Shan
Sehan 4u에 의해अगर कभी तुम मुंबई लोकल में आख़िरी ट्रेन के बाद फंस जाओ,
स्टेशन सुनसान लगेगा,
डिजिटल घड़ी चलती रहेगी, लेकिन कोई अनाउंसमेंट नहीं होगा।
ट्रेन के डिब्बे खुले रहेंगे, जैसे वो सिर्फ तुम्हारा इंतज़ार कर रहे हों।
अगर सुबह तक सुरक्षित उतरना चाहते हो, तो ये नियम याद रखना।
⚠️ नियम
नियम एक: अगर तुम चढ़े और देखा कि पंखे घूम रहे हैं जबकि बिजली नहीं है, तो चुपचाप बैठ जाओ। ऊपर मत देखना। वो बिजली से नहीं चल रहे।
नियम दो: कभी-कभी तुम्हें आवाज़ सुनाई देगी, भले ही डिब्बा खाली लगे। जवाब मत देना। अगर दिया, तो खिड़की से हाथ अंदर आएँगे और वो हाथ छोड़ेंगे नहीं।
नियम तीन: अगर ट्रेन ऐसे स्टेशन से गुज़रे जहाँ कोई नेम बोर्ड न हो और न ही रोशनी, तो आँखें बंद कर लो। अगर देखते रहे, तो प्लेटफार्म पर अजीब आकृतियाँ तुम्हें हाथ देकर बुलाएँगी। मत उतरना, वो मुसाफिर नहीं हैं।
नियम चार: अगर सामने कोई बैठा दिखे, वो आम इंसान जैसा लगेगा। लेकिन अगर उसने पलक न झपकाई हो और उसके पैर ज़मीन तक न पहुँचते हों, तो उससे बात मत करना। वह तुमसे बहुत पहले से इस ट्रेन में सफर कर रहा है।
🚉 सुबह का नियम
और याद रखना, जैसे ही सूरज निकलेगा, ट्रेन एक भीड़-भरे प्लेटफार्म पर धीमी होगी।
तुरंत उतर जाना।
अगर हिचकिचाए और मौका खो दिया, तो यह ट्रेन फिर कभी नहीं रुकेगी, न तुम्हारे लिए, न किसी और के लिए।
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