Gerador de Voz AI test guru ji por Fish Audio
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Amostras - test guru ji
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Amostra 1
भक्तों चाहे मर जाना लेकिन नए साल की सफाई में घर से भूलकर भी ना रखें यह पांच चीजें वरना साक्षात माता लक्ष्मी चली जाएगी आपके घर से और घर में आ जाएगी घोर गरीबी और दरिद्रता। भक्तों सुनिए इस कथा में हम आपको एक बहुत ही जरूरी बात बताने वाले हैं। नए साल का महापर्व आने ही वाला है और आप सब जानते हैं कि इस समय हर घर में साफ सफाई का काम जोर शोर से चलता है। नए साल की सफाई में हम सब कुछ नया बनाने के चक्कर में अक्सर घर की कई पुरानी चीज रखकर भूल जाते हैं। लेकिन भक्तों पांच ऐसी चीजें हैं जिन्हें भूलकर भी घर में रखना नहीं चाहिए। क्योंकि अगर आपने अनजाने में भी इन्हें घर में रख लिया तो यह आपके भाग्य को बर्बाद करने का सबसे बड़ा कारण बन सकती है। याद रखिए मां लक्ष्मी उन्हीं घरों में वास करती हैं जहां साफ सफाई के साथ-साथ श्रद्धा और सही रीति नीति का पालन होता है। लेकिन अगर आपने इन खास चीजों को घर में रख लिया तो मां लक्ष्मी रुष्ट हो जाती है और ऐसे घर से सदा के लिए चली जाती है। और जब एक बार मां लक्ष्मी चली गई तो फिर उस घर में ना सुख रहता है ना समृद्धि और ना ही कभी लक्ष्मी का वास होता है। माताएं और बहनों यह गलती अक्सर हम सब कर देते हैं। सोचते हैं कि पुरानी चीज है। इसे रखने से क्या फर्क? लेकिन सच्चाई यह है कि इन्हीं चीजों में दरिद्रता का स्थाई वास होता है और जो भी इन्हें घर में रखता है वह ना केवल अपने हाथ से लक्ष्मी को दूर करता है बल्कि अनजाने में अपने जीवन में दरिद्रता को बुलावा देता है। इसीलिए भक्तों मैं आप सब से निवेदन करता हूं इस वीडियो को अंत तक ध्यान से देखिए। बीच-बीच में छोड़कर देखने वाली माताएं बहने अक्सर वही होती है जिन्हें जीवन में कभी सफलता नहीं मिल पाती। अगर आप वास्तव में समृद्धि चाहते हैं। अगर आप चाहते हैं कि आपके घर आंगन में लक्ष्मी जी स्थाई रूप से निवास करें तो इस वीडियो को पूरा देखें और समझिए कि कौन सी वे पांच चीजें हैं जिन्हें नए साल की सफाई में गलती से भी घर में नहीं रखना चाहिए। और हां सबसे पहले आपको यह भी बता दें कि साल 2026 में नए साल का महापर्व 1 जनवरी से शुरू होकर पूरे जनवरी माह तक उत्साह और नई शुरुआत का प्रतीक बनेगा। पहला दिन 1 जनवरी गुरुवार को नए साल का पहला दिन होगा। जिससे नई उम्मीदों और लक्ष्मी जी की कृपा प्राप्त करने का विशेष महत्व होता है। इस दिन भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व होता है। अब इसके बाद हम आपको विस्तार से बताएंगे कि नए साल के इन दिनों में कौन सा उत्सव किस तरह मनाया जाएगा और उसका शुभ मुहूर्त क्या रहेगा और फिर हम आपको यह भी बताएंगे कि सफाई के दौरान कौन सी वे पांच चीजें हैं जिन्हें भूलकर भी घर में नहीं रखना चाहिए। भक्तों दूसरा दिन 2 जनवरी शुक्रवार को नए साल की शुरुआत के रूप में मनाया जाएगा। जो नई ऊर्जा और समृद्धि की शुरुआत मानी जाती है। तीसरा दिन सबसे महत्वपूर्ण नए साल की मुख्य पूजा का दिन होगा जो इस वर्ष 3 जनवरी शनिवार को मनाया जाएगा। जब नए साल की शुरुआत में मां लक्ष्मी भगवान गणेश और कुबेर की विशेष पूजा की जाएगी। जिसका शुभ मुहूर्त सुबह 6 से 9 तक रहेगा। चौथा दिन 4 जनवरी रविवार को नई उम्मीदों और समृद्धि उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। जब भगवान श्री कृष्ण की पूजा कर नई शुरुआत का स्मरण किया जाता है। पांचवा और अंतिम दिन 5 जनवरी सोमवार को भाईचारे और पारिवारिक एकता के रूप में मनाया जाएगा। जब परिवार के सदस्य एक दूसरे की सुख समृद्धि की कामना करते हैं। इस प्रकार 1 जनवरी से शुरू होकर पूरे जनवरी माह तक चलने वाला नए साल का यह उत्सव धन समृद्धि प्रेम और पारिवारिक एकता का प्रतीक बनेगा। माताएं बहनों चलिए जान लेते हैं कौन सी चीज है। जो घर से गलती से नए साल के समय पर बाहर नहीं निकालनी चाहिए। नहीं तो यह बनती है आपके भाग्य को बर्बाद करने का सबसे बड़ा कारण टूटे फर्नीचर या कांच का सामान। घर में टूटा हुआ फर्नीचर, दरार वाला शीशा या फूटा कांच रखना अत्यंत अशुभ होता है। यह वस्तुएं ना केवल सौंदर्य बिगाड़ती है बल्कि वास्तु दोष भी उत्पन्न करती हैं। टूटा कांच विशेष रूप से लक्ष्मी को प्रसन्न करता है। क्योंकि यह टूटे भाग्य और अस्थिरता का प्रतीक है। नए साल से पहले ऐसे फर्नीचर की मरम्मत कराएं या उन्हें घर से बाहर फेंक दे। फर्नीचर पर जमी धूल भी आलस्य और दरिद्रता बढ़ाती है। जब घर का प्रत्येक फर्नीचर चमकदार और सुसज्जित होता है