.ओम नमो भगवते वासुदेवाय। नमस्कार। आप देख रहे हैं देवस्य वाणी। महाभारत में अनेक महान योद्धा थे— भीष्म, द्रोण, अर्जुन, कर्ण और श्रीकृष्ण। लेकिन एक ऐसे महापुरुष भी थे जिनके पास न सेना थी, न राजसिंहासन, फिर भी उनकी बुद्धि के आगे बड़े-बड़े राजा नतमस्तक हो जाते थे। उनका नाम था महात्मा विदुर। कहा जाता है— "जिस घर, समाज या राज्य में विदुर जैसी नीति का पालन होता है, वहाँ विनाश कभी नहीं आता।" फिर प्रश्न उठता है— यदि विदुर इतने ज्ञानी थे, तो महाभारत का युद्ध क्यों नहीं रुक सका? इसी रहस्य को हम इस श्रृंखला में समझेंगे। विदुर नीति क्या है? विदुर नीति महाभारत के उद्योग पर्व का वह अमूल्य ज्ञान है जिसमें महात्मा विदुर ने राजा धृतराष्ट्र को धर्म, राजनीति, नेतृत्व, परिवार, धन, मित्रता और जीवन के गहरे सिद्धांत बताए। यह केवल राजाओं के लिए नहीं थी। यह हर उस व्यक्ति के लिए है जो अपने जीवन में सुख, सम्मान और सफलता चाहता है। आज भी बड़े उद्योगपति, प्रशासक, शिक्षक और आध्यात्मिक गुरु विदुर नीति का अध्ययन करते हैं। विदुर कौन थे? विदुर महर्षि वेद व्यास और एक दासी के पुत्र थे। यद्यपि उनका जन्म राजपरिवार में हुआ, फिर भी उन्हें राजगद्दी नहीं मिली। लेकिन उन्होंने कभी अपने भाग्य को दोष नहीं दिया। उन्होंने ज्ञान, सत्य और धर्म को अपना सबसे बड़ा धन बनाया। वे हस्तिनापुर के महामंत्री बने और पूरी निष्ठा से राज्य की सेवा की। उनकी सबसे बड़ी विशेषता थी— सत्य बोलना, चाहे सामने राजा ही क्यों न हो। विदुर की पहली शिक्षा विदुर कहते हैं— जो व्यक्ति अपने हित की बात सुनना नहीं चाहता, उसका विनाश निश्चित है। धृतराष्ट्र अपने पुत्र दुर्योधन से अत्यधिक मोह रखते थे। विदुर बार-बार उन्हें समझाते रहे— "राजन, न्याय का साथ दीजिए।" लेकिन मोह ने विवेक को ढक लिया। यहीं से महाभारत के विनाश की शुरुआत हुई। विदुर बताते हैं— मोह निर्णय को कमजोर करता है। लोभ बुद्धि को नष्ट करता है। क्रोध विवेक को जला देता है। अहंकार मनुष्य को सत्य से दूर कर देता है। आज भी यदि हम विदुर की केवल एक शिक्षा अपना लें— "सत्य को सुनने और स्वीकार करने का साहस रखो।" तो जीवन की अनेक समस्याएँ समाप्त हो सकती हैं। दोस्तों, यह तो केवल शुरुआत है। अगले एपिसोड में हम जानेंगे— विदुर का जन्म कैसे हुआ? उन्हें धर्मराज यम का अवतार क्यों कहा जाता है? और कैसे एक दासीपुत्र पूरे आर्यावर्त का सबसे बुद्धिमान व्यक्ति बना? यदि आपको यह ज्ञानवर्धक वीडियो पसंद आया हो, तो इसे लाइक करें, अपने प्रियजनों के साथ साझा करें और Devasya Vaani को सब्सक्राइब करें। ओम तत्सत।