धन्यवाद सर मेरी बार को ध्यान में रखने के लिए
लेकिन तब बात योग्यता की बिल्कुल नहीं थी। संस्था की ओर से जॉइनिंग समय को लेकर जो निर्णय लिया गया था,
वह उनकी तत्काल आवश्यकता के अनुसार था समय पर ज्वाइन करने से संबंधित था। मेरी व्यक्तिगत परिस्थितियों के कारण मैंने अपनी मनचाही तिथि पर जॉइन करने का अनुरोध किया था, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सका। इसी कारण मैं आगे जारी नहीं रख पाया। इसमें किसी भी प्रकार से योग्यता का प्रश्न नहीं था। *गिल्ट आज भी है कि संस्था का हिस्सा नहीं हूं* जबकि प्रारंभ में हर परिस्थिति के प्रतिकूल सेवा देने में हर दिन नई ऊर्जा के साथ समर्पण और सेवा भाव के साथ योगदान देने का छोटा सा प्रयास किया था
बात योग्यता की थी ही नहीं , बल्कि
अवकाश तिथि से ज्यादा आगे तक बिना सूचना के छुट्टी ली और दोबारा जॉइनिंग की तिथि को लेकर समय की आवश्यकता के कारण सहमति नहीं बन पाई। इसलिए मैं आगे जारी नहीं रख सका।
मेरे निशब्द होने के बाद लोग के बीच क्या खबर आई ये हमें नहीं पता
सरकार केवल चुनावी फायदों के लिए विज्ञापनों का सहारा ले रही है, जबकि ज़मीनी हकीकत कुछ और ही है। युवाओं के भविष्य के साथ खेली जा रही इस राजनीति को समझना बहुत ज़रूरी है। जब तक सिस्टम में पारदर्शिता नहीं आएगी, अभ्यर्थियों का संघर्ष इसी तरह जारी रहेगा।