तब सकारात्मक ऊर्जा प्रवाहित होती है। लक्ष्मी जी का स्वागत केवल उस घर में होता है जो बिना दरार बिना टूटन और सौदर्य से भरा हो। यदि आपने इसे रख लिया तो घर में घोर गरीबी और दरिद्रता का वास हो जाता है और मां लक्ष्मी कभी नहीं आती। पुरानी इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं, टीवी, मोबाइल, पंखा या बल्ब जो अब उपयोग में नहीं है उन्हें घर में रखना नकारात्मक ऊर्जा को जन्म देता है। इनसे स्थिर तक ऊर्जा पैदा होती है जो प्रगति रोकती है। नए साल से पहले इन वस्तुओं को रिसायकल करें, ठीक करवाएं या किसी जरूरतमंद को दान कर दें या बाहर फेंक दें। बंद पड़े गैजेट घर में जड़ता का माहौल बनाते हैं। याद रखें तकनीकी वस्तुएं भी ऊर्जा प्रवाह का हिस्सा हैं। जब सब कुछ चल रहा हो घर में गतिशीलता और संपन्नता बढ़ती है। इसीलिए नए साल के पहले हर बंद या निष्क्रिय वस्तु को हटाकर नए उजाले और आधुनिकता का स्वागत करें। इससे लक्ष्मी का आगमन तेजी से होता है। लेकिन अगर रख लिया तो दरिद्रता घर में बस जाती है। बासी अनाज और दाले रसोई घर का हृदय होता है और अन्न लक्ष्मी का स्वरूप। अगर वहां पुराने कीड़े लगे या बासी अनाज रखे हैं तो यह देवी अन्नपूर्णा का अपमान माना जाता है। नए साल से पहले रसोई की अलमारियां खोलकर पुराने दाल, मसाले, आटा और तेल देखें। जो खराब हो गया हो उसे बाहर फेंक दें। नया और ताजा अनाज लाकर अन्न पात्र में रखें। साथ ही उस पात्र पर हल्दी से स्वास्तिक बनाकर अन्नम बहू कुरवीत मंत्र का उच्चारण करें। इससे घर में अन्न और धन दोनों की वृद्धि होती है। स्वच्छ और ताजा रसोई लक्ष्मी के स्थाई निवास का संकेत है। लेकिन अगर रख लिया तो गरीबी और दलित का घर में प्रवेश कर जाती है। घर के कोनों की धूल मिट्टी घर के हर कोने में जमा धूल मिट्टी दरिद्रता का वास मानी जाती है। खासतौर पर छत स्टोर और दरवाजों के पीछे की जगह ऊर्जा अवरुद्ध करती हैं। नए साल से पहले पूरे घर की गहरी सफाई करें। झाड़ू पोछा के बाद नीम पत्तों या गंगाजल से फर्श पोछें और कपूर या लौंग जलाकर धूप करें। ऐसा करने से हर दिशा में सकारात्मक ऊर्जा फैलती है और वातावरण दिव्य बनता है। साफ सुथरे कोने में ही लक्ष्मी जी का प्रवेश संभव होता है। याद रखें गंदगी अंधकार को बुलाती है। जबकि स्वच्छता प्रकाश को आकर्षित करती है। स्वच्छ घर ही सच्चे अर्थों में नए साल का योग्य स्थान है। लेकिन अगर धूल मिट्टी राखी रही तो दरिद्रता कभी नहीं जाती। उदासी या रोती हुई तस्वीरें दीवार पर उदासी रोते हुए व्यक्ति या किसी संकट का दृश्य दिखाने वाली तस्वीरें घर की ऊर्जा को नकारात्मक बना देती हैं। यह तस्वीरें मानसिक तनाव, झगड़ा और आर्थिक अक्षरणों का कारण बनती हैं। वास्तु के अनुसार घर की दीवारों पर लगी हर तस्वीर एक ऊर्जा प्रसारित करती है। अगर वह ऊर्जा दुख या भय की हो तो देवी लक्ष्मी वहां नहीं आती। नए साल से पहले यदि ऐसी कोई तस्वीर लगी हो जिसमें युद्ध, तूफान, अंधेरा या अशुभ भाव दिखता हो तो उसे तुरंत बाहर फेंक दें। उसकी जगह भगवान विष्णु, लक्ष्मी जी, सूर्य कमल, हंस या शांत झरने की तस्वीर लगाएं। यह चित्र धन, सौभाग्य और शांति का संकेत है। याद रखें दीवार की हर तस्वीर आपके जीवन का भाव बन जाती है। इसलिए दीवारों पर केवल मुस्कान और प्रकाश रखें। लेकिन अगर उदासी वाली तस्वीर रखी तो गरीबी घर में बस जाती है। शेर, बाघ या हिंसक पशुओं की तस्वीरें। कई लोग घर में शक्ति या वीरता के प्रतीक के रूप में शेर, बाघ, सांप या युद्ध के दृश्य लगाते हैं। लेकिन वास्तु के अनुसार यह तस्वीरें घर में आक्रोश, झगड़े और तनाव की ऊर्जा फैलाती है। हिंसक पशुओं की तस्वीरें वातावरण को उग्र बनाती हैं। जिससे दांपत्य और पारिवारिक सुख प्रभावित होता है। देवी लक्ष्मी को शांति और सौम्यता प्रिय है। वे ऐसे घर में नहीं आती जहां हिंसा या भय का प्रतीक टंगा हो। नए साल से पहले यदि ऐसी कोई तस्वीर लगी है तो उसे बाहर फेंक दें और उसकी जगह गाय, कमल या नदियों का सुंदर दृश्य लगाएं। भक्तों याद रखिए नए साल की तैयारी केवल आतिशबाजी जलाने या पार्टी मनाने भर से पूरी नहीं होती। यह समय है अपने घर की गहराई से सफाई करने का ताकि ना केवल बाहर की धूल मिटे बल्कि भीतर की नकारात्मकता भी खत्म हो जाए। जब आप घर की सफाई करते हैं तो यह परिवर्तन ना सिर्फ आपके मन को शांति देता है बल्कि घर में लक्ष्मी जी के स्थाई निवास का मार्ग भी खोल देता है। देखिए कई बार हम छोटी-छोटी चीजों पर ध्यान नहीं देते लेकिन वही हमारी किस्मत रोक देती है। जैसे कि दीवार पर टंगी हुई बंद या खराब घड़ी वास्तु शास्त्र कहता है कि जब घड़ी रुक जाती है तो यह रुके हुए समय और ठहरे हुए