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Sameer Meen에 의해भाईयो और बहनो सुनो ध्यान से, आज मैं तुम्हें बताने जा रहा हूँ उस दिन की बात जो आने वाला है 6 नवंबर, हाँ वही 6 नवंबर, जिस दिन का इंतज़ार पूरे साल लोग करते हैं क्योंकि ये दिन इतना शुभ, इतना पवित्र और इतना फलदायी होता है कि जो इंसान इस दिन सच्चे मन से पूजा करता है, श्रद्धा से भक्ति करता है, उसके जीवन से दरिद्रता, रोग, कलह और बाधा सब खत्म हो जाते हैं और सुख, समृद्धि, प्रेम और लक्ष्मी कृपा खुद चलकर घर में आ जाती है, लेकिन याद रखना इस दिन का प्रभाव तभी मिलेगा जब तुम पूरे मन से, पूरे भाव से और पूरा कर्म करके सुनोगे, क्योंकि जो लोग बीच में छोड़ देते हैं, जो अधूरी बात सुनते हैं, उन्हें अधूरा फल ही मिलता है, इसीलिए बोल देता हूँ शुरू में — अगर आज की ये पूरी बात तुमने दिल से सुनी और आख़िर तक जुड़े रहे, तो 6 नवंबर तुम्हारे जीवन का सबसे बड़ा भाग्यदायक दिन बन जाएगा, और अगर बीच में छोड़ दिया, ध्यान नहीं दिया, तो मान लो तुम्हारा सौभाग्य अधूरा रह जाएगा, अब सुनो, ये 6 नवंबर का दिन इतना खास क्यों है, क्योंकि इस दिन तीन-तीन देवशक्तियाँ एक साथ धरती पर आती हैं — माँ लक्ष्मी जो धन और समृद्धि की देवी हैं, छठ मईया जो संतान, स्वास्थ्य और सूर्य की कृपा देती हैं, और भैरव बाबा जो डर, बाधा, नजर और शत्रुओं को मिटा देते हैं, और साथ में भोलेनाथ की कृपा इस दिन हर घर पर रहती है, यानी ये पूरा दिन एक शक्तिशाली संगम बन जाता है, अब ज़रा सोचो जब लक्ष्मी की कृपा, सूर्य की ऊर्जा और शिव की छाया एक साथ किसी इंसान पर आती है तो वो जीवन से हार नहीं सकता, इसलिए इस दिन को कोई साधारण दिन मत समझना, ये वो दिन है जो गरीब को राजा बना सकता है, और जिसके घर में रुकावट है वहाँ दरवाज़े खुद खुलने लगते हैं, और ये जो मैं बोल रहा हूँ इसे मज़ाक मत समझना, ये दिन सिर्फ पूजा का नहीं, बल्कि अपने भाग्य को जगाने का दिन है, इसलिए इस दिन अगर तुमने थोड़ा भी श्रद्धा और संयम दिखाया तो आने वाले बारह महीने तक घर में खुशियाँ टिकेंगी, अब देखो सबसे पहले क्या करना है, सुबह सूरज निकलने से पहले उठो और हाथ जोड़कर अपने करों का दर्शन करो, मन में बोलो कराग्रे वसते लक्ष्मी, करमध्ये सरस्वती, करमूले तु गोविंद, प्रभाते करदर्शनम्, इतना बोलने से ही उस दिन की शुरुआत शुभ हो जाती है, फिर स्नान करके घर की सफ़ाई करो, झाड़ू को उल्टा मत रखना, दरवाज़े पर कूड़ा मत छोड़ना, क्योंकि माँ लक्ष्मी वहाँ नहीं आती जहाँ गंदगी और कलह रहती है, फिर पीले कपड़े पहन लो, माथे पर हल्दी का तिलक लगाओ, और घर के उत्तर-पूर्व कोने में एक दीपक जलाओ, दीपक में घी डालो और 11 तुलसी के पत्ते रख दो, फिर मन में चुपचाप बोलो “ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः” और माँ से कहो माँ मुझे धन नहीं, धन का सदुपयोग करने की बुद्धि दो, देखना तुम्हारी हर इच्छा धीरे-धीरे साकार होने लगेगी, फिर जब सूरज थोड़ा ऊपर आए तो छठ मईया की तरफ ध्यान लगाओ, क्योंकि 6 नवंबर को ही छठ पूजा का खरना होता है, उस दिन जो भी महिला या पुरुष श्रद्धा से खरना का प्रसाद बनाता है न, उस पर मईया की कृपा