MD FAIZ
بواسطة MD faizयह एक सचमुच भूतिया फ़िल्म है।
यह पूरी दुनिया को हिला देने वाली "भूत-प्रेत प्रवेश" की सच्ची घटना पर आधारित है।
और यह हॉरर फ़िल्म प्रेमियों के लिए देखना अनिवार्य है।
यह है डर का दूसरा नाम – द कॉन्ज्यूरिंग 2 (The Conjuring 2)।
⚠️ चेतावनी
आगे बहुत डरावने दृश्य आने वाले हैं।
कमज़ोर दिल वाले लोग इसे अकेले बिल्कुल मत देखना।
कहानी सन् 1977, लंदन (इंग्लैंड) में शुरू होती है।
पेगी नाम की औरत अपने चार बच्चों के साथ एक पुराने, श्रापित घर में आकर रहने लगती है।
उसका पति उन्हें छोड़कर जा चुका था, इसलिए घर की सारी जिम्मेदारी उसी पर आ गई थी।
ऊपर से उसकी छोटी बेटी जेनेट बुरी संगत में पड़ चुकी थी, जिसके चलते पेगी अक्सर गुस्से में बच्चों पर चिल्लाती रहती।
लेकिन उसे पता नहीं था कि उसकी यह नकारात्मक ऊर्जा, घर के अंदर मौजूद दुष्ट आत्मा को और भी मज़बूत बना रही है।
नए घर में पहली ही रात, दोनों बेटियाँ गुपचुप “पेन-गेम” (ओइजा बोर्ड जैसा) खेलने लगीं।
क्योंकि जेनेट अपने पापा को बहुत याद कर रही थी, इसलिए उसने आत्मा से सवाल किया –
“पापा हमें वापस मिलने कब आएंगे?”
लेकिन बोर्ड से कोई जवाब नहीं मिला।
निराश होकर जेनेट ने उसे बिस्तर के नीचे छिपा दिया।
रात के बीचों-बीच जेनेट की नींद खुली, तो उसने खुद को ड्रॉइंग रूम के फर्श पर सोया पाया।
पहले तो उसे अजीब लगा, लेकिन ज्यादा ध्यान नहीं दिया।
लेकिन अगले ही पल उसकी बहन ने कमरे के दरवाज़े पर किसी के जोर से धक्का मारने की आवाज़ सुनी।
जब उसने दरवाज़ा खोला, तो जेनेट तो ऊपर कमरे में ही थी – यानी आवाज़ किसी और ने की थी।
इसके बाद लगातार अजीब घटनाएँ होने लगीं।
दरवाज़े अपने-आप खुलने लगे, टीवी चैनल बदलने लगे, रिमोट इधर-उधर गायब होने लगा।
और फिर एक रात, टीवी स्क्रीन पर जेनेट ने साफ देखा –
सोफ़े पर एक डरावना बूढ़ा आदमी बैठा है।
डरी हुई जेनेट ने खुद को रस्सियों से बाँधकर सोना शुरू कर दिया,
लेकिन अगली सुबह वह फिर ज़मीन पर मिली।
रात को कमरे में किसी के कदमों की आवाज़, अचानक चादर खींचना, कंधे पर दर्दनाक चोट के निशान –
ये सब उसकी बहन ने भी देखना शुरू कर दिया।
बिस्तर अपने आप हिलने लगा, जैसे कोई उसे उठा रहा हो।
माँ को बताया गया, लेकिन कमरे में कोई नहीं मिला – सिर्फ वही ओइजा बोर्ड, जिसे पेगी ने तुरंत फेंक दिया।
लेकिन जैसे ही उसने ऐसा किया, कमरे का अलमारी अपने आप हिल उठी।
डरी-सहमी फैमिली रातोंरात पड़ोसियों के घर भाग गई।
पुलिस भी बुलाई गई।
उन्होंने पूरा घर खंगाल डाला, लेकिन कुछ नहीं मिला।
उन्होंने कहा – “दीवारों से आने वाली आवाज़ें शायद चूहों की हों।”
लेकिन तभी सबकी आँखों के सामने कुर्सी अपने आप चलने लगी और वापस जगह पर जा बैठी।
पुलिस भी घबराकर वहाँ से चली गई।
अब मामला चर्च तक पहुँचा और पूरे समाज में चर्चा का विषय बन गया।
लोगों को शक था कि शायद पेगी और उसके बच्चे झूठ बोल रहे हों।
लेकिन जब जेनेट की आँखों के सामने उसका शरीर आत्मा के कब्ज़े में जाकर बूढ़े आदमी की आवाज़ में बात करने लगा,
तो सबको यकीन हो गया –
यह कोई साधारण मामला नहीं है।
उस आत्मा का नाम था बिल (Bill),
जो 72 साल की उम्र में इसी घर के सोफ़े पर मरा था।
उसने कहा – “यह मेरा घर है, और यहाँ घुसने वाले हर किसी को मैं सज़ा दूँगा।”
स्थिति बिगड़ती जा रही थी।
आख़िरकार चर्च ने अमेरिका से मशहूर पैरानॉर्मल जाँचकर्ता – एड और लॉरेन वॉरेन (Warren Couple) – को बुलाया।
लॉरेन पहले से ही सपनों में इस केस से जुड़ी भयानक चीज़ें देख चुकी थी और उसे महसूस हुआ था कि एड की जान को खतरा है।
लेकिन एड ने वादा किया – “हम सिर्फ जाँच करेंगे, कोई जोखिम नहीं लेंगे।”
दोनों ने घर में रहकर तमाम प्रयोग किए, लेकिन आत्मा की असली मंशा समझ नहीं आ रही थी।
जेनेट अक्सर हवा में उठ जाती, दीवारों से टकराती और बुरी तरह तड़पती।
कभी रसोई में सारे चाकू अपने आप खड़े हो जाते, तो कभी बिजली-पंखे, बल्ब फट जाते।
धीरे-धीरे साफ होने लगा कि यह आत्मा अकेले बिल की नहीं है –
इसके पीछे और भी बड़ी, दुष्ट शक्ति काम कर रही है…
जो वॉरेन कपल को भी फँसाकर मार देना चाहती है।
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