भाग्य का प्रतीक बन जाती है। घर में उन्नति की चाल धीमी पड़ जाती है। आर्थिक प्रवाह रुक जाता है और सब कुछ ठहर सा जाता जाता है। इसीलिए नए साल से पहले हर घड़ी की जांच कर लें। जो बंद है उसे तुरंत ठीक करवाइए या बाहर फेंक दीजिए और याद रखिए घड़ी हमेशा उत्तर या पूर्व दिशा में लगानी चाहिए ताकि समय और ऊर्जा दोनों सही दिशा में प्रवाहित हो। चलती हुई घड़ी एक संदेश देती है कि इस घर में जीवन सक्रिय है, प्रगति हो रही है और यही संकेत लक्ष्मी जी को घर में प्रवेश करने का आमंत्रण देते हैं। लेकिन अगर रख ली तो दरिद्रता कभी नहीं जाती। इसी तरह दीवारों के कोनों में जमे मकड़ी के जाले और धूल यह सब दरिद्रता का प्रतीक माने जाते हैं। जालों में ऊर्जा अटक जाती है जिससे घर का वातावरण भारी हो जाता है और लक्ष्मी जी का आगमन रुक जाता है। इसलिए नए साल पर घर की दीवारों, छत और हर कोना अच्छी तरह साफ कर लीजिए। झाड़ू लगाते समय मन में यही भाव रखिए। दरिद्रता दूर हो। सौभाग्य स्थाई हो। उसके बाद कपूर लौंग या गूगल की धूप जलाकर पूरे घर को शुद्ध करें। यह सफाई सिर्फ दिखावे की नहीं होती बल्कि घर की ऊर्जा को पवित्र करने का कार्य है। जितनी स्वच्छ आपकी दीवारें होंगी, उतनी ही उज्जवल आपके भाग्य की रोशनी फैलेगी। अब बात आती है दीवारों की दरारों की। टूटी हुई या दरार वाली दीवारें ना केवल घर का सौंदर्य बिगाड़ती है बल्कि वास्तु दोष भी उत्पन्न करती है। शास्त्रों में कहा गया है कि जिस घर की दीवारें टूटी हो वहां लक्ष्मी का वास नहीं होता। दरारें सकारात्मक शक्ति को बाहर निकाल देती हैं और नकारात्मक तरंगों को भीतर बुलाती हैं। इसलिए नए साल से पहले अपने घर की हर दीवार को ध्यान से देखिए। यदि कहीं प्लास्टर उखड़ा है या दरार पड़ी है तो उसकी तुरंत मरम्मत कराइए। नई और चमकदार दीवार ना केवल सौंदर्य बढ़ाती है बल्कि नई ऊर्जा और स्थिरता भी लेकर आती है। दीवारों को रंग जाते समय हल्के और चमकीले रंग चुने जो रोशनी और उजाला फैलाएं। और हां रंगों की बात चली है तो यह भी जान लीजिए कि गहरे और भारी रंग जैसे काला ग्रह या गहरा नीला घर की ऊर्जा को सोख लेते हैं। इनसे घर का वातावरण बोझिल और उदास हो जाता है। देवी लक्ष्मी को उजाला और सौम्यता प्रिय है। उन्हें सफेद गुलाबी हल्का पीला या क्रीम जैसे रंग बेहद भाते हैं। इसीलिए अगर आपके घर की किसी दीवार पर बहुत गहरा रंग चढ़ा हुआ है तो नए साल से पहले उसे हल्के और चमकीले रंग से पुतवा दीजिए। खासकर पूजा स्थान और मुख्य द्वार के आसपास का क्षेत्र तो हमेशा उजले और आकर्षक रंगों से सजा होना चाहिए। क्योंकि यही वह स्थान है जहां से लक्ष्मी जी घर में प्रवेश करती हैं। भक्तों याद रखिए नए साल की सफाई केवल गंदगी हटाने की प्रक्रिया नहीं है। यह अपने भाग्य को निखारने और माता लक्ष्मी का स्वागत करने का सबसे बड़ा उपाय है। जितना उज्जवल आपका घर होगा उतना ही उज्जवल आपका आने वाला कल होगा। अब एक और महत्वपूर्ण बात पुराने जूते चप्पल और फटे कपड़े फटे पुराने जूते चप्पल और घिसे कपड़े घर की सकारात्मक ऊर्जा को अवरुद्ध करते हैं। यह वस्तुएं नकारात्मक कंपन और दरिद्रता का वास मानी जाती है। यदि यह वस्तुएं अभी उपयोग योग्य हैं तो किसी जरूरतमंद को दान कर दें वरना नए साल से पहले बाहर फेंक दें। पुरानी वस्तुएं घर में रुकावट और झगड़े का कारण बनती हैं। इसी प्रकार फटे वस्त्र पहनकर पूजा या लक्ष्मी स्वागत नहीं करना चाहिए। नए साल से पहले सभी पुराने वस्त्र धोकर या नए कपड़े लेकर पूजा करें। ऐसा करने से शुद्धता, ताजगी और सौभाग्य बढ़ता है। साफ कपड़े और स्वच्छ पादुका देवी लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय है। लेकिन अगर रख लिए तो दलित घर में बस जाती है। बंद या खराब घड़ियां घर में बंद या खराब घड़ियां रखना वास्तु दोष माना जाता है। ऐसी घड़ियां जीवन में ठहराव आलस्य और आर्थिक रुकावट का प्रतीक है। नए साल से पहले यदि कोई घड़ी बंद पड़ी है, तो उसे तुरंत चालू करवाएं, या बाहर फेंक दें। हमेशा घड़ी को उत्तर या पूर्व दिशा में लगाएं, ताकि समय और ऊर्जा दोनों का प्रवाह सही दिशा में हो। खराब घड़ियां घर की तरंगों को रोकती हैं। जिससे प्रगति और समृद्धि बाधित होती है। नए वर्ष और नए साल का स्वागत तभी सार्थक है जब घर में समय का प्रवाह निरंतर चलता रहे। चलती हुई घड़ी लक्ष्मी का आह्वान करती है और जीवन को गतिशील ऊर्जावान और संपन्न बनाए रखती है। लेकिन अगर रख ली तो गरीबी कभी नहीं जाती। पुरानी या धूल भरी तस्वीरें दीवारों पर लगी पुरानी धूल से ढकी या फटी तस्वीरें घर की आभा और ऊर्जा को कमजोर करती है। विशेषकर उन तस्वीरों को हटा देना चाहिए जिनमें मृत व्यक्ति