एक समय था भारत में, जहां हर कॉलेज अपनी मर्जी से पढ़ाता था। हर यूनिवर्सिटी का अलग सिस्टम, अलग नियम, अलग डिग्री की वैल्यू। कोई स्टूडेंट अच्छे कॉलेज में पढ़ता था तो उसका भविष्य चमकता था और कोई छोटे कॉलेज में, तो उसकी मेहनत भी पहचान नहीं पाती थी। डिग्री होती थी, पर भरोसा नहीं होता था। तभी सरकार ने सोचा, अगर देश को आगे बढ़ाना है, तो शिक्षा में बराबरी लानी होगी। और यहीं से जन्म हुआ... UGC, यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन का।"