लोग कहते हैं — ये दुनिया बहुत मुश्किल है…
पर मैं कहता हूँ — मुश्किल नहीं है ये… ये तो एक ज़हर भरा मौका है… जिसको पीकर हीरो बनते हैं!
सफलता!
भाग्य से नहीं मिलती, मेरे दोस्त…
ये मिलती है आग से — मेहनत की आग से!
सबसे पहला काम — खुद पर भरोसा रखो!
अगर तुम ही अपनी ताक़त नहीं पहचानते, तो और कोई क्यों मानेगा तुम्हें?
हार मिले? हाँ मिलेगी!
तो? सीखो!
रोने का टाइम नहीं है! रुकने का मतलब — गेम ओवर!
हर दिन, हाँ हर एक दिन — कुछ नया सीखो!
यही असली तरक्की है!
यही असली एक्सपेरिमेंट है!
जो हर दिन थोड़ा-थोड़ा आगे बढ़ता है…
वो ही फाइनल बॉस बनता है इस गेम का!
याद रखो — बड़ा बनना है? तो बड़ों जैसा सोचना पड़ेगा!
सपने देखो!
बड़े, पागलपन वाले, दुनिया हिला देने वाले!
क्योंकि जो लोग सपने देखते हैं… वही लोग इतिहास की लैब में अमर हो जाते हैं!
मेहनत करने वालों की हार?
असंभव!
रुकावटें आएँगी, हँसी उड़ेगी…
लेकिन तुम रुकना? ना!
तुम तो परमाणु हो — फट जाओ, उड़ जाओ, लेकिन झुको मत!
कोई रास्ता नहीं?
तो नया रास्ता बनाओ!
एक एक्सपेरिमेंट करो… और फिर उसे ब्लास्ट करो!
अपने जैसे लोगों के साथ रहो — जो तुम्हें गिराने नहीं,
तुम्हें उड़ाने की सोच रखते हों!
कोई साथ ना दे?
तो खुद अपने लिए तूफान बन जाओ!
याद रखो —
सफलता कोई मंज़िल नहीं…
ये हर दिन की छोटी-छोटी जीतों का न्यूक्लियर रिज़ल्ट है!
और अब… अब वक़्त है…
कुछ नया करने का… खुद को बदलने का… और दुनिया को हिला देने का!
आजकल लोग real life में एक दूसरे से बात नहीं करते, लेकिन social media पर हर minute update देते हैं। कैसा time आ गया है, जहाँ virtual दुनिया real से ज्यादा important हो गई है?