बरसती है, खरना का मतलब होता है आत्मा की शुद्धि, पूरे दिन व्रती निराहार रहती हैं और शाम को जब गुड़ और चावल का प्रसाद बनता है, तो वो सिर्फ भोजन नहीं, बल्कि आशीर्वाद होता है, उस समय अगर तुमने भी एक दीपक जला दिया, सूर्य देव को जल चढ़ा दिया और मन में कहा “ॐ सूर्याय नमः” तो छठ मईया तुम्हारे घर की हर परेशानी मिटा देंगी, जो संतान नहीं है उसे संतान का सुख मिलेगा, जो बीमार है उसे सेहत मिलेगी, और जो निराश है उसे नई उम्मीद मिलेगी, ये मैं नहीं कह रहा, ये लोक मान्यता है जो सदियों से चलती आ रही है, इसलिए इस दिन किसी का दिल मत दुखाना, झूठ मत बोलना, महिलाओं का अपमान मत करना क्योंकि छठ मईया वहीं आती हैं जहाँ सच्चाई और सम्मान हो, और अब सुनो, शाम के समय जब सूरज ढलने लगे, तो भैरव बाबा की उपासना करनी चाहिए, क्योंकि भैरव बाबा वो देव हैं जो डर से मुक्ति दिलाते हैं, नजर से बचाते हैं, शत्रु से रक्षा करते हैं और जो तुम्हारे जीवन में अटकी हुई चीज़ें हैं उन्हें आगे बढ़ाते हैं, उस समय लोहे के कटोरे में सरसों का तेल भरो, उसमें काले तिल डालो, रुई की बत्ती बनाओ और दीपक जलाओ, फिर बोलो “ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय नमः” और जो भी समस्या है, मन में कहो बाबा ये मेरी परेशानी है, अब इसे अपने चरणों में रखता हूँ, अब आप संभालो, उस क्षण जो हलकापन मिलेगा वो बता नहीं सकता, वो सुकून ही भैरव कृपा है, और अब अगर किसी की शादी में अड़चन है तो उसी शाम शिवलिंग पर 11 बेलपत्र चढ़ाओ, हर बेलपत्र पर “ॐ नमः शिवाय” लिखो, और मन में बोलो “गौरी शंकर एक जीव बनो”, देखना आने वाले 21 दिनों में रिश्ता खुद तय होगा या शुभ समाचार मिलेगा, क्योंकि जब शिव और पार्वती प्रसन्न होते हैं तो विवाह योग पक्का हो जाता है, और अगर कोई दंपति के बीच मनमुटाव है तो इस दिन एक साथ तुलसी के पास दीपक जलाकर हाथ जोड़ो, और बोलो “माँ, हमारे घर में प्रेम बना रहे”, इतना ही बोल दो, घर की कलह शांत होने लगेगी, अब सुनो क्या नहीं करना है, इस दिन क्रोध नहीं, झूठ नहीं, किसी की बुराई नहीं, खाना बनाते समय झगड़ना नहीं, झाड़ू उल्टा नहीं रखना, कूड़ा बाहर नहीं रखना, शाम को कपूर और अगरबत्ती जलाकर पूरे घर में घुमा दो, इससे नकारात्मक ऊर्जा चली जाएगी, और हाँ, रात को सोने से पहले घर के दरवाज़े पर दोनों ओर दो छोटे दीपक जलाकर रखो, हल्दी और चावल डाल दो, और मन में बोलो “माँ लक्ष्मी, इस घर को अपना घर मान लो”, बस इतना बोल दो, अगले कुछ हफ़्तों में घर में रौनक आने लगेगी, काम बनेंगे, हँसी लौटेगी, रिश्ते सुधरेंगे, और जो पैसा अटक गया था वो वापस आएगा, और याद रखना, ये दिन तभी फल देता है जब दिल से किया जाए, दिखावे से नहीं, इसलिए पूजा करो लेकिन भाव से, क्योंकि माँ भाव देखती हैं ना कि भोग, और ये दिन, 6 नवंबर, अगर श्रद्धा से मनाया जाए तो अगले साल तक जीवन में सुख, धन, और प्रेम की निरंतर धारा बहती रहती है, जो ये पूरी बात सुनता है, समझता है और करता है, उसे ही लाभ मिलता है, जो आधा सुनकर चला जाता है उसे अधूरा फल ही मिलता है, इसलिए अगर सच में अपने जीवन में परिवर्तन चाहते हो तो आज से संकल्प लो कि 6 नवंबर को मैं जागूँगा, मैं पूजा