Part 1 एक शहर में दो लड़के पढ़ते थे। एक बहुत अमीर था, जो हर रोज़ महंगी कार से स्कूल आता था। दूसरा गरीब था, जो पुराने कपड़े पहनकर पैदल स्कूल जाता था। अमीर लड़का हमेशा उसका मज़ाक उड़ाता और कहता, "तुम जैसे लोग कभी हमारी बराबरी नहीं कर सकते।" गरीब लड़का कुछ नहीं कहता, बस मुस्कुराकर अपनी राह चलता रहता। एक दिन लंच के समय स्कूल के बाहर एक भूखा बुज़ुर्ग बैठा था। गरीब लड़के ने बिना कुछ सोचे अपना पूरा टिफ़िन उसे दे दिया। यह सब अमीर लड़का दूर से देख रहा था। वह हैरान रह गया... लेकिन अगले दिन ऐसा हुआ, जिसने उसकी पूरी ज़िंदगी बदल दी... Part 2 अगली सुबह अमीर लड़के की लग्ज़री कार स्कूल पहुँचने से पहले ही खराब हो गई। वह मदद के लिए इधर-उधर देखने लगा, लेकिन कोई नहीं रुका। तभी वही गरीब लड़का वहाँ पहुँचा। उसने बिना पुरानी बातों को याद किए उसकी मदद की और कार फिर से चल पड़ी। अमीर लड़के की आँखें झुक गईं। उसने कहा, "मुझे माफ़ कर दो... मैंने तुम्हें गलत समझा।" गरीब लड़का मुस्कुराया और बोला, "इंसान की पहचान उसके पैसों से नहीं, उसके दिल से होती है।" उस दिन के बाद दोनों अच्छे दोस्त बन गए। सीख: असली अमीर वही है जिसका दिल अमीर हो।