दोस्तों... बचपन में जब हम स्कूल से आते थे... तो सबसे पहले चिल्लाते थे... माँ... बहुत भूख लगी है... याद है ना? माँ चाहे कितनी भी थकी हो... हमारे लिए तुरंत गरम रोटियाँ बेलने लगती थी... हमने कभी नहीं पूछा... माँ... क्या आपने खाया? एक बार एक घर में बहुत गरीबी थी... माँ के पास सिर्फ दो रोटियों का आटा था... उसने दोनों रोटियाँ सेककर अपने बेटे के सामने रख दी... बेटे ने पूछा... माँ... आपने क्यों नहीं ली? माँ ने मुस्कुरा कर कहा... मेरा पेट आज भरा हुआ है बेटा... मुझे भूख नहीं है... बेटे ने दोनों रोटियाँ खा ली... रात को जब बेटे की नींद खुली... उसने देखा... माँ रसोई के कोने में बैठकर पानी पी-पीकर अपनी भूख मिटा रही थी... आज वही बेटा बड़ा होकर शहर चला गया है... वो महंगे रेस्टोरेंट्स में खाना खाता है... लेकिन अपनी माँ को फोन करके ये तक नहीं पूछता... माँ... आज आपने क्या खाया? दोस्तों... हम तो बड़े हो गए... लेकिन हमारी माँ बूढ़ी हो गई... उनकी आँखों की रोशनी कम हो गई है... पर वो आज भी दरवाज़े पर बस हमारी राह देखती हैं... हम उनके लिए नए कपड़े भेजते हैं... पर वो हमारा पुराना बचपन ढूंढती हैं... घर की दीवारों पर लिखा है माँ का नाम... आज भी याद आता है बचपन का वो शाम... वो थपकी देकर सुलाना... वो आँचल में छुपाना... काश... लौट आए फिर से वो वक्त पुराना... दवा असर ना करे तो नज़र उतारती है... माँ है जनाब... वो हार कहाँ मानती है... दुनियादारी में हमने कितने ही रिश्ते बनाए... मगर ठोकर लगने पर आज भी ज़ुबान से... माँ... ही निकलती है... दोस्तों... अगर आज इस वीडियो ने आपकी आँखें नम कर दी हैं... तो समझ लेना... आपके अंदर आज भी वो मासूम बच्चा ज़िंदा है... आज अपने ईगो को छोड़ो... अगर माँ पास हैं तो उन्हें गले लगाओ... अगर दूर हैं... तो अभी एक कॉल करो... नीचे कमेंट में अपनी माँ के लिए एक शब्द लिखो... और इस चैनल को सब्सक्राइब करो... क्योंकि माँ के बिना ये दुनिया कुछ भी नहीं...