करूँगा, और मैं अपनी आत्मा को शुद्ध करूँगा, और फिर देखना — माँ लक्ष्मी, छठ मईया और भैरव बाबा की कृपा एक साथ बरसेगी, और तुम्हारा घर स्वर्ग बन जाएगा। देखो भाईयो और बहनो, जब 6 नवंबर का ये शुभ दिन आता है ना तो आसमान से भी कृपा की बूँदें बरसती हैं, ये दिन सिर्फ पूजा का नहीं है बल्कि किस्मत को पलटने का दिन है, और जो लोग इस दिन पूरे मन से श्रद्धा से पूजा करते हैं ना, वो चाहे गरीब हो या अमीर, अविवाहित हो या गृहस्थ, सबके जीवन में नया उजाला आ जाता है, इसलिए मैं आप सब से कहता हूँ कि अगर तुमने ये वीडियो पूरा नहीं देखा, अगर तुमने इस दिन का महत्व नहीं समझा तो मान लेना कि तुमने अपने हाथों से अपनी किस्मत की सुनहरी चाबी खो दी, क्योंकि ये वो दिन है जब लक्ष्मी माँ खुद धरती पर घूमती हैं और जिन घरों में दीपक जलता है, तुलसी महकती है, शिवलिंग पर जल चढ़ता है, उन घरों में वे रुक जाती हैं, इसलिए सुबह उठकर सबसे पहले भगवान शिव को याद करो, जल में थोड़ा सा दूध मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करो, फिर तुलसी जी के पास दीपक जलाओ और मन में बोलो — “माँ लक्ष्मी, आज आपके स्वागत का दिन है, मेरे घर में भी आपके चरण पड़ें”, और देखना, तुम्हारे घर का कोना-कोना चमक उठेगा, अब सुनो जो लोग शादी में रुकावट महसूस कर रहे हैं उनके लिए इस दिन का टोटका सबसे असरदार है, सुबह सूर्योदय के समय पीपल के पेड़ के नीचे जाकर सात परिक्रमा करो, फिर वहीं बैठकर शिव-पार्वती का ध्यान करो और मन ही मन बोलो — “जैसे पार्वती ने शिव को पाया वैसे मुझे मेरा जीवनसाथी मिले”, फिर एक गुड़ का टुकड़ा वहीं रख दो और मीठा किसी गरीब को दान कर दो, इस छोटे से उपाय से विवाह में आने वाली सारी रुकावटें धीरे-धीरे खत्म हो जाती हैं, और अगर पति-पत्नी के बीच मनमुटाव चल रहा हो तो शाम के समय साथ में दीपक जलाओ, एक-दूसरे का हाथ पकड़कर “ॐ नमः शिवाय” पाँच बार बोलो, इससे रिश्तों में मधुरता लौट आती है, अब अगर घर में पैसों की तंगी है, बरकत नहीं टिकती तो आज के दिन घर के उत्तर दिशा में एक छोटा सा दीपक रखो जिसमें घी और कपूर मिलाकर जलाओ, और मन ही मन माँ लक्ष्मी से कहो — “माँ, अब मेरे घर को खाली मत रखना”, फिर देखना कुछ ही दिनों में काम का विस्तार होगा, व्यापार में रौनक लौटेगी, और नौकरी वालों के लिए ये दिन तरक्की का संकेत लेकर आता है, जो इस दिन किसी गरीब को आटा, चावल या कपड़ा देता है, उसकी मेहनत कई गुना फल देती है, अब सुनो महिलाएँ इस दिन क्या करें, सुबह स्नान के बाद हल्दी और चंदन का तिलक लगाएँ, अपने घर के द्वार पर चारों कोनों में हल्दी का घोल छिड़कें, इससे नकारात्मकता दूर होती है, फिर अपने घर के मंदिर में छोटी तुलसी माला रखो और पाँच बार “ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः” का जाप करो, इससे लक्ष्मी जी की स्थायी कृपा मिलती है, और ध्यान रहे इस दिन किसी से झगड़ा मत करो, बुरा मत बोलो, रसोई में झूठा बर्तन मत छोड़ो और रात में झाड़ू मत लगाओ, क्योंकि ये सब चीजें लक्ष्मी को नाराज करती हैं, अब अगर तुम भैरव बाबा के भक्त हो तो शाम को काले तिल, सरसों का तेल और एक लाल फूल लेकर भैरव मंदिर जाओ, दीपक