बहुत समय पहले की बात है। एक घने वन में एक साधु अपनी पर्णकुटी में निवास करते थे। वे अत्यंत शांत, दयालु और निस्वार्थ भाव से जीवन व्यतीत करते थे। उनका जीवन ईश्वर की भक्ति और मानव सेवा में समर्पित था। वे प्रतिदिन ध्यान, साधना और सेवा में लीन रहते थे। उनके पास आने वाले दुखी और पीड़ित लोगों को वे स्नेहपूर्वक सहायता प्रदान se करते थे।
एक दिन, भगवान उनकी भक्ति और सेवा से प्रसन्न होकर एक देवदूत को उनके पास भेजते हैं। देवदूत साधु के पास आकर कहते हैं, "हे महात्मन, भगवान आपकी भक्ति और सेवा से अत्यंत प्रसन्न हैं। वे आपको कोई वरदान देना चाहते हैं। कृपया आप कोई शक्ति स्वीकार करें।"
साधु विनम्रता से उत्तर देते हैं, "हे देव, भगवान मुझ पर प्रसन्न हैं, यही मेरे लिए सबसे बड़ा वरदान है। मुझे कोई शक्ति नहीं चाहिए। मैं परमेश्वर के विधान में कोई हस्तक्षेप नहीं करना चाहता।"
देवदूत पुनः आग्रह करते हैं, "तो आप दुष्टों को सद्मार्ग पर लाने की शक्ति ग्रहण करें।"
साधु फिर से मना करते हैं, "पापियों को सद्मार्ग पर लाना आप जैसे देवदूतों का कार्य है। मैं केवल ईश्वर की भक्ति और सेवा में लीन रहना चाहता हूँ।"
देवदूत आश्चर्यचकित हो जाते हैं और कहते हैं, "हे महात्मन, आपने तो मुझे बड़े संकट में डाल दिया है। ईश्वर की आज्ञानुसार मैं आपको कोई शक्ति दिए बिना वापस स्वर्ग नहीं लौट सकता। कृपया आप कोई न कोई शक्ति अवश्य स्वीकार करें।"
साधु कुछ देर तक विचारमग्न रहते हैं, फिर कहते हैं, "ठीक है, अगर आप मुझे शक्ति देना ही चाहते हैं, तो यह वरदान दीजिए कि भगवान मुझसे जो भी शुभ कर्म करवाना चाहते हैं, वे होते चले जाएँ। मैं जहाँ से भी गुजरूँ, वहाँ पर लोग रोगमुक्त होते चले जाएँ।"
देखो यार, मैंने एक नया तरीका खोजा है अपने यूट्यूब चैनल को बढ़ाने का। आप एक प्लेलिस्ट बनाओ, उसमें अपनी सारी वीडियो डालो, और फिर उसको शेयर करो। इससे व्यूज भी बढ़ेंगे और सब्सक्राइबर्स भी। मैं कह रहा हूं, यह ट्रिक काम करेगी।