महाराजा
por Komal Singh solankiराधे-राधे भाइयों और बहनों, जय श्री हरि, हर हर महादेव। आज मैं आपके जीवन को बदल देने वाली एक ऐसी दिव्य जानकारी लेकर आया हूँ, जो सिर्फ सुनने के लिए नहीं बल्कि अपने जीवन में अपनाने के लिए है। कार्तिक मास, जो स्वयं भगवान विष्णु और भगवान शिव दोनों के लिए सबसे पावन महीना माना जाता है, उसमें यदि सोमवार और षष्ठी तिथि का अद्भुत संयोग बन जाए तो उसका प्रभाव कई करोड़ गुना बढ़ जाता है। और यह अद्भुत संयोग इस बार 27 अक्टूबर 2025 को बन रहा है, जब कार्तिक मास का पावन सोमवार और षष्ठी तिथि एक साथ आएंगे। यह वह दिन है जब भगवान शिव और माता पार्वती स्वयं अपने भक्तों की पुकार सुनकर उनकी झोली को आशीर्वाद, धन, शांति और सुख से भर देते हैं। इस दिन किया गया एक छोटा सा उपाय भी आपके भाग्य के ताले को खोल सकता है और रुका हुआ धन, अटकी हुई सफलता और जीवन की बाधाओं को दूर कर सकता है। इसलिए इस वीडियो को आखिरी तक जरूर सुनें, क्योंकि मैं आपको बताने जा रहा हूँ सिर्फ तीन लौंग का ऐसा शक्तिशाली उपाय जो यदि श्रद्धा से किया जाए तो जीवन में महादेव और माता पार्वती दोनों की असीम कृपा मिलना तय है।
दोस्तों, कार्तिक मास में सोमवार का व्रत करना अपने आप में अत्यंत फलदायी माना गया है। शिव पुराण में उल्लेख मिलता है कि इस दिन जो भी भक्त सच्चे मन से भोलेनाथ की आराधना करता है, उसकी हर मनोकामना पूर्ण होती है। वहीं षष्ठी तिथि देवी शक्ति को समर्पित मानी जाती है और यह माता पार्वती का प्रिय दिन है। जब शिव का दिवस और शक्ति की तिथि एक साथ आती है, तो यह संयोग जीवन के हर क्षेत्र में दिव्य ऊर्जा को सक्रिय करता है। इस दिन जो भी साधना, व्रत, पूजा या उपाय किया जाए, उसका फल साधारण दिनों की अपेक्षा कई गुना अधिक प्राप्त होता है। इसलिए आज जो तीन लौंग वाला उपाय मैं आपको बता रहा हूँ, उस उपाय को यदि आप कार्तिक सोमवार षष्ठी के दिन कर लेते हैं, तो आपके जीवन में सुख-शांति, धन, सफलता और समृद्धि का ऐसा प्रवाह शुरू होगा जो कभी रुकने वाला नहीं होगा।
अब जानते हैं इस उपाय को कैसे और कब करना है। 27 अक्टूबर सोमवार की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में या सूर्योदय से पहले-पहले उठ जाएं। स्नान करें, साफ-सुथरे हल्के रंग के वस्त्र पहनें और अपने घर के पूजास्थल की साफ-सफाई करें। भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्ति या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं। अब अपने पूजा की थाली में तीन साबुत लौंग रखें। ध्यान रहे कि ये लौंग टूटी हुई न हों। अब पहली लौंग भगवान शिव के नाम से, दूसरी माता पार्वती के नाम से और तीसरी लौंग अपने स्वयं के नाम से अर्पित सोचकर अपने दाएं हाथ में रखें। अब आंखें बंद करके मन ही मन महादेव का स्वरूप अपने सामने देखें और पूरे विश्वास के साथ 11 बार “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें। हर जाप के साथ अपने जीवन की हर बाधा को समाप्त होते हुए और अपने जीवन में सुख-समृद्धि का प्रवाह आते हुए महसूस करें। 11 मंत्र जप के बाद इन तीनों लौंगों को भगवान शिव के चरणों में अर्पित करें और विनम्र भाव से कहें, हे भोलेनाथ, जैसे आपकी कृपा से सारा ब्रह्मांड संचालित होता है, वैसे ही मेरे जीवन में भी सुख, शांति और समृद्धि का संचार करें। अब उन तीन लौंगों में से पहली लौंग भगवान शिव की मूर्ति या शिवलिंग के पास रख दें, दूसरी लौंग माता पार्वती की मूर्ति या तस्वीर के पास रख दें, और तीसरी लौंग को अपने पास रख लें।