हो। रोने या दोह के दृश्य हो या जिनका रंग फीका पड़ चुका हो। यह तस्वीरें घर में नकारात्मक तरंगे उत्पन्न करती हैं पर लक्ष्मी के प्रवेश में बाधा डालती है। नए साल से पहले घर की सभी तस्वीरें साफ करें। टूटे प्रेम बदले और केवल सकारात्मक प्रतीक जैसे सूर्य भगवान कमल गाय या परिवार की मुस्कुराती तस्वीर लगाएं। इससे घर में सुख, प्रेम और प्रकाश बना रहता है। याद रखें देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए घर की दीवारों पर आनंद और उजाले की झलक होनी चाहिए। लेकिन अगर रख ली तो दरिद्रता घर में बस जाती है। टूटी मूर्तियां और पुरानी पूजा सामग्री यदि पूजा स्थान में किसी देवता की मूर्ति या चित्र खंडित हो गया हो। रंग उतर गया हो या उसमें दरार पड़ गई हो तो उसे तुरंत बाहर फेंक देना चाहिए। शास्त्रों में कहा गया है कि खंडित मूर्तियां घर में रखने से पूजा निष्फल हो जाती है और सकारात्मक ऊर्जा रुक जाती है। ऐसे चित्र या मूर्तियां किसी पवित्र नदी या पीपल वृक्ष के नीचे शांति से रख दें या बाहर फेंक दें। साथ ही पुराने फूल राख अगरबत्ती के बचे टुकड़े और जली हुई बत्तियां भी बाहर फेंक दें। नए साल से पहले पूजा स्थान को गंगाजल या गोमूत्र से शुद्ध करें और नई पूजा सामग्री रखें। इससे देवता प्रसन्न होते हैं और घर में दिव्य कंपन बढ़ते हैं। स्वच्छ मंदिर में ही लक्ष्मी जी का स्थाई वास होता है। लेकिन अगर रख ली तो गरीबी और दलित कभी नहीं जाते। भक्तों इस तरह नए साल की सफाई में इन सभी चीजों को तुरंत बाहर फेंक देना चाहिए। वरना घर में घोर गरीबी और दरिद्रता का वास हो जाएगा और मां लक्ष्मी कभी नहीं आएंगी। इसलिए इस वीडियो को अंत तक देखें और इन बातों को अपने जीवन में अपनाएं ताकि आपका नया साल समृद्धि और सुख से भरा हो। जितनी ज्यादा सफाई आप करेंगे उतनी ज्यादा लक्ष्मी जी प्रसन्न होंगी और आपके घर में स्थाई रूप से वास करेंगी। भक्तों एक और महत्वपूर्ण बात जो मैं भूल गया था वह पुराने कैलेंडर या डायरी जिनमें पिछले साल की नकारात्मक यादें जुड़ी हो उन्हें भी नए साल से पहले बाहर फेंक देना चाहिए क्योंकि वे पुरानी ऊर्जा को रोक कर नई शुरुआत में बाधा डालते हैं और अगर रख लिए तो भाग्य में रुकावटें आती रहती हैं। इसी तरह टूटे हुए बर्तन या पुराने प्लास्टिक के सामान जो अब बेकार हो चुके हैं, उन्हें भी बाहर फेंक दें। क्योंकि वे घर में अव्यवस्था और दरिद्रता को बढ़ाते हैं। याद रखिए नए साल का स्वागत तभी सच्चा होता है जब घर पूरी तरह से नकारात्मकता से मुक्त हो और सकारात्मक ऊर्जा से भर जाए। इसलिए इन सभी चीजों को बाहर निकालकर नए साल को खुशी से मनाएं और लक्ष्मी जी का आशीर्वाद प्राप्त करें। भक्तों यह तमाम जानकारी जनरुचि को ध्यान में रखकर दी जा रही है। वास्तु शास्त्र के उपाय को अपनी आस्था और विश्वास पर आजमाएं तो भक्तों इसी के साथ यह कथा समाप्त होती है। बोलो राधे-धे।
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मनुष्य का मन माया में भटकता है, सुख की तलाश में दुख पाता है। जब तक आप भगवान की शरण में नहीं जाओगे, तब तक शांति नहीं मिलेगी। सच्चा सुख तो राम जी के चरणों में है, बाकी सब मिथ्या है।
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जब तक आप दुनिया की चीजों में उलझे रहोगे, तब तक शांति नहीं मिलेगी। सच्चा सुख तो भगवान के भजन में है। मन को शांत करो, ध्यान लगाओ, और प्रभु का स्मरण करो। यही जीवन का सार है।
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भक्तों चाहे मर जाना लेकिन नए साल की सफाई में घर से भूलकर भी ना रखें यह पांच चीजें वरना साक्षात माता लक्ष्मी चली जाएगी आपके घर से और घर में आ जाएगी घोर गरीबी और दरिद्रता। भक्तों सुनिए इस कथा में हम आपको एक बहुत ही जरूरी बात बताने वाले हैं। नए साल का महापर्व आने ही वाला है और आप सब जानते हैं कि इस समय हर घर में साफ सफाई का काम जोर शोर से चलता है। नए साल की सफाई में हम सब कुछ नया बनाने के चक्कर में अक्सर घर की कई पुरानी चीज रखकर भूल जाते हैं। लेकिन भक्तों पांच ऐसी चीजें हैं जिन्हें भूलकर भी घर में रखना नहीं चाहिए। क्योंकि अगर आपने अनजाने में भी इन्हें घर में रख लिया तो यह आपके भाग्य को बर्बाद करने का सबसे बड़ा कारण बन सकती है। याद रखिए मां लक्ष्मी उन्हीं घरों में वास करती हैं जहां साफ सफाई के साथ-साथ श्रद्धा और सही रीति नीति का पालन होता है। लेकिन अगर आपने इन खास चीजों को घर में रख लिया तो मां लक्ष्मी रुष्ट हो जाती है और ऐसे घर से सदा के लिए चली जाती है। और जब एक बार मां लक्ष्मी चली गई तो फिर उस घर में ना सुख रहता है ना समृद्धि और ना ही कभी लक्ष्मी का वास