राकेश एक बहुत ही अच्छा लड़का था। वह घर का सबसे बड़ा बेटा था। बचपन में ही उसके पापा बीमार पड़ गए थे, और तभी से राकेश अकेले मेहनत करके पूरे घर को संभाल रहा था। दिन भर काम… और रात को थोड़ा सा समय अपने फोन पर। एक दिन जब वह Facebook चला रहा था, तभी एक लड़की का मैसेज आया। उसका नाम अमृता था। धीरे-धीरे दोनों की बातें शुरू हुईं। रोज चैट, रोज कॉल… और राकेश उस लड़की के प्यार में इतना खो गया कि वह कभी-कभी घरवालों को भी समय देना भूल जाता था। लेकिन एक दिन सब बदल गया। अमृता ने उसका कॉल उठाना बंद कर दिया। बात बढ़ी… और दोनों के बीच बड़ा झगड़ा हो गया। आखिरकार अमृता ने राकेश को छोड़ दिया। उस दिन राकेश बहुत उदास हुआ, लेकिन तभी उसे अपनी जिम्मेदारियों का एहसास हुआ। कुछ समय बाद वह कमाने के लिए गुजरात चला गया, और वहाँ एक प्लांट में काम करना शुरू कर दिया। अब राकेश कहता है — “प्यार से बड़ी जिम्मेदारी होती है… और परिवार ही इंसान की असली ताकत होता है।”