एक समय की बात है। एक राज्य में एक राजा राज करता था। राजा बहुत अमीर था, लेकिन उसे अपने राज्य के लोगों की असली हालत के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं थी। उसी राज्य में एक गरीब लेकिन मेहनती किसान रहता था। वह रोज़ खेत में मेहनत करता और जो मिलता, उसी में खुश रहता था। एक दिन राजा ने सोचा, “मुझे अपने राज्य के लोगों को करीब से देखना चाहिए।” वह साधारण कपड़े पहनकर गाँव की ओर निकल पड़ा। गाँव में उसकी मुलाकात किसान से हुई। राजा ने पूछा, “तुम इतनी मेहनत करते हो, फिर भी खुश कैसे रहते हो?” किसान मुस्कराकर बोला, “महाराज, मेहनत का खाना सबसे मीठा होता है। मुझे जो मिलता है, मैं उसी में संतुष्ट रहता हूँ।” राजा ने किसान के साथ बैठकर सादा खाना खाया। राजा को पहली बार इतना सुकून मिला। उसने समझा कि सच्ची खुशी धन में नहीं, संतोष और मेहनत में है।