कभी आपको ऐसा लगा हो, यह दुनिया वैसी दिखने लगी है। जिसे कभी आप dream world में सोचा करते थे। सब कुछ जिंदगी में अचानक से अच्छा होने लगा है। आप बहुत खुश भी होते हो।लेकिन तभी आपके सीने में एक अजीब सी बेचैनी होती है और आप डर जाते हो यह ज्यादा समय तक नहीं टिकेगा या कुछ बुरा होने वाला है इसलिए तबाही के तूफान आने के पहले की शांति है? यहां आपकी किस्मत खराब नहीं हो रही होती बल्कि आपका ईगो आपके खिलाफ खेल रहा होता है। यह आपको safe रखना चाहता है यानि वही पुरानी जिंदगी जहां कोई ग्रोथ नहीं था। इस वीडियो में हम इसी इमेज के पीछे छिपे के उस सच को समझेंगे जो आपको कभी खुलकर जीने नहीं देती है। ज्यादातर लोग इसे नजर लगना या किस्मत का नाम दे देते है लेकिन साइकोलॉजी में इसे upper limit problem कहा जाता है। हमारे दिमाग में थमोॅस्टेट होता है। जैसे ही हमारी खुशी उस तय सीमा से ऊपर जाती है तो हमारा comfort zone हिल जाता है और दिमाग उसे खतरा मानने लगता है। आपका दिमाग उस reality को accept कर ही नहीं पाता क्योंकि आप सालों से struggle के साथ जी रहे हैं। आप खुद को खुश देखने के आदी नहीं हैं। इसलिए ego आपको convince करता है कि ये temporary है और यह टूट जाएगा क्योंकि अंदर से आप believe करते हो मैं इसके लायक ही नहीं हूं। हम बचपन से सुनते आए हैं ज्यादा मत हंसो वरना कल जाकर रोना पड़ेगा यह कंडीशनिंग हमारे अंदर डर पैदा कर देती है और खुशी एंजॉय करने से रोकती है। डर का मतलब सिर्फ खतरा नहीं है बताता है कि आप grow कर रहे हैं। दिमाग डर पैदा करता है ताकि आप वापस चिंता और प्लानिंग के मोड में आ जाए। इसलिए प्रेजेंट से काटकर फ्यूचर के काल्पनिक डर में धकेलता है। जब भी जिंदगी सही लगे तो भागीएं मत रुकिए और उसे एक्सेप्ट कीजिए Ego को काबू करना सीखिए सिर्फ बाहरी लोग आपको कंट्रोल नहीं करते वैसा दुश्मन आपके अंदर भी है जो आप पर कंट्रोल चाहता है और इस तरह से की आपको लगे भी नहीं अगर एक मछली को गर्म पानी में डाल दिया जाए तो वह तुरंत बाहर निकलेगी। अगर इस जगह पानी में मछली डाल पानी गम किया जाए तो धीरे-धीरे गर्म होते पानी मछली को नॉर्मल लगेगा फिर भी वह पानी से बाहर नहीं निकलना चाहेगी वो गर्म पानी बर्दाश्त करते-करते अपनी ऊर्जा खो देगी। फिर पानी इतना गर्म हो जाएगा कि वह चाह कर भी निकल नहीं पाएगी और मर जाएगी। डर की जगह ईश्वर को शुक्र गुजार कीजिए।और कहिए इस पल में मैं सुरक्षित और खुश हूं और यह सच है।जानिए के जीवन में उतार चढ़ाव आएंगे लेकिन आने वाले कल के डर से आज का मुस्कुराहट कुर्बान करना बेवकूफी है