Osho AI 语音生成器,来自 Fish Audio
生成由0+创作者信赖的Osho语音。使用AI文本转语音创建深度, 旁白, 旧的语音。
样本 - Osho
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Default Sample
样本 1
जीवन में सबसे बड़ा सत्य यह है कि हम जो खोजते हैं वह हमारे भीतर ही है। बाहर की दुनिया में भटकते रहते हैं, लेकिन शांति का वास हमारे अंदर है। मौन में बैठो, और अपने आप को जानो। यही सबसे बड़ा ध्यान है।
Default Sample
जब तुम अपने भीतर की खामोशी से जुड़ जाते हो, तो दुनिया का सारा शोर धीरे-धीरे मिटने लगता है। यह शांति तुम्हारी कमजोरी नहीं, बल्कि तुम्हारी सबसे बड़ी शक्ति है। जिस दिन तुम स्वयं में पूर्ण हो जाते हो, उस दिन तुम्हें किसी बैसाखी की जरूरत नहीं पड़ती। तुम स्वयं प्रकाश बन जाते हो।
Default Sample
زندگی ایک سفر ہے، اور اس سفر میں سب سے اہم قدم وہ ہے جو تم اپنے اندر کی طرف اٹھاتے ہو۔ لوگ باہر خاموشی ڈھونڈتے ہیں، لیکن اصل سکون تمہارے اپنے دل کی گہرائیوں میں چھپا ہے۔ جب تک تم اپنے ذہن کے شور سے آزاد نہیں ہو گے، تم حقیقت کو نہیں دیکھ سکو گے۔
Sample Transcriptions
Default Sample - 样本 1
जीवन में सबसे बड़ा सत्य यह है कि हम जो खोजते हैं वह हमारे भीतर ही है। बाहर की दुनिया में भटकते रहते हैं, लेकिन शांति का वास हमारे अंदर है। मौन में बैठो, और अपने आप को जानो। यही सबसे बड़ा ध्यान है।
Default Sample - Osho
जब तुम अपने भीतर की खामोशी से जुड़ जाते हो, तो दुनिया का सारा शोर धीरे-धीरे मिटने लगता है। यह शांति तुम्हारी कमजोरी नहीं, बल्कि तुम्हारी सबसे बड़ी शक्ति है। जिस दिन तुम स्वयं में पूर्ण हो जाते हो, उस दिन तुम्हें किसी बैसाखी की जरूरत नहीं पड़ती। तुम स्वयं प्रकाश बन जाते हो।
Default Sample - Osho
زندگی ایک سفر ہے، اور اس سفر میں سب سے اہم قدم وہ ہے جو تم اپنے اندر کی طرف اٹھاتے ہو۔ لوگ باہر خاموشی ڈھونڈتے ہیں، لیکن اصل سکون تمہارے اپنے دل کی گہرائیوں میں چھپا ہے۔ جب تک تم اپنے ذہن کے شور سے آزاد نہیں ہو گے، تم حقیقت کو نہیں دیکھ سکو گے۔
Default Sample - Osho
जब तुम ध्यान में बैठते हो, तो मन कहता है कि कुछ करो, कहीं जाओ, कुछ सोचो। लेकिन मैं तुमसे कहता हूं, बस शांत होकर देखो। जो है उसे होने दो। तुम्हारी सारी बेचैनी मन की दौड़ से ही आती है।
Default Sample - Osho voice
जब तक तुम बाहर के शोर में खोए हो, तब तक तुम्हें वह भीतर का संगीत सुनाई नहीं देगा। अपने मौन में उतरो, थोड़ा विश्राम करो। जब तुम्हारे विचार विदा होते हैं, तभी सत्य का द्वार खुलता है। स्वयं को पहचानो, क्योंकि असली संपदा तुम्हारे अंतस में ही छिपी है।
Default Sample - Osho
जीवन एक यात्रा है बाहर की नहीं, बल्कि अपने भीतर की। लोग शांति की तलाश में पूरी दुनिया में भटकते हैं, लेकिन जब तक तुम स्वयं के भीतर के सन्नाटे को अनुभव नहीं करोगे, तब तक तुम्हें कहीं भी चैन नहीं मिलेगा। ध्यान का अर्थ ही है, पूर्णतः स्वयं के साथ होना।
Default Sample - Osho
जब तुम अपने भीतर मौन को साध लेते हो, तो बाहरी शोर केवल एक सपना बन जाता है। तुम्हारी जागरूकता ही वह मशाल है जो अंधकार को मिटाती है। किसी के पीछे मत चलो, स्वयं के प्रकाश बनो, क्योंकि सत्य उधार नहीं लिया जा सकता, उसे केवल जीया जा सकता है।
Default Sample - Osho
زندگی ایک اکیلی یاترا ہے، اسے دوسروں کے پیمانوں سے مت ناپو۔ بھیڑ ہمیشہ اندھی ہوتی ہے، اسے تمہارے شعور کی کوئی خبر نہیں۔ اپنی آنکھیں کھولو اور اپنے دیئے خود بنو۔ جب تم خود کو جان لیتے ہو، تو سارا سنسار ایک سپنا نظر آنے لگتا ہے۔
Default Sample - solar_promise
وہ جو سچائی کی تلاش میں نہیں نکلے، وہ کبھی بھی حقیقت کا سامنا نہیں کر پائیں گے۔ تم نے صرف ناموں کو پوجا ہے، لیکن کبھی اس روح تک پہنچنے کی کوشش نہیں کی۔ یہ اندھی عقیدت تمہیں کبھی آزاد نہیں کرے گی۔ خود کو جانو، ورنہ یہ زندگی ایک ادھورا خواب بن کر رہ جائے گی۔
Default Sample - OSHO 121
ध्यान कोई कृत्य नहीं है, यह तो केवल एक होने की अवस्था है। जब तुम पूरी तरह मौन हो जाते हो, तब सारा अस्तित्व तुम्हारे भीतर नाचने लगता है। बाहर की भीड़ से लौटकर अपनी गहन शांति में डूब जाना ही मनुष्य की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
Default Sample - OSHO
जीवन एक गीत है, जिसे मौन में ही सुना जा सकता है। स्वयं को मिटा दो, जैसे बूंद सागर में मिलकर सागर हो जाती है। अब कोई संघर्ष नहीं, कोई दौड़ नहीं। बस इस क्षण में ठहर जाओ, जैसे एक खिला हुआ फूल। गहरी शांति, गहरा आनंद।
Default Sample - osho
زندہ ہونے کا مطلب ہے کہ تم ہر لمحہ نئے ہو سکو۔ پرانے کو پکڑ کر مت بیٹھو، کیونکہ پرانا مردہ ہے۔ سچ تو یہ ہے کہ سچائی صرف حال میں ہے، اب میں ہے۔ اپنی آنکھیں کھولو اور اس بہتی ہوئی زندگی کو دیکھو، اسے محسوس کرو، اور اس میں پوری طرح ڈوب جاؤ۔
Default Sample - solar_promise
حقیقت کی تلاش کے بغیر کسی بھی نظریے کو مان لینا محض ایک فریب ہے۔ جنہوں نے کھوج اور تحقیق کا راستہ چھوڑ دیا، وہ کبھی بھی علم کی گہرائی تک نہیں پہنچ سکتے۔ یہ ذہنی جمود اور نپنسکتا ہے جو انسان کو اندھیروں میں بھٹکاتی رہتی ہے اور سچ سے دور رکھتی ہے۔