इंसान भी कार चला सके।
इसलिए उन्होंने दुनिया की सबसे सस्ती कार 'Tata Nano' लॉन्च की, जिसकी कीमत मात्र 1 लाख रुपये रखी गई। ये सिर्फ एक कार नहीं थी, ये था भारत के गरीबों के लिए सम्मान।
"1999 में, Tata Motors को Ford कंपनी ने खरीदी के लिए बुलाया।
Ford के चेयरमैन ने कहा – 'अगर तुम्हें गाड़ी बनानी नहीं आती तो ये बिज़नेस क्यों करते हो?'
पर 2008 में रतन टाटा ने Ford की Jaguar और Land Rover को ही खरीद लिया – और वो भी तब, जब Ford बर्बादी की कगार पर थ
"रतन टाटा कभी की अमीरों की लिस्ट में नहीं आते – क्योंकि उन्होंने अपनी 60% से ज़्यादा संपत्ति दान कर दी है।
वो कहते हैं – 'मैं चाहता हूँ कि भारत एक महान देश बने, न कि मैं एक महान आदमी कहलाऊं।'
क्या आप ऐसे इंसान को सलाम नहीं करेंगे?"
आज मैं आपको बताऊंगा दुनिया की सबसे तेज ट्रेन बुलेट ट्रेन के बारे में। जापान की यह ट्रेन 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है। इसकी लंबाई 400 मीटर है और एक बार में 1,300 यात्री सफर कर सकते हैं। अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी तो लाइक और शेयर जरूर करें।