जलाकर “ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय नमः” बोलो, ये मंत्र सिर्फ डर और बाधा को नहीं हटाता बल्कि व्यापार और करियर में भी अप्रत्याशित लाभ देता है, प्रदीप मिश्रा जी ने भी कहा है कि इस दिन अगर शिवलिंग पर शहद और बेलपत्र चढ़ाकर सच्चे मन से एक दीप जलाओ और मन में बोलो — “जय भोलेनाथ, जय भैरव बाबा”, तो साल भर के सारे संकट अपने आप शांत हो जाते हैं, अब जो लोग चाहते हैं कि उनके घर में हमेशा लक्ष्मी रहे, तो उन्हें इस दिन शाम को घर के मुख्य द्वार पर दो घी के दीप जलाने हैं, एक अंदर की ओर और एक बाहर की ओर, और दीप जलाते वक्त कहना है — “एक दीप सुख का, एक दीप समृद्धि का”, इतना कहते ही वातावरण में सकारात्मकता फैल जाती है, घर का कोना-कोना हल्का और पवित्र लगता है, और ध्यान रखो, ये दीप तब तक बुझाना नहीं जब तक वह खुद न बुझे, क्योंकि उसे खुद बुझने देना लक्ष्मी को सम्मान देना है, अब बहुत से लोग पूछते हैं कि लक्ष्मी आएँ तो टिकती क्यों नहीं, तो कारण यही है कि हम उनको आने तो देते हैं पर ठहरने का स्थान नहीं देते, इसलिए इस दिन अपने घर में साफ-सफाई, सुगंध और प्रसन्नता बनाए रखो, अगर किसी से पुराना विवाद है तो क्षमा मांग लो, और अगर किसी ने तुम्हें दुख दिया है तो उसे मन में माफ कर दो, क्योंकि जहाँ क्षमा होती है, वहीं कृपा बसती है, और इस दिन अगर तुमने अपने माता-पिता के चरण स्पर्श कर लिए, उनका आशीर्वाद ले लिया तो समझो तुम्हारे घर में खुद लक्ष्मी माता ने प्रवेश कर लिया, क्योंकि माता-पिता के आशीर्वाद से बड़ा कोई वरदान नहीं होता, अब सुनो अगर तुम चाहते हो कि साल भर पैसा बढ़ता रहे तो इस दिन अपने बटुए या तिजोरी में एक लाल रेशमी कपड़े में थोड़ी सी हल्दी, पांच कौड़ियाँ और एक चांदी का सिक्का रख लो, और मन में बोलो — “माँ लक्ष्मी, ये आपके प्रतीक हैं, इनकी रक्षा आप करें”, फिर इसे वहीं रहने दो, अगले साल लाभ पंचमी पर बदल देना, इससे घर की तिजोरी कभी खाली नहीं रहती, और अगर घर में वास्तु दोष है, बार-बार धन रुकता है तो तुलसी के पास रोजाना दिया जलाने का संकल्प लो, हर शुक्रवार को लाल फूल और कपूर अर्पित करो, ये छोटा उपाय बहुत बड़ा असर दिखाता है, अब अगर महिलाएँ अपने घर में सौभाग्य और प्रेम चाहती हैं तो आज के दिन सिन्दूरदान का संकल्प लें, सिन्दूर को अपने माथे पर लगाकर पार्वती माता से कहें — “माँ, मेरे सुहाग की रक्षा करें”, और जो कन्याएँ विवाह योग्य हैं वे माँ गौरी के सामने चावल और गुड़ अर्पित करें और मन ही मन “ॐ गौरी शंकराय नमः” जप करें, यह टोटका बहुत प्रभावशाली होता है, अब ध्यान देना कि आज के दिन कोई कड़वी बात न बोले, किसी की बुराई न करे, क्योंकि आज ब्रह्मांड तुम्हारी हर वाणी सुन रहा होता है, जो शुभ बोलोगे वही फल मिलेगा, जो कटु बोलोगे वही लौटेगा, इसलिए इस दिन मन, वचन और कर्म तीनों से पवित्र रहना ही सबसे बड़ा उपाय है, शाम के समय जब सूर्य अस्त हो जाए तो घर के दरवाज़े पर दीप जलाकर सात बार “जय माँ लक्ष्मी” बोलो, और फिर हाथ जोड़कर बस एक बार मुस्कुरा दो, क्योंकि मुस्कान भी इस दिन की सबसे बड़ी साधना है, अब इस दिन अगर तुमने गरीब को भोजन कराया तो याद रखना, लक्ष्मी