लोग सोचते हैं कि Law of Attraction का मतलब है यूनिवर्स से चीज़ें मांगना… लेकिन असल में यह अपने दिमाग को प्रोग्राम करना है। तुम्हारा दिमाग एक फ़िल्टर की तरह काम करता है। जिस चीज़ के बारे में तुम बार-बार सोचते हो… तुम्हें वही चीज़ें अपनी reality में ज़्यादा दिखने लगती हैं। लोग इसे ‘energy’ या ‘frequency’ कहते हैं। लेकिन psychology की भाषा में… यह focus, attention और behavioral alignment है। सोचो… जिस पल तुम किसी goal को लेकर obsessed हो जाते हो, तुम्हारे decisions बदलने लगते हैं। तुम्हारी habits बदलने लगती हैं। यहाँ तक कि तुम्हारा ध्यान भी बदल जाता है। अचानक तुम्हें वो opportunities दिखने लगती हैं… जो हमेशा से मौजूद थीं, लेकिन तुम्हारा mind उन्हें देखने के लिए trained नहीं था। यही असली attraction है। ना कोई magic। ना universe चुपचाप तुम्हारी बातें सुन रहा है। असल में तुम्हारा mind खुद को उसी reality के हिसाब से ढालने लगता है जिसे तुम लगातार अपने अंदर दोहराते हो। अगर तुम्हारे thoughts, habits और actions तुम्हारे goal से match नहीं करते… तो तुम्हारी reality भी नहीं करेगी। दिमाग वह attract नहीं करता जो तुम चाहते हो… बल्कि वह बनाता है जिसे तुम normal बना देते हो। इसलिए manifestation के पीछे भागने से पहले… अपने focus को train करो। क्योंकि एक focused mind अंधे विश्वास से कहीं तेज़ reality बदल सकता है।”