अब यह तीसरी लौंग आपके जीवन में धन और सौभाग्य को आकर्षित करने वाली मानी जाती है। यदि आप व्यापार करते हैं तो इसे अपनी दुकान या ऑफिस की तिजोरी में रखें, इससे व्यापार में वृद्धि होगी और रुका हुआ धन वापस आएगा। यदि आप नौकरी करते हैं तो इसे अपने बैग या कार्यस्थल की दराज में रखें, इससे पदोन्नति के योग बनेंगे और कार्यक्षेत्र में सम्मान की प्राप्ति होगी। यदि आप गृहस्थ हैं तो इसे अपने पर्स या तिजोरी में रखें, इससे घर में लक्ष्मी का स्थायी वास बना रहता है।
दिन भर भक्तिभाव में रहे और जहां तक संभव हो शिव का नाम जपते रहें। अब शाम के समय, जब सूर्यास्त हो जाए, अपने पूजास्थल में पुनः एक घी या तेल का दीपक जलाएं। फिर वही तीन लौंग जिन्हें आपने सुबह अर्पित किया था, भगवान शिव और माता पार्वती के नाम से स्मरण करते हुए अपने दाएं हाथ में लें और कहें, हे भोलेनाथ, मेरे घर से दरिद्रता, रोग और क्लेश को सदैव के लिए दूर कर दें। इसके बाद इन तीनों लौंगों को जलते हुए दीपक में डाल दें। जैसे ही लौंग जलेंगी, उनकी सुगंध पूरे वातावरण में फैल जाएगी और यह खुशबू घर में मौजूद हर नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट कर देगी। शास्त्रों के अनुसार लौंग अग्नि और सुगंध का प्रतीक मानी जाती है और जब इसे मंत्र शक्ति के साथ जलाया जाता है तो यह वातावरण में सकारात्मक तरंगों का प्रसार करती है। यह लौंग ग्रह बाधाओं को नियंत्रित करती है और राहु-केतु जैसे अशुभ ग्रहों के प्रभाव को भी कम करती है।
यदि आप इस उपाय को लगातार तीन कार्तिक सोमवार तक करते हैं, तो इसका फल सात गुना बढ़ जाता है। यह केवल धन प्राप्ति का उपाय नहीं है, बल्कि यह जीवन में शांति, सुख और सकारात्मकता लाने वाला दिव्य साधन है। इस दिन यदि आप शिवलिंग पर जल, दूध और बेल पत्र अर्पित करते हुए “ॐ नमः शिवाय” का जप करते हैं तो आपकी हर मनोकामना निश्चित रूप से पूरी होती है। कार्तिक सोमवार का व्रत करने से जीवन के सभी दुख धीरे-धीरे दूर हो जाते हैं और जब षष्ठी तिथि साथ होती है तो देवी शक्ति आपके जीवन में स्थायी सुख का संचार करती है। इसलिए इस दिन भगवान शिव के साथ माता पार्वती का नाम अवश्य लें क्योंकि शिव बिना शक्ति के और शक्ति बिना शिव के अधूरे माने जाते हैं।
एक खास बात, यदि आप लौंग के साथ एक छोटा कपूर भी दीपक में डाल दें तो उस धुएं से घर की नकारात्मक ऊर्जा पूरी तरह समाप्त हो जाती है। कपूर जलने पर जो सुगंध फैलती है वह देवताओं को प्रिय होती है और लौंग की शक्ति इसे कई गुना बढ़ा देती है। यह उपाय इतना प्रभावी है कि जिसने भी इसे पूरे विश्वास और श्रद्धा से किया है, उसके जीवन में कभी भी धन, भोजन या सौभाग्य की कमी नहीं रही।
याद रखिए, लौंग सिर्फ एक मसाला नहीं है बल्कि यह एक दिव्य तत्व है जिसके माध्यम से देवताओं का आह्वान होता है। इसे जब कार्तिक सोमवार की पावन षष्ठी तिथि पर महादेव को अर्पित किया जाता है तो यह जीवन में सिद्धि, समृद्धि और सफलता का मार्ग खोल देता है। इसलिए इस 27 अक्टूबर कार्तिक सोमवार षष्ठी तिथि के दिन इस तीन लौंग वाले उपाय को अवश्य करें। इसे दिखावे के लिए नहीं बल्कि सच्चे मन से श्रद्धा के साथ करें, क्योंकि भगवान भाव के भूखे होते हैं, आडंबर के नहीं। जब आप अपनी सच्ची श्रद्धा के साथ महादेव से कुछ मांगते हैं, तो वह आपको आपकी क्षमता से कई गुना अधिक देकर आपकी झोली भर देते हैं।
अंत में सब मिलकर बोलिए, ॐ नमः शिवाय, हर हर महादेव, राधे-राधे, जय श्री हरि। अगर आपको यह जानकारी दिव्य लगी हो तो कमेंट में हर हर महादेव लिखें और इस वीडियो को शेयर करें ताकि हर कोई जान सके कि कैसे यह तीन लौंग वाला उपाय 27 अक्टूबर कार्तिक सोमवार षष्ठी तिथि के दिन उनके जीवन की नकारात्मकता को दूर कर सकता है और सुख-समृद्धि का मार्ग खोल सकता है। हर हर महादेव।