तुम्हारे घर में बिना बुलाए आएँगी, और अगर किसी की मदद की तो वो मदद तुम्हारे लिए अगले साल तक वरदान बनकर लौटेगी, इसलिए 6 नवंबर का ये दिन सिर्फ पूजा का नहीं बल्कि कर्म का, श्रद्धा का, सेवा का और आत्मा के जागरण का दिन है, इसे पूरे मन से मनाओ, क्योंकि जो इस दिन सच्चे मन से दीप जलाता है, उसके जीवन में अंधेरा कभी नहीं टिकता — बस इतना याद रखना कि ये दिन दोबारा साल भर बाद आएगा, लेकिन इसका असर अगर सच्चे मन से किया जाए तो जिंदगी भर बना रहता है। रात का समय है, 6 नवंबर का ये पावन दिन अब धीरे-धीरे संध्या में ढल रहा है, आसमान में तारे टिमटिमा रहे हैं और माँ लक्ष्मी के चरण पृथ्वी पर उतरने को तैयार हैं, इसलिए भाईयो और बहनो अब सबसे ज़्यादा असरदार समय शुरू हो चुका है, जो इस घड़ी को समझ गया ना, उसके जीवन में फिर कभी कमी नहीं रहती, शाम के समय जब सूरज पूरी तरह डूब जाए तो अपने घर के मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाओ, उसमें चार बत्तियाँ डालो जो चार दिशाओं का प्रतीक होती हैं, और दीपक जलाते वक्त मन में बोलो — “माँ लक्ष्मी, मेरे घर के चारों कोनों में आपकी कृपा बसे”, फिर उसी दीपक की लौ से घर के मंदिर में एक दीप जलाओ और वहाँ तुलसी के पास रख दो, अब पूरे मन से पाँच बार “ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः” का जाप करो, उसके बाद घर के हर कोने में कपूर जलाकर थोड़ा सा घुमाओ ताकि नकारात्मक ऊर्जा पूरी तरह खत्म हो जाए, अब ध्यान से सुनो अगर तुम्हारे जीवन में बार-बार रोग, परेशानी, मानसिक तनाव या काम में रुकावटें आती हैं तो इस समय शिवलिंग पर शहद और दूध चढ़ाओ, और मन में बोलो — “हे भोलेनाथ, मेरी हर पीड़ा अपने गले में समा लो”, इससे जीवन की थकान, दुख और भय धीरे-धीरे मिटने लगते हैं, अब जो लोग संतान सुख चाहते हैं, उनके लिए आज की रात्रि बहुत ही प्रभावशाली है, रात के पहले पहर में सफेद कपड़ा बिछाकर उस पर चावल से एक छोटा सा “ॐ” बनाओ, उसके सामने दीपक जलाओ और दुग्ध से बनी मिठाई अर्पित करो, फिर माँ गौरी से विनती करो कि “माँ, मेरे घर में संतान रूपी सुख का प्रकाश लाओ”, इससे जो भी दंपत्ति लंबे समय से संतान के लिए प्रार्थना कर रहे हैं उन्हें आशीर्वाद मिलता है, अब अगर किसी के व्यापार में नुकसान हो रहा है, दुकान में ग्राहकी नहीं बढ़ रही है या काम बार-बार अटक रहा है तो इस रात 11 कौड़ियाँ लेकर लक्ष्मी जी के सामने रखो, हल्दी से उन पर तिलक लगाओ और सुबह उन्हें तिजोरी में रख लो, इससे धन की धारा कभी नहीं रुकती, अब बात करते हैं स्वास्थ्य की — अगर परिवार में कोई बीमार है, लगातार इलाज के बाद भी सुधार नहीं है तो इस दिन रात में तुलसी पत्र और गंगाजल मिलाकर दीपक जलाओ, और उस दीपक को बीमार व्यक्ति क तो सुनिए भाईयो और बहनो अब आता है इस पूरी साधना का चौथा और अंतिम भाग, वो भाग जो इस पूरे 6 नवंबर की रात को पूर्णता देता है, जब दीपक की लौ धीरे-धीरे ठंडी होने लगती है, जब हवाओं में घी और कपूर की खुशबू मिलती है और मन में शांति का एहसास होता है, उस समय जो भाव उठते हैं वही सच्ची प्रार्थना बन जाते हैं, तो अब मन को शांत करो, आँखें बंद करो और बस इतना सोचो कि