बीट चले तेज़, दिल में है आग, मैं लिखता सच, नहीं कोई दाग। खामोशी तोड़ी, शब्द बने हथियार, मेहनत की राह, नहीं कोई उधार। ना किसी की कॉपी, ना किसी का स्टाइल, अपनी ही दुनिया, अपना ही फ़ाइल। गिरकर उठा हूँ, सौ बार यहाँ, हर एक चोट ने बनाया मुझे जहाँ। लोगों की बातें, बस हवा का शोर, मैं चलता आगे, ना देखूँ पीछे मोड़। सपने हैं बड़े, हौसले भी साथ, अंधेरी रातों में खुद बना अपनी बात। दिल की स्याही से लिखी ये कहानी, हर एक लाइन में मेरी ही निशानी। आज भले छोटा, कल बनूँगा नाम, मेहनत की ताकत, यही मेरी पहचान। सुन ले दुनिया, ये मेरी पुकार, मैं ही बनूँगा अपना सितार ⭐🔥