हिंदी कथावाचक
Hal Gal에 의해इस वक्त वे अपनी कार के अंदर हजारों नहीं बल्कि लाखों मौत जैसी डंक मारने वाली मधुमक्खियों से घिरी हुई थी अभी कुछ ही पल पहले एक मधुमक्खियों से भरा ट्रक अचानक ब्रेक लगने के बाद फिसलता हुआ उनकी कार के सामने आकर टकराया था ट्रक के झुकते ही उसमें भरी मधुमक्खियां झुंड बनाकर बाहर निकल पड़ी मां बेटी कुछ समझ पाती उससे पहले उन्होंने खौफनाक नजारा देखा ट्रक का ड्राइवर मधुमक्खियों के हमले से बचने के लिए कार के शीशों पर बेतहाशा हाथ मार रहा था लेकिन कुछ ही सेकंड में वह जमीन पर बेहोश होकर गिर पड़ा उधर और भी मधुमक्खियां उनकी कार के शीशों से चिपकने लगी मानो अगले ही पल मां बेटी को निगल जाएंगी पूरी कार एक चलते फिरते छत्ते में बदल चुकी थी मां ने तुरंत इमरजेंसी कॉल मिलाई लेकिन तभी कुछ मधुमक्खियां ऐसी के इवेंट से घुसाई, वेंट बंद करने के बावजूद वे रुक नहीं पाई और सीथे लड़की की तरफ बढ़ने लगी, मां उसे बिल्कुल शांत रहने और हिलने डुलने से मना करती रही, तभी एक मधुमक्खी उसके चेहरे पर आकर रेंगने लगी और उसकी आंख की तरफ बढ़ने लगी, डर के मारे लड़की खुद को रोक नहीं पाई और उसने एक थप्पड़ मारकर उसे कुचल दिया, लेकिन उसी पल उसका डंक उसकी नाजुक त्वचा में धस गया, मधुमक्खियों के जहर से एलर्जी होने की वजह से लड़की की सांसें तेजी से बिगड़ने लगी, सौभाग्य से मां के बैग में एपिनेफ्रिन इंजेक्शन मौजूद था, बेटी की जान बचाने की जल्दबाजी में मां ने तुरंत उसकी जांग में इंजेक्शन लगा दिया और कुछ ही क्षणों में उसकी हालत संभलने लगी, लेकिन राहत की सांस लेते ही मां की गर्दन पर भी एक मधुमक्खी ने डंक मार दिया, वह इंजेक्शन इस्तेमाल कर पाती, उससे पहले ही बेहोश होकर गिर पड़ी, यह देखकर बेटी ने हिम्मत जुटाई. इंजेक्शन उठाया और कांपते हाथों से मां को लगा दिया, कुछ ही सेकंड में मां की सांसें सामान्य होने लगी, आखिरकार दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे और उन्होंने कार पर विशेष धुआं छोड़ा, थुए के असर से मधुमक्खियों का विशाल झुंड ऊपर हवा में फैल गया, मौका मिलते ही बचाव दल ने मां बेटी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, मौत उनके बिल्कुल सामने खड़ी थी, लेकिन आखिरकार दोनों उसकी गिरफ्त से बच निकली,