होता है। माताएं और बहनों यह गलती अक्सर हम सब कर देते हैं। सोचते हैं कि पुरानी चीज है। इसे रखने से क्या फर्क? लेकिन सच्चाई यह है कि इन्हीं चीजों में दरिद्रता का स्थाई वास होता है और जो भी इन्हें घर में रखता है वह ना केवल अपने हाथ से लक्ष्मी को दूर करता है बल्कि अनजाने में अपने जीवन में दरिद्रता को बुलावा देता है। इसीलिए भक्तों मैं आप सब से निवेदन करता हूं इस वीडियो को अंत तक ध्यान से देखिए। बीच-बीच में छोड़कर देखने वाली माताएं बहने अक्सर वही होती है जिन्हें जीवन में कभी सफलता नहीं मिल पाती। अगर आप वास्तव में समृद्धि चाहते हैं। अगर आप चाहते हैं कि आपके घर आंगन में लक्ष्मी जी स्थाई रूप से निवास करें तो इस वीडियो को पूरा देखें और समझिए कि कौन सी वे पांच चीजें हैं जिन्हें नए साल की सफाई में गलती से भी घर में नहीं रखना चाहिए। और हां सबसे पहले आपको यह भी बता दें कि साल 2026 में नए साल का महापर्व 1 जनवरी से शुरू होकर पूरे जनवरी माह तक उत्साह और नई शुरुआत का प्रतीक बनेगा। पहला दिन 1 जनवरी गुरुवार को नए साल का पहला दिन होगा। जिससे नई उम्मीदों और लक्ष्मी जी की कृपा प्राप्त करने का विशेष महत्व होता है। इस दिन भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व होता है। अब इसके बाद हम आपको विस्तार से बताएंगे कि नए साल के इन दिनों में कौन सा उत्सव किस तरह मनाया जाएगा और उसका शुभ मुहूर्त क्या रहेगा और फिर हम आपको यह भी बताएंगे कि सफाई के दौरान कौन सी वे पांच चीजें हैं जिन्हें भूलकर भी घर में नहीं रखना चाहिए। भक्तों दूसरा दिन 2 जनवरी शुक्रवार को नए साल की शुरुआत के रूप में मनाया जाएगा। जो नई ऊर्जा और समृद्धि की शुरुआत मानी जाती है। तीसरा दिन सबसे महत्वपूर्ण नए साल की मुख्य पूजा का दिन होगा जो इस वर्ष 3 जनवरी शनिवार को मनाया जाएगा। जब नए साल की शुरुआत में मां लक्ष्मी भगवान गणेश और कुबेर की विशेष पूजा की जाएगी। जिसका शुभ मुहूर्त सुबह 6 से 9 तक रहेगा। चौथा दिन 4 जनवरी रविवार को नई उम्मीदों और समृद्धि उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। जब भगवान श्री कृष्ण की पूजा कर नई शुरुआत का स्मरण किया जाता है। पांचवा और अंतिम दिन 5 जनवरी सोमवार को भाईचारे और पारिवारिक एकता के रूप में मनाया जाएगा। जब परिवार के सदस्य एक दूसरे की सुख समृद्धि की कामना करते हैं। इस प्रकार 1 जनवरी से शुरू होकर पूरे जनवरी माह तक चलने वाला नए साल का यह उत्सव धन समृद्धि प्रेम और पारिवारिक एकता का प्रतीक बनेगा। माताएं बहनों चलिए जान लेते हैं कौन सी चीज है। जो घर से गलती से नए साल के समय पर बाहर नहीं निकालनी चाहिए। नहीं तो यह बनती है आपके भाग्य को बर्बाद करने का सबसे बड़ा कारण टूटे फर्नीचर या कांच का सामान। घर में टूटा हुआ फर्नीचर, दरार वाला शीशा या फूटा कांच रखना अत्यंत अशुभ होता है। यह वस्तुएं ना केवल सौंदर्य बिगाड़ती है बल्कि वास्तु दोष भी उत्पन्न करती हैं। टूटा कांच विशेष रूप से लक्ष्मी को प्रसन्न करता है। क्योंकि यह टूटे भाग्य और अस्थिरता का प्रतीक है। नए साल से पहले ऐसे फर्नीचर की मरम्मत कराएं या उन्हें घर से बाहर फेंक दे। फर्नीचर पर जमी धूल भी आलस्य और दरिद्रता बढ़ाती है। जब घर का प्रत्येक फर्नीचर चमकदार और सुसज्जित होता है तब सकारात्मक ऊर्जा प्रवाहित होती है। लक्ष्मी जी का स्वागत केवल उस घर में होता है जो बिना दरार बिना टूटन और सौदर्य से भरा हो। यदि आपने इसे रख लिया तो घर में घोर गरीबी और दरिद्रता का वास हो जाता है और मां लक्ष्मी कभी नहीं आती। पुरानी इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं, टीवी, मोबाइल, पंखा या बल्ब जो अब उपयोग में नहीं है उन्हें घर में रखना नकारात्मक ऊर्जा को जन्म देता है। इनसे स्थिर तक ऊर्जा पैदा होती है जो प्रगति रोकती है। नए साल से पहले इन वस्तुओं को रिसायकल करें, ठीक करवाएं या किसी जरूरतमंद को दान कर दें या बाहर फेंक दें। बंद पड़े गैजेट घर में जड़ता का माहौल बनाते हैं। याद रखें तकनीकी वस्तुएं भी ऊर्जा प्रवाह का हिस्सा हैं। जब सब कुछ चल रहा हो घर में गतिशीलता और संपन्नता बढ़ती है। इसीलिए नए साल के पहले हर बंद या निष्क्रिय वस्तु को हटाकर नए उजाले और आधुनिकता का स्वागत करें। इससे लक्ष्मी का आगमन तेजी से होता है। लेकिन अगर रख लिया तो दरिद्रता घर में बस जाती है। बासी अनाज और दाले रसोई घर का हृदय होता है और अन्न लक्ष्मी का स्वरूप। अगर वहां पुराने कीड़े लगे या बासी अनाज रखे हैं तो यह देवी अन्नपूर्णा का अपमान माना जाता है। नए साल से पहले रसोई की अलमारियां खोलकर पुराने दाल, मसाले, आटा और तेल देखें। जो खराब हो गया हो उसे बाहर