एक ट्रेन कई महीनों से स्टेशन पर खड़ी थी। एक कबूतर ने उसके इंजन के पास अपना घोंसला बना लिया था। कुछ दिनों बाद उसके छोटे-छोटे बच्चे भी हो गए। एक दिन बहुत तेज बारिश हो रही थी। कबूतर अपने बच्चों के लिए दाना लेने गया। तभी अचानक ट्रेन चल पड़ी। कबूतर बारिश में भीगता हुआ ट्रेन के पीछे उड़ता रहा… लेकिन ट्रेन बहुत दूर निकल गई। कबूतर पूरी रात बारिश में अपने बच्चों को याद करके रोता रहा। सुबह जब बारिश रुकी… तो वही ट्रेन धीरे-धीरे वापस स्टेशन पर आ गई। कबूतर तुरंत अपने घोंसले के पास गया। अपने बच्चों को सुरक्षित देखकर वह खुशी से अपने पंख फैलाने लगा। उस दिन कबूतर ने कसम खाई… कि अब वह कभी ट्रेन पर घोंसला नहीं बनाएगा। लेकिन कबूतर फिर रोने लगा… क्योंकि आपने अभी तक Like और Subscribe नहीं किया।