जलियांवाला बाग हत्याकांड भारतीय इतिहास की एक दुखद घटना थी। 13 अप्रैल 1919 को बैसाखी के दिन अमृतसर के जलियांवाला बाग में हजारों लोग रॉलेट एक्ट के विरोध और सभा के लिए एकत्र हुए थे। जनरल रेजिनाल्ड डायर ने बिना चेतावनी दिए निहत्थी भीड़ पर गोलियां चलाने का आदेश दिया। इस घटना में सैकड़ों लोग मारे गए और अनेक घायल हुए। इस हत्याकांड से पूरे देश में ब्रिटिश शासन के प्रति क्रोध फैल गया। यह भारत के स्वतंत्रता संग्राम का महत्वपूर्ण मोड़ बना और महात्मा गांधी जैसे नेताओं ने आजादी की लड़ाई को और तेज कर दिया। आज जलियांवाला बाग शहीदों की याद में एक स्मारक है।