फेंक दें। नया और ताजा अनाज लाकर अन्न पात्र में रखें। साथ ही उस पात्र पर हल्दी से स्वास्तिक बनाकर अन्नम बहू कुरवीत मंत्र का उच्चारण करें। इससे घर में अन्न और धन दोनों की वृद्धि होती है। स्वच्छ और ताजा रसोई लक्ष्मी के स्थाई निवास का संकेत है। लेकिन अगर रख लिया तो गरीबी और दलित का घर में प्रवेश कर जाती है। घर के कोनों की धूल मिट्टी घर के हर कोने में जमा धूल मिट्टी दरिद्रता का वास मानी जाती है। खासतौर पर छत स्टोर और दरवाजों के पीछे की जगह ऊर्जा अवरुद्ध करती हैं। नए साल से पहले पूरे घर की गहरी सफाई करें। झाड़ू पोछा के बाद नीम पत्तों या गंगाजल से फर्श पोछें और कपूर या लौंग जलाकर धूप करें। ऐसा करने से हर दिशा में सकारात्मक ऊर्जा फैलती है और वातावरण दिव्य बनता है। साफ सुथरे कोने में ही लक्ष्मी जी का प्रवेश संभव होता है। याद रखें गंदगी अंधकार को बुलाती है। जबकि स्वच्छता प्रकाश को आकर्षित करती है। स्वच्छ घर ही सच्चे अर्थों में नए साल का योग्य स्थान है। लेकिन अगर धूल मिट्टी राखी रही तो दरिद्रता कभी नहीं जाती। उदासी या रोती हुई तस्वीरें दीवार पर उदासी रोते हुए व्यक्ति या किसी संकट का दृश्य दिखाने वाली तस्वीरें घर की ऊर्जा को नकारात्मक बना देती हैं। यह तस्वीरें मानसिक तनाव, झगड़ा और आर्थिक अक्षरणों का कारण बनती हैं। वास्तु के अनुसार घर की दीवारों पर लगी हर तस्वीर एक ऊर्जा प्रसारित करती है। अगर वह ऊर्जा दुख या भय की हो तो देवी लक्ष्मी वहां नहीं आती। नए साल से पहले यदि ऐसी कोई तस्वीर लगी हो जिसमें युद्ध, तूफान, अंधेरा या अशुभ भाव दिखता हो तो उसे तुरंत बाहर फेंक दें। उसकी जगह भगवान विष्णु, लक्ष्मी जी, सूर्य कमल, हंस या शांत झरने की तस्वीर लगाएं। यह चित्र धन, सौभाग्य और शांति का संकेत है। याद रखें दीवार की हर तस्वीर आपके जीवन का भाव बन जाती है। इसलिए दीवारों पर केवल मुस्कान और प्रकाश रखें। लेकिन अगर उदासी वाली तस्वीर रखी तो गरीबी घर में बस जाती है। शेर, बाघ या हिंसक पशुओं की तस्वीरें। कई लोग घर में शक्ति या वीरता के प्रतीक के रूप में शेर, बाघ, सांप या युद्ध के दृश्य लगाते हैं। लेकिन वास्तु के अनुसार यह तस्वीरें घर में आक्रोश, झगड़े और तनाव की ऊर्जा फैलाती है। हिंसक पशुओं की तस्वीरें वातावरण को उग्र बनाती हैं। जिससे दांपत्य और पारिवारिक सुख प्रभावित होता है। देवी लक्ष्मी को शांति और सौम्यता प्रिय है। वे ऐसे घर में नहीं आती जहां हिंसा या भय का प्रतीक टंगा हो। नए साल से पहले यदि ऐसी कोई तस्वीर लगी है तो उसे बाहर फेंक दें और उसकी जगह गाय, कमल या नदियों का सुंदर दृश्य लगाएं। भक्तों याद रखिए नए साल की तैयारी केवल आतिशबाजी जलाने या पार्टी मनाने भर से पूरी नहीं होती। यह समय है अपने घर की गहराई से सफाई करने का ताकि ना केवल बाहर की धूल मिटे बल्कि भीतर की नकारात्मकता भी खत्म हो जाए। जब आप घर की सफाई करते हैं तो यह परिवर्तन ना सिर्फ आपके मन को शांति देता है बल्कि घर में लक्ष्मी जी के स्थाई निवास का मार्ग भी खोल देता है। देखिए कई बार हम छोटी-छोटी चीजों पर ध्यान नहीं देते लेकिन वही हमारी किस्मत रोक देती है। जैसे कि दीवार पर टंगी हुई बंद या खराब घड़ी वास्तु शास्त्र कहता है कि जब घड़ी रुक जाती है तो यह रुके हुए समय और ठहरे हुए भाग्य का प्रतीक बन जाती है। घर में उन्नति की चाल धीमी पड़ जाती है। आर्थिक प्रवाह रुक जाता है और सब कुछ ठहर सा जाता जाता है। इसीलिए नए साल से पहले हर घड़ी की जांच कर लें। जो बंद है उसे तुरंत ठीक करवाइए या बाहर फेंक दीजिए और याद रखिए घड़ी हमेशा उत्तर या पूर्व दिशा में लगानी चाहिए ताकि समय और ऊर्जा दोनों सही दिशा में प्रवाहित हो। चलती हुई घड़ी एक संदेश देती है कि इस घर में जीवन सक्रिय है, प्रगति हो रही है और यही संकेत लक्ष्मी जी को घर में प्रवेश करने का आमंत्रण देते हैं। लेकिन अगर रख ली तो दरिद्रता कभी नहीं जाती। इसी तरह दीवारों के कोनों में जमे मकड़ी के जाले और धूल यह सब दरिद्रता का प्रतीक माने जाते हैं। जालों में ऊर्जा अटक जाती है जिससे घर का वातावरण भारी हो जाता है और लक्ष्मी जी का आगमन रुक जाता है। इसलिए नए साल पर घर की दीवारों, छत और हर कोना अच्छी तरह साफ कर लीजिए। झाड़ू लगाते समय मन में यही भाव रखिए। दरिद्रता दूर हो। सौभाग्य स्थाई हो। उसके बाद कपूर लौंग या गूगल की धूप जलाकर पूरे घर को शुद्ध करें। यह सफाई सिर्फ दिखावे की नहीं होती बल्कि घर की ऊर्जा को पवित्र करने का कार्य है। जितनी स्वच्छ आपकी दीवारें होंगी, उतनी ही उज्जवल आपके भाग्य की रोशनी फैलेगी। अब बात आती है दीवारों की दरारों की। टूटी हुई या दरार वाली दीवारें ना केवल घर का सौंदर्य