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样本 - Osho
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Default Sample
样本 1
सत्य की खोज बाहर नहीं, बल्कि भीतर की एक गहरी यात्रा है। समाज ने तुम्हें केवल दौड़ना सिखाया है, पर ठहरना नहीं। जिस दिन तुम इस मानसिक शोर से मुक्त होकर मौन को चुनोगे, उसी क्षण तुम्हें वह मिलेगा जिसे तुम जन्मों से खोज रहे थे। जागना ही एकमात्र समाधान है।
Default Sample
जीवन का असली आनंद किसी मंदिर या तीर्थ में नहीं है, बल्कि तुम्हारे स्वयं के भीतर छिपे सन्नाटे में है। जब बाहर का शोर थम जाए और तुम चुपचाप अपने साक्षी बन जाओ, तभी सत्य का उदय होता है। बस जागरूक रहो, और जीवन को एक उत्सव बनाओ।
Default Sample
सत्य तुम्हारे भीतर की उस मौन गहराई में छिपा है, जहां शब्द नहीं पहुंचते। तुम जिसे प्रेम कहते हो, वह केवल एक मोह है। जब तक अहंकार जीवित है, तुम परमात्मा को नहीं देख पाओगे। ध्यान का अर्थ है स्वयं को शून्य कर देना, ताकि अस्थित्व तुम्हारे भीतर नृत्य कर सके।
Sample Transcriptions
Default Sample - 样本 1
सत्य की खोज बाहर नहीं, बल्कि भीतर की एक गहरी यात्रा है। समाज ने तुम्हें केवल दौड़ना सिखाया है, पर ठहरना नहीं। जिस दिन तुम इस मानसिक शोर से मुक्त होकर मौन को चुनोगे, उसी क्षण तुम्हें वह मिलेगा जिसे तुम जन्मों से खोज रहे थे। जागना ही एकमात्र समाधान है।
Default Sample - Osho
जीवन का असली आनंद किसी मंदिर या तीर्थ में नहीं है, बल्कि तुम्हारे स्वयं के भीतर छिपे सन्नाटे में है। जब बाहर का शोर थम जाए और तुम चुपचाप अपने साक्षी बन जाओ, तभी सत्य का उदय होता है। बस जागरूक रहो, और जीवन को एक उत्सव बनाओ।
Default Sample - Osho
सत्य तुम्हारे भीतर की उस मौन गहराई में छिपा है, जहां शब्द नहीं पहुंचते। तुम जिसे प्रेम कहते हो, वह केवल एक मोह है। जब तक अहंकार जीवित है, तुम परमात्मा को नहीं देख पाओगे। ध्यान का अर्थ है स्वयं को शून्य कर देना, ताकि अस्थित्व तुम्हारे भीतर नृत्य कर सके।
Default Sample - osho hindi
सुनो, तुम जिसे बाहर खोज रहे हो, वह तुम्हारे ही भीतर छिपा है। जब तक तुम बाहर दौड़ते रहोगे, तब तक उसे कभी नहीं पाओगे। मैं तुमसे कहता हूँ, बस थोड़ा शांत हो जाओ और अपनी श्वास को देखो। जैसे ही तुम पूरी तरह चुप होगे, परमात्मा स्वयं तुम्हारे भीतर बोलने लगेगा।
Default Sample - osho
जीवन एक उत्सव है, इसे गंभीरता से मत लो। जब तुम पूरी तरह से वर्तमान में होते हो, तभी आनंद का द्वार खुलता है। ध्यान का अर्थ है शून्य हो जाना, ताकि परमात्मा तुममें समा सके। जब अहंकार गिरता है, तभी असली प्रेम का जन्म होता है।
Default Sample - osho
जीवन कोई समस्या नहीं है जिसे सुलझाया जाए, बल्कि एक रहस्य है जिसे जिया जाए। तुम बाहर कितना भी खोज लो, शांति केवल तुम्हारे भीतर ही मिलेगी। जब अहंकार गिरता है, तभी सत्य का उदय होता है। होश में जियो, क्योंकि बिना जागरूकता के जीवन केवल एक लंबी नींद है।
Default Sample - Osho
मैं तुमसे कहता हूँ, आनंद को बाहर मत खोजो, वह तुम्हारे भीतर का संगीत है। जब तुम पूरी तरह मौन होते हो, तब वह सुनाई देता है। विचारों से लड़ो मत, बस उन्हें बादलों की तरह गुजरते देखो। साक्षी भाव ही वह कुंजी है जो तुम्हारे चैतन्य के द्वार खोल देगी।
Default Sample - OSHO
یاد رکھو، تمہارا یہ اکیلا پن کوئی دکھ نہیں بلکہ ایک موقع ہے۔ دنیا کے میلے میں تم خود کو کھو چکے ہو۔ جب تم سب کچھ چھوڑ کر اپنی خاموشی میں اترتے ہو، تبھی تمہیں اپنی اصلیت کا پتہ چلتا ہے۔ حقیقت میں، تمہارے سوا یہاں کوئی دوسرا ہے ہی نہیں، بس تم ہی تم ہو۔
Default Sample - Osho
ध्यान का अर्थ है—अपने ही भीतर का साक्षी हो जाना। तुम भाग रहे हो, पर कहाँ? जब तक तुम स्वयं को नहीं जानते, तुम्हारी सारी दौड़ व्यर्थ है। इस अहंकार को छोड़ो कि तुम कुछ पा लोगे। जो पाने योग्य है, वह तुम्हारे भीतर ही है, बस थोड़ा मौन होने की देर है।
Default Sample - Osho
یاد رکھیں، سچائی کسی کتاب میں نہیں، آپ کے اپنے اندر ہے۔ جب تک آپ باہر تلاش کریں گے، آپ بھٹکتے رہیں گے۔ انسان تبھی آزاد ہوتا ہے جب وہ تمام عقیدوں کو چھوڑ دیتا ہے۔ زندگی ایک رقص ہے، اسے کسی سہارے کی ضرورت نہیں ہے۔
Default Sample - osho
My beloved one, do not try to reach somewhere else. The destination is where you are standing right now. Be silent, and listen to the music of existence. It is not outside; it is the very core of your being, waiting to be discovered in this moment.
Default Sample - osho
زندہ ہونے کا مطلب ہے کہ تم ہر لمحہ نئے ہو سکو۔ پرانے کو پکڑ کر مت بیٹھو، کیونکہ پرانا مردہ ہے۔ سچ تو یہ ہے کہ سچائی صرف حال میں ہے، اب میں ہے۔ اپنی آنکھیں کھولو اور اس بہتی ہوئی زندگی کو دیکھو، اسے محسوس کرو، اور اس میں پوری طرح ڈوب جاؤ۔
Default Sample - Osho
शास्त्रों का बोझ लेकर मत आओ। सत्य किसी पुरानी किताब में नहीं छिपा है, वह तो इसी क्षण की ताज़गी में है। अपनी विद्वत्ता को बाहर छोड़कर आओ, तभी तुम मेरे करीब आ पाओगे। जो शून्य है, वही पूर्ण होने का असली हकदार है। बस जागना ही पर्याप्त है।