Halth
von Zainab Fatimaअगर आपकी उम्र 60 साल के बाद हो चुकी है और आपके अंदर ये छह निशानियां आज भी मौजूद हैं, तो अल्हम्दुलिल्लाह, आपका शरीर अभी भी अच्छी ताकत और सेहत का सबूत दे रहा है। उम्र बढ़ना जिंदगी का एक खूबसूरत हिस्सा है, लेकिन 60 के बाद बहुत से लोगों के दिल में कमजोरी और बीमारी का डर बैठ जाता है। लोग महंगी जांच करवाते हैं, बड़ी-बड़ी मशीनों में टेस्ट करवाते हैं और रिपोर्ट का इंतजार करते हैं, लेकिन अल्लाह तआला ने हमारे जिस्म में ऐसे साफ संकेत भी रखे हैं जो हमें हमारी सेहत के बारे में बहुत कुछ बताते हैं। अगर 60 की उम्र के बाद भी आपमें ये छह निशानियां हैं, तो समझ लीजिए कि आपका शरीर अभी भी मजबूत है और आपने अपनी सेहत को अच्छी तरह संभालकर रखा है। पहली निशानी है हाथों की मजबूत पकड़। जरा सोचिए, क्या आप आज भी पानी की बोतल का ढक्कन खुद खोल लेते हैं? क्या आप बाजार से हल्का सामान खुद उठा लेते हैं? क्या आप अपने रोजमर्रा के काम अपने हाथों से आसानी से कर लेते हैं? अगर हां, तो यह आपकी मांसपेशियों और शरीर की अच्छी ताकत की निशानी है। मजबूत हाथों की पकड़ बताती है कि आपके हाथों की मांसपेशियां और नसें अभी भी अच्छी तरह काम कर रही हैं। लेकिन अगर अचानक हाथों में ताकत कम हो जाए, हाथ कांपने लगें या किसी एक तरफ अचानक कमजोरी महसूस हो तो इसे नजरअंदाज मत कीजिए और डॉक्टर से मशवरा जरूर लीजिए। दूसरी निशानी है अच्छी याददाश्त। उम्र बढ़ने के साथ छोटी-मोटी बातें भूल जाना आम बात है, जैसे चाबी कहां रखी, चश्मा कहां रखा या कोई छोटी बात याद करने में थोड़ा वक्त लगना। लेकिन अगर आपको अपने बच्चों और पोते-पोतियों के नाम याद हैं, अपने जरूरी काम याद रहते हैं, दवाइयों का वक्त याद रहता है, घर के जरूरी काम समझ में आते हैं और पुरानी अच्छी यादें आज भी आपके दिल और दिमाग में ताजा हैं, तो यह आपके दिमाग की अच्छी सेहत की निशानी है। आपका दिमाग आज भी सक्रिय है और आपकी सोचने-समझने की ताकत मजबूत है। तीसरी निशानी है थोड़ी मेहनत के बाद शरीर का सामान्य रूप से काम करना। अगर आप अपनी क्षमता के अनुसार थोड़ी देर चलते हैं, सीढ़ियां चढ़ते हैं या घर के छोटे-मोटे काम करते हैं और आपका शरीर सामान्य तरीके से प्रतिक्रिया देता है, तो यह आपकी शारीरिक ताकत की अच्छी निशानी है। शरीर का पसीना निकालना भी उसके प्राकृतिक तापमान को संभालने का एक तरीका है। लेकिन अगर बहुत ज्यादा गर्मी में भी पसीना बिल्कुल न आए, चक्कर आए या शरीर बहुत कमजोर महसूस हो तो डॉक्टर से मशवरा जरूर लें। चौथी निशानी है सुबह उठने के बाद शरीर की जकड़न जल्दी खत्म हो जाना। 60 के बाद सुबह उठते वक्त थोड़ी अकड़न होना आम बात है, लेकिन अगर कुछ देर चलने-फिरने के बाद आपका शरीर खुल जाता है, आप आसानी से चल लेते हैं, हाथ-पैर चला लेते हैं और रोजमर्रा के काम कर लेते हैं, तो यह आपके शरीर की अच्छी ताकत और चलने-फिरने की क्षमता की निशानी है। लेकिन अगर शरीर की जकड़न बहुत देर तक रहे, जोड़ों में सूजन हो या दर्द लगातार बढ़ता जाए तो इसे उम्र का असर समझकर चुप मत बैठिए। पांचवीं निशानी है लोगों से