आज का दिन व्यर्थ नहीं गया, मैंने लाभ पंचमी, छठ मईया का खरना, भैरव बाबा, भोलेनाथ और माँ लक्ष्मी सबकी पूजा श्रद्धा से की, अब ये सारा पुण्य मेरे जीवन में उजाला बने, अब जब रात ढल जाए और दीपक अपने आप बुझने लगे तो मन में कहना — “माँ लक्ष्मी, ये लौ आपके नाम की थी, अब इसे मेरे घर में स्थायी कर दो”, और फिर हाथ जोड़कर एक गहरी साँस लो और घर के दरवाज़े की ओर देखकर बोलो — “माँ, अब बार-बार मत आना, बस यहीं बस जाना”, क्योंकि यही वो पल है जब लक्ष्मी तुम्हारे घर में ठहरती हैं, अब सुबह जब सूरज निकले तो अपने घर की चौखट पर थोड़ा गंगाजल छिड़को, तुलसी को प्रणाम करो और घर के मंदिर की दीप लौ को नया घी डालकर फिर जलाओ, क्योंकि ये लौ निरंतरता का प्रतीक है, जितना इसे जीवित रखोगे उतनी कृपा टिकेगी, अगर संभव हो तो सुबह किसी पक्षी को दाना डालो, किसी गरीब को रोटी दो और मन ही मन बोलो — “ये माँ की कृपा का हिस्सा है”, ऐसा करने से जो फल तुमने रात में अर्जित किया वो स्थायी बनता है, अब कुछ बातें याद रखो, इस दिन के बाद आने वाले सात दिनों तक घर में झगड़ा मत करो, किसी से कटु वचन मत बोलो, और तुलसी के पास रोज दीपक जलाना मत भूलो, क्योंकि ये सात दिन तुम्हारे कर्मों को पुष्ट करते हैं, अब अगर तुम व्यापारी हो तो तिजोरी खोलने से पहले माँ लक्ष्मी का नाम लो, और अगर विद्यार्थी हो तो किताब खोलने से पहले “ॐ नमः शिवाय” का जप करो, क्योंकि जब भी तुम किसी शुभ कार्य की शुरुआत ईश्वर के नाम से करते हो, सफलता सुनिश्चित होती है, अब जो महिलाएँ इस दिन पूजा करती हैं, उन्हें चाहिए कि वो अपने हाथ से परिवार को तिलक लगाएँ, इससे घर के हर सदस्य पर देवी की कृपा बनी रहती है, अब अगर किसी कारणवश तुम पूजा पूरी नहीं कर पाए तो चिंता मत करो, बस शाम को दीपक जलाओ और मन में कहो — “माँ, जो अधूरा रहा वो भी आपका है”, यही सच्ची भक्ति है, अब जब पूरी पूजा समाप्त हो जाए तो एक क्षण के लिए अपने मन को धन्यवाद दो, खुद से कहो कि “मैंने अपने भीतर की भक्ति को जागृत किया”, और जब रात में सोने जाओ तो दिल में सिर्फ एक बात रखो — “कल से नया आरंभ है”, क्योंकि 6 नवंबर की रात जो मनुष्य भक्ति, दान, सेवा और प्रेम से बिताता है, उसका हर आने वाला दिन उसी प्रकाश से रोशन होता है, अब ये अंतिम वचन सुन लो, अगर तुमने आज दीप जलाया है, अगर तुमने आज किसी को भोजन दिया है, अगर तुमने आज किसी को मुस्कुराया है, तो तुम्हारा पुण्य बढ़ गया है, तुम्हारी किस्मत ने करवट ले ली है, अब तुम्हें सिर्फ एक काम करना है — अपने जीवन में अच्छाई बनाए रखना, क्योंकि लक्ष्मी वहीं टिकती हैं जहाँ प्रेम, स्वच्छता, सच्चाई और सेवा रहती है, अब ये वीडियो देखने वाले सब लोग मन में एक बार बोलो — “जय माँ लक्ष्मी, जय भोलेनाथ, जय भैरव बाबा, जय छठ मईया”, और दोनों हाथ जोड़कर प्रणाम करो, क्योंकि जब दिल से प्रणाम किया जाता है तो पूरी सृष्टि उसका उत्तर देती है, और याद रखना, अगली बार जब 6 नवंबर आएगी तो तुम फिर यही प्रकाश फैलाओगे, लेकिन आज की लौ तुम्हारे घर, दिल और किस्मत में हमेशा जलती रहेगी, यही माँ का आशीर्वाद है, यही आज की पूजा का सच्चा फल है, यही जीवन का सबसे सुंदर लाभ है।