पता है भाई, अपनी लाइफ और PUBG की पोचिंकी में कोई फर्क नहीं है। बंदा सोचता है कि सीधे बीच में लैंड करेंगे, बड़ी बिल्डिंग लूटेंगे, एकदम राजा वाली जिंदगी जिएंगे... और उतरते ही साला कोई पिस्तौल लेकर कोने से मार जाता है। और हम? हम वही एक कमरे वाले घर में बैठकर पट्टी ढूंढ रहे होते हैं। साला किस्मत ही अपनी पट्टी जैसी है, जब भी ज़रूरत होती है, कभी टाइम पे नहीं मिलती।"
2. रैंडम स्क्वाड के 'प्रो' खिलाड़ी (The Random Squad Roasting)
"यार, ये जो रैंडम मैच में ४ नंबर वाले भाईसाहब आते हैं ना... इनकी छाती चौड़ी ही रहती है। उतरेंगे जॉर्जोपोल के सबसे ऊंचे कंटेनर पे। माइक ऑन करके बोलेंगे—'अरे भाई, तुम लोग डरपोक हो क्या? मेरे साथ आओ, पूरा स्क्वाड खा जाऊंगा!'
भाई साहब कंटेनर पे पैर रखते ही नॉक हो जाते हैं। फिर उनका माइक बदल जाता है—'अरे ४ नंबर! अरे भाई भाई बचा ले! रिवाइव दे दे यार, प्लीज यार, मम्मी कसम अगली बार से साथ में रहूंगा!'... अबे भाई, जब इतनी फटने की आदत थी, तो चील बनके उड़ क्यों रहे थे? जमीन पे रेंगते हमारे साथ!"
3. बोट (Bot) और हमारी असली औकात (The Only Kill We Get)
"गेम में जब असली बंदा सामने आता है, तो अपनी उंगलियां ऐसे कांपती हैं जैसे ठंड में कड़ाके की धूप ढूंढ रहे हों। गोलियां आसमान में जाती हैं, ग्रेनेड अपने ही पैरों पे फूटता है। लेकिन... जैसे ही कहीं से 'टुक-टुक' की आवाज़ आती है और एक बेचारा बोट घास में रेंगता हुआ दिखता है... भाई साहब! हमारी छाती ३६ इंच की हो जाती है। हम ऐसे दौड़ते हैं जैसे साला ओलंपिक्स का गोल्ड मेडल वहीं पड़ा हो। बोट को मारकर जो खुशी मिलती है ना, कसम से लगता है कि बस अब हाइड्रा और सोल वाले हमें अपनी टीम में लेने के लिए लाइन लगा के खड़े हैं।"
4. एयरड्रॉप का लालच (The Airdrop Temptation)
"लाल धुआं देखा नहीं कि हमारे अंदर का लालच ऐसे जागता है जैसे फ्री की बिरयानी बंटी हो। गाड़ी लेके सब ऐसे भागेंगे एयरड्रॉप की तरफ कि पूछो मत। वहाँ पहुँचते ही पता चलता है कि साला पूरी लॉबी के लोग वहीं पिकनिक मनाने आए हुए हैं। एडब्ल्यूएम (AWM) तो छोड़ो, साला गाड़ी से उतरने का मौका भी नहीं मिलता, सीधे लॉबी का टिकट कट जाता है। ड्रॉप लूटना तो बहाना था, असल में तो हमें अपनी पेटी बनवानी थी।"
समय रैना के अंदाज़ में बोलने की टिप:
जब आप इन जोक्स को बोलें, तो आवाज़ को बहुत ज़्यादा एक्साइटेड मत करना। बिल्कुल शांत होकर, जैसे आप बहुत थकी हुई हैं या बोर हो रही हैं, वैसे बोलना।
"अबे भाई...", "साला..." और "कसम से..." जैसे शब्दों पर थोड़ा सा पॉज़ (रुकावट) देना, बस फिर देखो कैसे एकदम समय रैना वाली वाइब आती है!