Mrbeast
por Azim Ansari**भूतिया हवेली का रहस्य**
गाँव के बाहर एक पुरानी हवेली खड़ी थी, जिसे कोई भी पास जाने की हिम्मत नहीं करता था। लोग कहते थे कि वह हवेली सदीयों पुरानी है और उसमें भूत-प्रेतों का वास है। एक दिन, गाँव में एक युवक, अजय, आया जो किसी बड़े शहर से था और गाँव के बारे में बहुत कुछ जानने की इच्छा रखता था। वह हवेली के बारे में सुनकर बहुत उत्सुक हुआ और उसने सोचा कि वह एक दिन वहाँ जाकर उस रहस्य को सुलझाएगा।
अजय ने एक शाम हवेली की ओर रुख किया। हवेली का रास्ता घने पेड़ों से घिरा हुआ था और रात का अंधेरा धीरे-धीरे बढ़ रहा था। हवेली के सामने पहुंचते ही, उसे अंदर से अजीब सी आवाजें सुनाई देने लगीं। जैसे कोई चीख रहा हो, और किसी की पदचाप की आवाज आ रही हो। अजय का दिल डूबने लगा, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और वह धीरे-धीरे हवेली के अंदर चला गया।
अंदर का माहौल डरावना था। दीवारों पर पड़ी पुरानी सीलन और फटी हुई खिड़कियाँ अंधेरे में और भी डरावनी लग रही थीं। जैसे ही वह आगे बढ़ा, उसने देखा कि एक कमरे के अंदर हल्की रोशनी जल रही थी। जब वह कमरे के पास पहुंचा, तो उसने देखा कि एक बूढ़ी औरत कुर्सी पर बैठी थी, जो उसे घूर रही थी।
अजय डर के बजाय हैरान हो गया। वह उस औरत से पूछा, "तुम यहाँ क्या कर रही हो?"
बूढ़ी औरत हंसते हुए बोली, "यह हवेली मेरी है, और तुम जिस रास्ते पर आकर आये हो, वही रास्ता अब तक कई लोगों के लिए मौत का कारण बन चुका है।"
अजय चौंक गया, "मौत का कारण? तुम कौन हो?"
बूढ़ी औरत धीरे-धीरे खड़ी हुई और बोली, "मैंने एक बार प्यार किया था, पर मेरे प्यार को धोखा मिला। मैं उन लोगों से बदला लेना चाहती थी, जो मेरे साथ धोखा करने आए थे। लेकिन मैंने खुद को इस हवेली में बंद कर लिया, और अब मैं उन लोगों के आत्माओं को शापित करती हूँ जो इस हवेली में आते हैं।"
अजय ने देखा कि बूढ़ी औरत के चेहरे पर एक डरावनी मुस्कान थी और उसके शरीर में कोई हलचल हो रही थी, जैसे वह कुछ अजीब शक्ति से बदल रही हो। अचानक, औरत ने अपनी आँखें खोल दीं और उसकी आँखों से तेज रोशनी निकलने लगी। अजय का दिल बैठ गया, और उसने दौड़कर हवेली से बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन जैसे ही वह बाहर जाने लगा, एक ठंडी हवा ने उसका रास्ता रोक लिया।
आखिरकार, अजय ने हवेली से बाहर निकलने का एक तरीका ढूंढ लिया और जैसे ही वह गाँव में वापस लौटा, उसने देखा कि गाँव के लोग उसकी ओर घूर रहे थे। उसने उनसे पूछा, "यह क्या हो रहा है?"
गाँव के एक बुजुर्ग व्यक्ति ने कहा, "तुमने हवेली के रहस्य को उजागर किया है, अब तुम भी उस हवेली के शाप का शिकार हो गए हो।"
अजय को समझ आ गया कि वह हवेली सिर्फ एक पुरानी इमारत नहीं थी, बल्कि एक शापित स्थान थी, जहाँ जाने वाला हर व्यक्ति कभी न कभी अपनी जान से हाथ धो बैठता।
और फिर, अजय का नाम गाँव में कभी नहीं सुनाई दिया। वह हवेली के रहस्यमयी अंधेरे में समा गया, जहाँ से कोई लौटकर नहीं आता।