दोस्तों, पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम पर एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली वीडियो तेजी से वायरल हो रही है। इस वीडियो में एक खतरनाक मगरमच्छ एक बच्चे पर हमला करता हुआ दिखाई दे रहा है। इस वीडियो को देखकर हर कोई हैरान और परेशान है। वायरल पोस्ट के साथ दावा किया जा रहा है कि 16 साल के एक लड़के को मगरमच्छ ने अपना शिकार बना लिया। लेकिन क्या यह सच है? क्या वाकई वह लड़का 16 साल का था और यह दर्दनाक हादसा कहाँ हुआ? आज के इस वीडियो में हम इस वायरल खबर का पूरा सच आपके सामने रखेंगे। सबसे पहले बात करते हैं इस वायरल दावे की सच्चाई की। सोशल मीडिया पर जो 16 साल के लड़के की बात कही जा रही है, वह सही नहीं है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़ित बच्चा 16 साल का नहीं बल्कि केवल 12 साल का था। यह दुखद घटना उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के बौंडी थाना क्षेत्र में घाघरा नदी के किनारे हुई। बच्चे का नाम सुनील सिंह बताया गया, जो टिकुरी गाँव का रहने वाला था और कक्षा 6 का छात्र था। अब सवाल उठता है कि आखिर यह हादसा हुआ कैसे? दोपहर के समय सुनील अपने चाचा विजय राज सिंह के साथ खेत में धान की रोपाई करने गया था। कई घंटों तक मेहनत करने के बाद शाम को दोनों घाघरा नदी के किनारे हाथ-पैर धोने के लिए रुके। जैसे ही सुनील पानी के पास पहुँचा, वहाँ पहले से मौजूद एक विशाल मगरमच्छ ने अचानक उस पर हमला कर दिया। यह देखकर उसके चाचा बिना अपनी जान की परवाह किए तुरंत नदी में कूद पड़े और सुनील का हाथ पकड़ लिया। कुछ मिनटों तक चाचा और मगरमच्छ के बीच बच्चे को बचाने की जबरदस्त कोशिश चलती रही, लेकिन अफसोस मगरमच्छ की ताकत के सामने वे उसे बचा नहीं सके और मगरमच्छ सुनील को गहरे पानी की ओर ले गया। चाचा की आवाज सुनकर आसपास के किसान और गाँव वाले तुरंत नदी की ओर दौड़ पड़े। उन्होंने लाठी, बाँस और पत्थरों की मदद से मगरमच्छ को भगाने की पूरी कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। वहाँ मौजूद किसी व्यक्ति ने इस घटना का एक हिस्सा अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुँच गई। स्थानीय नाविकों और ग्रामीणों की मदद से कई घंटों तक घाघरा नदी में खोज अभियान चलाया गया। बाद में बच्चे का शव घटना स्थल से कुछ दूरी पर नदी में मिला। इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, सुनील पहले ही अपने माता-पिता को खो चुका था और उसके परिवार में केवल उसकी दो बड़ी बहनें ही बची हैं। इस हादसे के बाद प्रशासन ने पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। दोस्तों, इस वीडियो का उद्देश्य केवल वायरल खबर का सच बताना नहीं, बल्कि आप सभी को सतर्क करना भी है। घाघरा और सरयू जैसी नदियों के आसपास मगरमच्छों की मौजूदगी को देखते हुए हमेशा सावधानी बरतें। खासकर शाम के समय या अकेले नदी के किनारे जाने से बचें। और सबसे जरूरी बात, सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर खबर पर बिना पुष्टि किए भरोसा न करें। अगर आपको यह जानकारी उपयोगी लगी हो, तो वीडियो को लाइक और शेयर जरूर करें। ऐसी ही सच्ची और तथ्य आधारित खबरों के लिए हमारे चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें। मिलते हैं अगली वीडियो में। तब तक के लिए सुरक्षित रहें। जय हिंद!