aditya
Aditya Memane에 의해आदमी बड़े आराम से कैमरों से बचते हुए एक गुब्बारा निकालता है , फिर ब्लेड से उसका एक टुकड़ा काट देता है ,उसके बाद उस गुब्बारे को एयर वेंट पर तान के चढ़ा देता है, बस मुंह वाला हिस्सा खुला छोड़ देता है , फिर उसमें एक रबर की नली फंसाता है और टेप से पूरा सेटअप कस कर चिपका देता है ,अब खेल तैयार है बॉस की मौत वाला जाल , उस एयर वेंट का दूसरा सिरा सीधे बॉस के प्राइवेट बाथरूम में खुलता है , वहीं उसकी आखिरी सांसे बंद होने वाली थी ,इसके बाद दफ्तर में सबसे पहले आती है एक महिला कर्मचारी ,वो पानी लेने का बहाना बनाकर कैमों के ब्लाइंड स्पॉट में जाती है और चुपचाप दरवाजे के सुराख में एक कागज का टुकड़ा फंसा देती है ,फिर बैकअप चाबी से लॉक को ऐसा जाम करती है कि अंदर से कोई दरवाजा खोल ही ना पाए ,अब एंट्री होती है सफाई वाली दीदी की ,सबको पता था बॉस को रोज कॉफी पीने की तगड़ी आदत है ,इसी बात का फायदा उठाकर उन्होंने कॉफी मशीन के नोजल में पहले से ही एक कागज की बॉल फंसा दी थी , मकसद यह था कि जब बॉस मशीन ऑन करे तो कॉफी कप की बजाय उसके कपड़ों पर छलक जाए और वो गुस्से में बाथरूम दौड़ जाए ,पर सफाई वाली जब एक्ट में आती है तो नर्वस हो जाती है ,हाथ से कागज की बॉल गिर जाती है ,वो झुक कर उठाती है और तभी उसकी नजर बॉस से टकरा जाती है, पल भर को सांसे अटक जाती है लेकिन वो खुद को संभालते हुए ऐसा दिखाती है जैसे पेन का ढक्कन उठा रही हो , बॉस भी कुछ नहीं बोलता ,अब सब सेट हो चुका था ,जैसे प्लान था बॉस कॉफी मशीन की तरफ गया, मशीन चालू की और ब्लॉकेज की वजह से कॉफी सीधा उसके सूट पर छलक गई, उसका गुस्सा सातवें आसमान पर और वो सीधा अपने प्राइवेट बाथरूम की तरफ दौड़ गया, जैसे ही वो अंदर गया महिला कर्मचारी ने चुपचाप बैकअप चाबी से दरवाजा लॉक कर दिया ,अब सिर्फ एक चीज बाकी थी गैस छोड़ने, टीम पहले ही बॉस की दवाइयों का वीडियो बना चुकी थी और जान चुकी थी कि उसे अस्थमा है, तभी इशारे के तौर पर महिला ने एक बोतल गिरा दिया, सफाई वाली ने इशारा समझा और जोर से वैक्यूम क्लीनर चला दिया, नीचे मौजूद लड़के को सिग्नल मिल गया ,उसने भी जल्दी से कैमरों से बचते हुए पहले से कनेक्टेड फायर एक्सटिंगशर चालू कर दिया, हवा के साथ तेजी से कार्बन डाईऑक्साइड गैस बाथरूम में घुसने लगी ,बॉस को एहसास हुआ कि कुछ गड़बड़ है लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी ,वो चिल्लाया ,दरवाजा पीटा लेकिन कोई सुन नहीं पाया, बहाना बना लिया गया, वैक्यूम क्लीनर की आवाज में कुछ सुनाई नहीं दिया ,सिक्योरिटी गार्ड ने भी बाहर का दरवाजा बंद कर दिया, ताकि कोई क्लाइंट अंदर ना घुस सके ,और दो कर्मचारी ऐसे हंसीज़ाक में लगे रहे जैसे वहां तीन लोग बैठे हो ,बॉस की हालत खराब होती गई ,सीने में घुटन बढ़ती गई और आखिरकार वो धड़ाम से जमीन पर गिर गया, कुछ मिनट बाद वही आदमी फिर से कैमों से बचते हुए आया और फायर एक्सटिंग्विशर बंद कर गया ,दूसरी महिला कर्मचारी पानी लेने का बहाना बनाकर आई ,बैकअप चाबी वाला क्लिप हटाया और बोतल लेकर सीधा अपनी सीट पर लौट गए ,कैमों के सामने सब कुछ नॉर्मल लगता रहा ,लेकिन उस दिन ऑफिस के लोगों ने मिलकर एक ऐसी चाल खेली, जिसमें पुलिस तक कोई सुराग नहीं ढूंढ पाई लेकिन सवाल अब भी खड़ा है,की उन्होंने ऐसा किया क्यों