Prasad's Gita Zone श्रीमद भगवत गीता, अध्याय 1. Narrated by Shailen....
क्या विशेष है इस गीता में?
गीता में अगर कुछ विशेष है तो वह है
श्रीकृष्ण।
बाकी हम सब निमित्त है, साधन है, लेकिन यह मेरा खास प्रयास है कि हमारे आज के जमाने में यह ग्रंथ हमें
रास्ता दिखाए।
आसानी से गीता को हम सब समझ पाए।
और अपने रोज़मर्रा के जीवन में इसका उपयोग कर पाए।
वैसे गीता के बारे में बहुत कुछ कहा गया है, सुना गया है शायद ही कोई ऐसा धर्म ग्रन्थ होगा जिसपर इतना
लिखा गया।
ऐसा क्या खास है गीता में?
कि समय समय पर यह और भी आवश्यक और मार्गदर्शक भी होती जा रही है।
एकदम साधारण भाषा में अगर कहे तो भगवद्गीता एक उत्तर है।
गीता एक उत्तर है दुनिया के हर प्रश्न का।
जीवन से जुड़ा ऐसा कोई प्रश्न नहीं
जिसका के उत्तर श्रीकृष्ण भागवत गीता में नहीं देते।
हमारे
तरह का आवेदन, किसी भी तरह की दुविधा हो, दुनिया के हर धर्म संकट, हर डाइलेमा का उत्तर है।
गीता?
भगवद गीता में 18 अध्याय हैं और हर
अध्याय में वेदों और उपनिषदों का सार है।
अरे भाई इसे आप वेद या उपनिषद समझ करके डरिये गा मत, ये मत
सोचिये की ये हमारी और आपकी
समस्या दूर है।
इसके हर अध्याय हर श्लोक में आप
अपने आप को अर्जुन समझिए क्योंकि
अर्जुन की हर शंका, उसका हर डर, हर
समस्या।
वैसे देखा जाए तो हमारी ही परेशानी है।
और हर परेशानी का हल बता रहे हैं
श्रीकृष्ण।
कृष्णा को सिर्फ अर्जुन का सारथी मत
मानियेगा उन्हें अपने जीवन का सारथी
भी मानियेगा।
उनके कहे अनुसार अगर हम और आप चलेंगे।
गरीब परिवार की एक माँ अपने बच्चों को देख रही है। वह सोचती है, आज फिर से चूल्हा नहीं जलेगा। पड़ोसी आकर कहती है, मैं कुछ आटा और दाल लाई हूँ, आप इसे स्वीकार करें।