Ravish
DISI Khaba에 의해जय हिंद दोस्तों। स्वागत है आप सभी का आपके अपने चैनल आर के ई अपडेट पर।
दोस्तों, आज की इस वीडियो में हम चर्चा करने वाले हैं उन मुद्दों की, जिनका सीधा संबंध देश भर के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पचहत्तर लाख से अधिक पेंशन धारकों से है। जुलाई दो हज़ार पच्चीस से डीए-डीआर बढ़कर अठावन प्रतिशत होने वाला है। इसके साथ ही पीपीओ में पे लेवल की गड़बड़ी, एरियर का मुद्दा, एम ए सपी यानी मिलिट्री सर्विस पे पर नई मांग, पेंशन अदालतों की रिपोर्ट और सबसे अहम अठारह महीने का एरियर, जिसे लेकर कर्मचारी संगठन सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।
इसलिए दोस्तों, आपसे गुजारिश है वीडियो को अंत तक ध्यान से देखें। अगर आप पहली बार चैनल पर आए हैं तो नीचे ब्लैक कलर का सब्सक्राइब बटन दबाकर चैनल को जरूर सब्सक्राइब कर लीजिए क्योंकि यहां आपको कर्मचारी, पेंशनर, भूतपूर्व सैनिक और सरकारी नीतियों से जुड़ी हर बड़ी खबर सबसे पहले और विस्तार से बताई जाती है।
पहला मुद्दा जुलाई दो हज़ार पच्चीस से डीए डीआर अठावन प्रतिशत
सबसे पहले बात करते हैं डीए और डीआर की। जैसा कि आप सभी जानते हैं, एआईसीपीआई इंडेक्स के आंकड़े जारी हो चुके हैं और उसके हिसाब से जुलाई दो हज़ार पच्चीस से डीए और डीआर बढ़कर अठावन प्रतिशत होना तय है।
अब सवाल यह है कि इसकी घोषणा कब होगी और लाभ कब से मिलेगा? दोस्तों, हमारा अनुमान है कि सितंबर और अक्टूबर के बीच, यानी बीस सितंबर से दस अक्टूबर के बीच कैबिनेट की बैठक में इसका ऐलान किया जाएगा।
क्यों? क्योंकि हर बार की तरह सरकार कोशिश करती है कि दशहरा और दिवाली से पहले कर्मचारियों और पेंशनरों को डीए-डीआर का तोहफा दिया जाए। इस बार भी परंपरा उसी को देखते हुए चलेगी।
इसका मतलब साफ है जुलाई, अगस्त और सितंबर इन तीन महीने का एरियर मिलेगा। अक्टूबर की पेंशन से बढ़ा हुआ डीए-डीआर लागू हो जाएगा। सितंबर तक की पेंशन पुराने पचपन प्रतिशत पर मिलेगी, लेकिन अक्टूबर से अठावन प्रतिशत लागू हो जाएगा।
दूसरा मुद्दा पीपीओ और पे लेवल की गड़बड़ी
अब बात करते हैं पीपीओ यानी पेंशन पेमेंट ऑर्डर की। दोस्तों, क्या आपने कभी ध्यान से देखा है कि आपके पीपीओ में कौन सा पे लेवल लिखा हुआ है? यही पे लेवल आपकी पेंशन तय करता है। अगर इसमें गलती है, तो आपका एरियर लाखों तक बन सकता है।
हाल ही का उदाहरण है नायक नागेंद्र कुमार, जिन्होंने अपना पीपीओ चेक कराया। पता चला कि पे लेवल गलत दर्ज है। सुधार करवाने के बाद तीन सितंबर दो हज़ार पच्चीस को उनके खाते में इक्कीस हज़ार चार सौ चौवन रुपए का एरियर आया।
याद रखिए— सिपाही का पे लेवल – तीन, नायक – चार, हवलदार – पाँच, नायब सूबेदार – छह, सूबेदार – सात, सूबेदार मेजर – आठ, ओनरी लेफ्टिनेंट – दस, ओनरी कैप्टन – दस।
अगर आपके पीपीओ में पे लेवल ऊपर लिखा है, तो इसका मतलब है कि आपको एम ए सीपी का लाभ मिला है। इसलिए, अगर आपके पीपीओ में गड़बड़ी है तो तुरंत इसे सुधरवाइए। हो सकता है आपको भी बड़ा एरियर मिल जाए।
तीसरा मुद्दा एमएसपी यानी मिलिट्री सर्विस पे
दोस्तों, अगली बड़ी खबर आती है एम ए सपी मिलिट्री सर्विस पे से। आपको पता होगा कि जेसीएम के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने पाच सितंबर को केंद्र सरकार को एक लेटर लिखा है। इसमें साफ-साफ मांग की गई है कि आठवें वेतन आयोग में एमएसपी को सभी के लिए बराबर किया जाए।
यानी एम ए सपी का भुगतान पंद्रह हज़ार पांच सौ रुपए सभी स्तर पर समान रूप से दिया जाए।
अब सवाल यह उठता है क्या खतरा सिपाही के लिए अलग है और अधिकारी के लिए अलग? क्या गोली जवान के लिए अलग चलती है और ऑफिसर के लिए अलग?
