मेरा मोबाइल उसके पास था। उसके पास एक पिस्टल भी मौजूद थी। मुझे सिर्फ इसलिए हिंसा का शिकार बनाया गया क्योंकि मैंने मना किया था। मेरा अपराध सिर्फ इतना था कि मैंने “नहीं” कहा था। मुझे न्याय दो। सच को सामने लाया जाए ताकि कोई निर्दोष प्रभावित न हो। अगर किसी ने अपराध किया है तो उसे कानून और अदालत के जरिए सजा दी जाए। ऐसा मजबूत सिस्टम बनाया जाए कि कोई भी लड़की डर के साये में जीने के लिए मजबूर न हो। हमें नफरत नहीं, न्याय चाहिए। बदला नहीं, कानून की सख्ती चाहिए। मेरी आवाज़ को दबाया न जाए बल्कि इसे न्याय तक पहुँचाया जाए। किसी और के साथ ऐसा हादसा न हो — यही मेरा संदेश है। मेरी कहानी को गंभीरता से लिया जाए, इसे तमाशा न बनाया जाए। न्याय इतना मजबूत हो कि आगे कोई भी अत्याचार करने से पहले सौ बार सोचे।