मिलने-जुलने और जिंदगी में दिलचस्पी बनाए रखना। अगर 60 के बाद भी आपका दिल परिवार के साथ बैठने, दोस्तों से मिलने, पड़ोसियों का हाल पूछने, पार्क में जाने और लोगों के साथ हंसने-बोलने को चाहता है, तो यह आपके दिल और दिमाग की अच्छी हालत की निशानी है। इंसान अकेले रहने के लिए नहीं बनाया गया। अल्लाह तआला ने इंसान को रिश्तों और मोहब्बत के साथ जिंदगी जीने के लिए बनाया है। अपनों के साथ बैठना, बातें करना, हंसना और एक-दूसरे का हाल पूछना दिल को सुकून देता है। इसलिए उम्र बढ़ने के बाद खुद को चार दीवारों में बंद मत कीजिए। अपनों से जुड़े रहिए, क्योंकि खुश दिल इंसान की जिंदगी में हमेशा नई रोशनी बनी रहती है। छठी निशानी है आंखों में चमक और शरीर में सामान्य ताजगी। अगर आपकी नजर रोजमर्रा के कामों के लिए ठीक है, आंखों में अचानक पीलापन नहीं आया है और शरीर में जरूरत के मुताबिक ताजगी बनी हुई है, तो यह अच्छी बात है। लेकिन सिर्फ आंखों की चमक देखकर यह नहीं कहा जा सकता कि शरीर का हर अंग बिल्कुल ठीक है। इसलिए उम्र बढ़ने के साथ समय-समय पर जरूरी जांच करवाना भी समझदारी है। तो दोस्तों, अगर 60 के बाद आपके हाथों में ताकत है, याददाश्त अच्छी है, आप रोजमर्रा के काम खुद कर लेते हैं, शरीर चलने-फिरने के बाद जल्दी सामान्य हो जाता है, आपको लोगों से मिलने-जुलने में खुशी मिलती है और आपके शरीर में कोई बड़ी परेशानी नहीं है, तो अल्हम्दुलिल्लाह, यह आपके लिए बहुत बड़ी नेमत है। लेकिन याद रखिए, असली सेहत सिर्फ बीमारी न होने का नाम नहीं है। असली सेहत यह है कि इंसान अपने रोजमर्रा के काम खुद कर सके, अपने परिवार के साथ खुशी से रह सके, अपने शरीर की कद्र करे और अल्लाह तआला की दी हुई सेहत की नेमत का शुक्र अदा करे। उम्र 60 हो या 70, इंसान अगर अपने शरीर को संभालकर रखे, सही खाना खाए, अपनी क्षमता के अनुसार चलता-फिरता रहे और अपने दिल को खुश रखे तो जिंदगी बहुत खूबसूरत बनी रहती है। अब आप कमेंट में जरूर बताइए कि इन छह निशानियों में से कितनी निशानियां आपके अंदर मौजूद हैं। क्या आपकी पकड़ आज भी मजबूत है? क्या आपकी याददाश्त अच्छी है? क्या आप अपने रोजमर्रा के काम खुद कर लेते हैं? अपना स्कोर कमेंट में जरूर लिखिए। और अगर आपके घर में माता-पिता, दादा-दादी या कोई बुजुर्ग हैं तो यह वीडियो उनके साथ जरूर शेयर कीजिए, क्योंकि हो सकता है आपकी एक छोटी सी कोशिश उन्हें अपनी सेहत का बेहतर ख्याल रखने के लिए प्रेरित कर दे। अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो वीडियो को लाइक जरूर कीजिए, अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर कीजिए और ऐसी ही आसान और जरूरी सेहत की जानकारी के लिए चैनल को सब्सक्राइब जरूर कीजिए। अल्लाह तआला हमारे सभी बुजुर्गों को सेहत, आफियत, सुकून और लंबी उम्र अता फरमाए और हमें उनकी खिदमत करने की तौफीक दे। आमीन। और अगर आपके शरीर में लगातार कमजोरी, दर्द, सुन्नपन या कोई दूसरी परेशानी बनी हुई है तो डॉक्टर से मशवरा जरूर लें। अपना और अपने अपनों का ख्याल रखिए, अल्लाह तआला आपको हमेशा सेहतमंद और खुश रखे। आमीन।