बिगाड़ती है बल्कि वास्तु दोष भी उत्पन्न करती है। शास्त्रों में कहा गया है कि जिस घर की दीवारें टूटी हो वहां लक्ष्मी का वास नहीं होता। दरारें सकारात्मक शक्ति को बाहर निकाल देती हैं और नकारात्मक तरंगों को भीतर बुलाती हैं। इसलिए नए साल से पहले अपने घर की हर दीवार को ध्यान से देखिए। यदि कहीं प्लास्टर उखड़ा है या दरार पड़ी है तो उसकी तुरंत मरम्मत कराइए। नई और चमकदार दीवार ना केवल सौंदर्य बढ़ाती है बल्कि नई ऊर्जा और स्थिरता भी लेकर आती है। दीवारों को रंग जाते समय हल्के और चमकीले रंग चुने जो रोशनी और उजाला फैलाएं। और हां रंगों की बात चली है तो यह भी जान लीजिए कि गहरे और भारी रंग जैसे काला ग्रह या गहरा नीला घर की ऊर्जा को सोख लेते हैं। इनसे घर का वातावरण बोझिल और उदास हो जाता है। देवी लक्ष्मी को उजाला और सौम्यता प्रिय है। उन्हें सफेद गुलाबी हल्का पीला या क्रीम जैसे रंग बेहद भाते हैं। इसीलिए अगर आपके घर की किसी दीवार पर बहुत गहरा रंग चढ़ा हुआ है तो नए साल से पहले उसे हल्के और चमकीले रंग से पुतवा दीजिए। खासकर पूजा स्थान और मुख्य द्वार के आसपास का क्षेत्र तो हमेशा उजले और आकर्षक रंगों से सजा होना चाहिए। क्योंकि यही वह स्थान है जहां से लक्ष्मी जी घर में प्रवेश करती हैं। भक्तों याद रखिए नए साल की सफाई केवल गंदगी हटाने की प्रक्रिया नहीं है। यह अपने भाग्य को निखारने और माता लक्ष्मी का स्वागत करने का सबसे बड़ा उपाय है। जितना उज्जवल आपका घर होगा उतना ही उज्जवल आपका आने वाला कल होगा। अब एक और महत्वपूर्ण बात पुराने जूते चप्पल और फटे कपड़े फटे पुराने जूते चप्पल और घिसे कपड़े घर की सकारात्मक ऊर्जा को अवरुद्ध करते हैं। यह वस्तुएं नकारात्मक कंपन और दरिद्रता का वास मानी जाती है। यदि यह वस्तुएं अभी उपयोग योग्य हैं तो किसी जरूरतमंद को दान कर दें वरना नए साल से पहले बाहर फेंक दें। पुरानी वस्तुएं घर में रुकावट और झगड़े का कारण बनती हैं। इसी प्रकार फटे वस्त्र पहनकर पूजा या लक्ष्मी स्वागत नहीं करना चाहिए। नए साल से पहले सभी पुराने वस्त्र धोकर या नए कपड़े लेकर पूजा करें। ऐसा करने से शुद्धता, ताजगी और सौभाग्य बढ़ता है। साफ कपड़े और स्वच्छ पादुका देवी लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय है। लेकिन अगर रख लिए तो दलित घर में बस जाती है। बंद या खराब घड़ियां घर में बंद या खराब घड़ियां रखना वास्तु दोष माना जाता है। ऐसी घड़ियां जीवन में ठहराव आलस्य और आर्थिक रुकावट का प्रतीक है। नए साल से पहले यदि कोई घड़ी बंद पड़ी है, तो उसे तुरंत चालू करवाएं, या बाहर फेंक दें। हमेशा घड़ी को उत्तर या पूर्व दिशा में लगाएं, ताकि समय और ऊर्जा दोनों का प्रवाह सही दिशा में हो। खराब घड़ियां घर की तरंगों को रोकती हैं। जिससे प्रगति और समृद्धि बाधित होती है। नए वर्ष और नए साल का स्वागत तभी सार्थक है जब घर में समय का प्रवाह निरंतर चलता रहे। चलती हुई घड़ी लक्ष्मी का आह्वान करती है और जीवन को गतिशील ऊर्जावान और संपन्न बनाए रखती है। लेकिन अगर रख ली तो गरीबी कभी नहीं जाती। पुरानी या धूल भरी तस्वीरें दीवारों पर लगी पुरानी धूल से ढकी या फटी तस्वीरें घर की आभा और ऊर्जा को कमजोर करती है। विशेषकर उन तस्वीरों को हटा देना चाहिए जिनमें मृत व्यक्ति हो। रोने या दोह के दृश्य हो या जिनका रंग फीका पड़ चुका हो। यह तस्वीरें घर में नकारात्मक तरंगे उत्पन्न करती हैं पर लक्ष्मी के प्रवेश में बाधा डालती है। नए साल से पहले घर की सभी तस्वीरें साफ करें। टूटे प्रेम बदले और केवल सकारात्मक प्रतीक जैसे सूर्य भगवान कमल गाय या परिवार की मुस्कुराती तस्वीर लगाएं। इससे घर में सुख, प्रेम और प्रकाश बना रहता है। याद रखें देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए घर की दीवारों पर आनंद और उजाले की झलक होनी चाहिए। लेकिन अगर रख ली तो दरिद्रता घर में बस जाती है। टूटी मूर्तियां और पुरानी पूजा सामग्री यदि पूजा स्थान में किसी देवता की मूर्ति या चित्र खंडित हो गया हो। रंग उतर गया हो या उसमें दरार पड़ गई हो तो उसे तुरंत बाहर फेंक देना चाहिए। शास्त्रों में कहा गया है कि खंडित मूर्तियां घर में रखने से पूजा निष्फल हो जाती है और सकारात्मक ऊर्जा रुक जाती है। ऐसे चित्र या मूर्तियां किसी पवित्र नदी या पीपल वृक्ष के नीचे शांति से रख दें या बाहर फेंक दें। साथ ही पुराने फूल राख अगरबत्ती के बचे टुकड़े और जली हुई बत्तियां भी बाहर फेंक दें। नए साल से पहले पूजा स्थान को गंगाजल या गोमूत्र से शुद्ध करें और नई पूजा सामग्री रखें। इससे देवता प्रसन्न होते हैं और घर में दिव्य कंपन बढ़ते हैं। स्वच्छ मंदिर में ही लक्ष्मी जी