Fish Audio 免费Hunny AI 语音生成器
生成由 0+ 创作者信赖的 Hunny 声音。使用 AI 文字转语音创建 男性 语音。
如何使用 Hunny 语音生成器
3个简单步骤即可创建专业配音
生成音频
点击生成,让 Hunny 的声音为您的文本注入生命
- 数秒内获得录音棚级品质效果
- 100% 免费试用 • 无需信用卡
生成由 0+ 创作者信赖的 Hunny 声音。使用 AI 文字转语音创建 男性 语音。
3个简单步骤即可创建专业配音
点击生成,让 Hunny 的声音为您的文本注入生命
हो ओम संदेश आते हैं हमें तड़पाते हैं जो चिट्ठी आती है वो पूछे जाते हैं कि घर कब आओगे के घर कब आओगे लिखो कब आओगे कि तुम बिन ये घर सोना शूना है संदेश आते हैं हमें तड़पाते हैं जो चिट्ठी आती है वो पूछे जाते है के घर कब आओगे के घर कब आओगे को कब आओगे तुम बिन ये दिल सू है ओम हो ये दिल जो बरसों से था खाली खाली सा किसी के आने से सजा दिवाली सां जगे हैं दरवाजे किसी की आहट से सवेरा होता है किसी की करवट से मैं सोचा करता हूं यही तनहाई में ये चंदा उतरेगा मेरी अंगनाई में नसी सी वो वाली ने कान की वाली ने चौथ की थाली ने और पूछा है मेहंदी की लाली ने के घर कब आओगे के घर कब आओगे लिखो कब आओगे कि तुम बिन ये दिल सू है से आते हमें तड़पाते हैं जिन भी आती है वो मुझे जाती है के घर कब आओगे के घर कब आओगे लिखो कब आओगे कि तुम बिन ये घर सुना सुना है होम ये पूछो आंखों के छलकते पानी से बिछड़ता है कोई कहां आसानी से मैं पीछे छोड़ आया दुआएं करती मां के उससे भी प्यारी मुझे यह धरती मां किसी ने धीरे से कहा था लौटाना मैं रास्ता देखूंगी मुझे ना तड़पाना जागती रातों में अनकही बातों में अधूरे वादों ने और पूछा है उसकी यादों ने के घर कब आओगे घर कब आओगे लिखो कब आओगे कि तुम बिन ये घर सुना सुना है बड़ी याद आती है किसी की रातों में कलाई रेशम सी अभी है हाथों में शायरी जैसी वो लबों पे रहती है मोहब्बत जैसी वो लबों में बहती है जो गुड़ियों से खेले वो गुड़िया याद आए कि बातों बातों में उसी की बात आए मेरे दिलदारों ने गली बाजारों ने के चिट्ठी तारों ने और पूछा है मेरे यारों ने के घर कब आओगे कि घर कब आओगे लिखो कब आओगे कि तुम बिन ये दिल सुना सुना है गुजरने वाली हवा बता मेरा इतना काम करेगी क्या मुझे छोड़ छोड़ के जो चला गया उसे ढूंढ लाऊं। कोई गुजर या कोई गली मुझे आज तक तो नहीं मिली। जो मिटा सके ये फासला जो मिटा सके ये फासला मेरी सारी जवान ले गया और आंख में पानी दे गया जिसे दोहराऊंगा उम्र भर वो ऐसी कहानी दे गया। है गुजरने वाली हवा तुझे है कसम ना ऐसे रुला मुझे मैं कहां से लाऊं वो दिल पता जिसे हो कुबूल ये अलविदा मैं वापस आऊंगा मैं वापस गाऊंगा फिर अपने गांव में प्यार की छांव में तरसती आंखों से किसी की बाहों से कि घर की राहों से किया जो वादा था वो निभाऊंगा मैं वापस आऊंगा मैं वापस आऊंगा मैं वापस आऊंगा मैं वापस ओम ओम ओम