दोस्तों, बोर्डर पर खड़े सिपाही और ऑफिसर दोनों को दुश्मन की गोली और बारूदी सुरंग का खतरा बराबर झेलना पड़ता है। इसलिए, मिश्रा जी की मांग बिल्कुल जायज है कि एमएसपी को बराबर किया जाए।
पेंशनरों पर इसका असर भी पड़ेगा क्योंकि एमएसपी पेंशन कैलकुलेशन में शामिल होती है। हालांकि पेंशन स्लिप में यह अलग से नहीं दिखती, लेकिन पेंशन की गणना में इसका महत्व है।
चौथा मुद्दा पेंशन अदालत रिपोर्ट
दोस्तों, पाच सितंबर को देश भर में पेंशन अदालत का आयोजन किया गया। ताजा जानकारी के मुताबिक कम से कम तीन हज़ार पेंशनरों ने इसमें हिस्सा लिया। अधिकारियों ने लगभग सत्तर प्रतिशत शिकायतों का तुरंत निपटारा किया। करीब तीस प्रतिशत शिकायतें अभी भी पेंडिंग हैं, जिन्हें आने वाले समय में सुलझाने का दावा किया गया है।
यानी जो समस्याएं सालों से लंबित थीं, उनमें से कई का समाधान तुरंत कर दिया गया। यह एक सकारात्मक पहल है, लेकिन सवाल यह भी है कि अगर शिकायतों का समाधान इतने जल्दी हो सकता था तो फिर सालों तक लटकाया क्यों गया?
पाँचवाँ मुद्दा अठारह महीने एरियर और सुप्रीम कोर्ट
अब बात करते हैं सबसे बड़े मुद्दे की अठारह महीने एरियर की। दोस्तों, दिल्ली में हाल ही में कर्मचारी संगठन और पेंशन धारक संगठन की बड़ी बैठक हुई। इसमें फैसला लिया गया कि अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
मीटिंग के अनुसार अट्ठाईस सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी। वकील की नियुक्ति और बाकी प्रक्रिया पर जल्द ही फैसला होगा।
याचिका में सरकार से पूछा जाएगा कि आखिर अठारह महीने का एरियर अभी तक क्यों रोका हुआ है। सरकार को सुप्रीम कोर्ट में जवाब देना ही पड़ेगा।
दोस्तों, अगर यह मामला कोर्ट में जाता है और फैसला कर्मचारियों और पेंशनरों के पक्ष में आता है, तो अठारह महीने एरियर बहाली का रास्ता साफ हो जाएगा।
निष्कर्ष
तो दोस्तों, आज की इस वीडियो में हमने जाना जुलाई दो हज़ार पच्चीस से डीए-डीआर अठावन प्रतिशत, पीपीओ और पे लेवल की गड़बड़ी से बनता एरियर, एमएसपी को लेकर जेसीएम की बड़ी मांग, पेंशन अदालतों की रिपोर्ट, और आखिरकार अठारह महीने एरियर सुप्रीम कोर्ट में।
यह सभी मुद्दे आने वाले समय में कर्मचारियों और पेंशनरों की जिंदगी पर सीधा असर डालने वाले हैं।
आप हमें कमेंट करके जरूर बताइए कि आपको क्या लगता है क्या सरकार अठारह महीने का एरियर जल्दी देगी या फिर सुप्रीम कोर्ट से ही इसका हल निकलेगा?
जय हिंद, जय भारत।