का स्थाई वास होता है। लेकिन अगर रख ली तो गरीबी और दलित कभी नहीं जाते। भक्तों इस तरह नए साल की सफाई में इन सभी चीजों को तुरंत बाहर फेंक देना चाहिए। वरना घर में घोर गरीबी और दरिद्रता का वास हो जाएगा और मां लक्ष्मी कभी नहीं आएंगी। इसलिए इस वीडियो को अंत तक देखें और इन बातों को अपने जीवन में अपनाएं ताकि आपका नया साल समृद्धि और सुख से भरा हो। जितनी ज्यादा सफाई आप करेंगे उतनी ज्यादा लक्ष्मी जी प्रसन्न होंगी और आपके घर में स्थाई रूप से वास करेंगी। भक्तों एक और महत्वपूर्ण बात जो मैं भूल गया था वह पुराने कैलेंडर या डायरी जिनमें पिछले साल की नकारात्मक यादें जुड़ी हो उन्हें भी नए साल से पहले बाहर फेंक देना चाहिए क्योंकि वे पुरानी ऊर्जा को रोक कर नई शुरुआत में बाधा डालते हैं और अगर रख लिए तो भाग्य में रुकावटें आती रहती हैं। इसी तरह टूटे हुए बर्तन या पुराने प्लास्टिक के सामान जो अब बेकार हो चुके हैं, उन्हें भी बाहर फेंक दें। क्योंकि वे घर में अव्यवस्था और दरिद्रता को बढ़ाते हैं। याद रखिए नए साल का स्वागत तभी सच्चा होता है जब घर पूरी तरह से नकारात्मकता से मुक्त हो और सकारात्मक ऊर्जा से भर जाए। इसलिए इन सभी चीजों को बाहर निकालकर नए साल को खुशी से मनाएं और लक्ष्मी जी का आशीर्वाद प्राप्त करें। भक्तों यह तमाम जानकारी जनरुचि को ध्यान में रखकर दी जा रही है। वास्तु शास्त्र के उपाय को अपनी आस्था और विश्वास पर आजमाएं तो भक्तों इसी के साथ यह कथा समाप्त होती है। बोलो राधे-धे।
Default Sample - Guru ji
मनुष्य का मन माया में भटकता है, सुख की तलाश में दुख पाता है। जब तक आप भगवान की शरण में नहीं जाओगे, तब तक शांति नहीं मिलेगी। सच्चा सुख तो राम जी के चरणों में है, बाकी सब मिथ्या है।
Default Sample - Guru
जब तक आप दुनिया की चीजों में उलझे रहोगे, तब तक शांति नहीं मिलेगी। सच्चा सुख तो भगवान के भजन में है। मन को शांत करो, ध्यान लगाओ, और प्रभु का स्मरण करो। यही जीवन का सार है।
Default Sample - GURUJI -
ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਸੰਗਤ ਜੀ। ਜਿਵੇਂ ਸੂਰਜ ਦੀ ਰੌਸ਼ਨੀ ਸਾਰੇ ਜਗਤ ਨੂੰ ਪ੍ਰਕਾਸ਼ ਦਿੰਦੀ ਹੈ, ਉਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਗਿਆਨ ਦਾ ਪ੍ਰਕਾਸ਼ ਸਾਡੇ ਮਨ ਨੂੰ ਜਗਾਉਂਦਾ ਹੈ। ਸਾਨੂੰ ਹਮੇਸ਼ਾ ਸੱਚ ਦੇ ਮਾਰਗ ਤੇ ਚੱਲਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ।
Default Sample - Indresh ji
तो एक दिन मंदिर में श्री कृष्ण जी की आरती हो रही थी, भक्त जन भजन कर रहे थे। माता जी ने कहा, बेटी तुम प्रसाद बांटो, तभी एक चमत्कार हुआ, सभी को दर्शन हुए श्याम सुंदर के। सब धन्य हो गए।
Default Sample - Gojo
नमस्कार दोस्तों, आज का वीडियो बहुत मज़ेदार होने वाला है। मैं आपको दिखाने जा रहा हूं मुंबई की सबसे फेमस स्ट्रीट फूड। तो चलिए शुरू करते हैं और वीडियो को लाइक करना मत भूलना।
Default Sample - ajay
हमारा नया सेफ्टी सिस्टम एडवांस्ड टेक्नोलॉजी से लैस है। यह न केवल एक्सटर्नल थ्रेट्स से प्रोटेक्शन प्रोवाइड करता है, बल्कि इंटरनल मॉनिटरिंग सिस्टम भी है जो २४/७ सर्विलांस करता है।
Default Sample - Lalu
देखिए भाई, आज मैं आपको बताता हूं, ये जो सरकार है ना, इनके मुंह में तो चमचे का दात लगा है। हमारे पास जनता का साथ है, हम गरीब के लिए लड़ेंगे। इनकी कुर्सी हिलाकर रख देंगे, ये मेरा वादा है।
Default Sample - test
भोपाल की उस कलात्मक विरासत को हमने हमेशा करीब से महसूस किया है। यहाँ के रंगमंच ने कई दिग्गज प्रतिभाओं को जन्म दिया है जिन्होंने अपनी कला से हर किसी का दिल जीता। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आज भी यहाँ के कलाकार अपनी जड़ों से मजबूती से जुड़े हुए हैं।
Default Sample - Gaurav
अरे भाई साहब, कल की मीटिंग का टाइम फाइनल हुआ क्या? मैं सोच रहा हूं दोपहर को आ जाऊं। बस आप बता दो कि कब आना है। मैं तैयार रहूंगा, बस एक बार कॉल कर देना।
Default Sample - Kamlesh
20 second me chalo raistar ka face reveal karke dhikata hu to dheko gyan gaming ne instagram par yah wali reel upload ki thi jisme raistar bhi tha jisme raistar ke face se emoji hat jata hai or raistar ka face reveal ho jata hai dhekne se pahle video ko like or channel ko subscribe kar dena to ab raistar ka face dheklo
Default Sample - Kamlesh
देखो भाई, नया इवेंट आया है गेम में। पहले टॉप-अप करो, फिर डेली स्पिन करो, और देखो कैसे डायमंड्स मिलते हैं। इस वाले सीजन में एक्स्ट्रा रिवॉर्ड्स मिल रहे हैं। जल्दी से क्लेम करो भाई, लिमिटेड टाइम ऑफर है।
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