एक बार एक शिष्य ने ओशो से पूछा, “गुरुदेव, जीवन को सही तरीके से कैसे जिया जाए?” ओशो मुस्कुराए और बोले, “मैं तुम्हें एक छोटी-सी कहानी सुनाता हूँ…” एक आदमी को मौत की सजा सुनाई गई थी। उसे बताया गया कि ठीक एक मिनट बाद उसे फांसी दी जाएगी। अब सोचो, उस आदमी के पास सिर्फ आखिरी एक मिनट बचा था। उस एक मिनट में उसके मन में क्या चल रहा होगा? न उसे पैसे की चिंता थी न नाम, न शोहरत न किसी से नफरत न कोई शिकायत उसके दिमाग में सिर्फ एक ही बात थी— “यह मेरा आखिरी पल है… इसे पूरी तरह जी लूं।” वह हर सांस को महसूस कर रहा था, हर धड़कन को जी रहा था, हर पल उसके लिए अनमोल हो गया था। ओशो ने शिष्य से कहा— “अगर तुम जीवन को सच में जीना चाहते हो, तो हर पल को ऐसे जियो जैसे यही तुम्हारा आखिरी मिनट हो।” सीख , जब हमें लगता है कि समय बहुत है, तो हम उसे बर्बाद कर देते हैं। लेकिन जब हमें एहसास होता है कि समय सीमित है, तब हम हर पल को पूरी जागरूकता और खुशी के साथ जीते हैं। 👉 इसलिए, हर पल को पूरी तरह जियो, क्योंकि यही पल सच में तुम्हारा है।