Fish Audio
Fish Audio
Início
Descoberta

Produtos

Estúdio de Histórias
Texto para voz
Criar Voz
Efeitos Sonoros
Separação de Áudio
Fala para Texto
Novidades
Tutoriais
Atualize Agora
Akak

Akak

@Ty Ko
Utilizações0
Ações0
Gostos0
Salvo por0

सवाल।] नैरेटर: सोचिए... एक ऐसी ज़मीन जहाँ पानी ने हर चीज़ डुबो दी हो। पहाड़ ग़ायब हो गए हों। दरख़्त, घर, इंसान — सब कुछ। यह कोई फ़िल्म नहीं। यह अल्लाह का वो फ़ैसला है जो उसने एक पूरी क़ौम के बारे में सुनाया। मगर सवाल यह है — अल्लाह ने यह तूफ़ान क्यों भेजा? क्या सिर्फ गुनाह की वजह से? या इसके पीछे एक ऐसी कहानी थी जो हज़ारों साल तक चलती रही? आज हम वो कहानी सुनेंगे। हज़रत नूह अलैहिस्सलाम की। और उस क़ौम की — जो अल्लाह के सब्र की आख़िरी हद तक पहुँच गई। [विज़ुअल: क़दीम ज़मीन का मंज़र। सब्ज़ा, दरिया, और बस्तियाँ। लोग अपनी ज़िंदगियों में मसरूफ़ हैं।] नैरेटर: क़ुरआने करीम में अल्लाह तआला ने हज़रत नूह अलैहिस्सलाम का ज़िक्र कई मक़ामात पर फ़रमाया है। सूरह नूह, सूरह हूद, सूरह अल-आराफ़, सूरह अल-मोमिनून — हर जगह एक ही सच्चाई बयान हुई। हज़रत नूह अलैहिस्सलाम अल्लाह के उन जलीलुल क़द्र पैग़म्बरों में से हैं जिन्हें उलुल-अज़्म का मक़ाम हासिल है। यानी वो पैग़म्बर जिनका अज़्म, सब्र और हिम्मत सबसे बुलंद दर्जे की थी। मुफ़स्सिरीन और मुअर्रिख़ीन के मुताबिक़ — जैसा कि तारीख़ अल-तबरी में दर्ज है — हज़रत नूह अलैहिस्सलाम ने अपनी क़ौम में साढ़े नौ सौ साल तक दावत दी। नौ सौ पचास साल। सोचिए — एक इंसान की पूरी ज़िंदगी से भी कई गुना ज़्यादा। और इस पूरे अरसे में — क़ौम ने क्या किया? [विज़ुअल: क़दीम बुतों की तस्वीरें। लोग सजदे में। आग के अलाव। रस्मो-रिवाज।] नैरेटर: अल्लाह तआला ने सूरह नूह आयत नंबर 23 में उन बुतों के नाम ख़ुद ज़िक्र फ़रमाए: वद्द, सुवाअ, यग़ूस, यऊक़, और नस्र। यह बुत कैसे बने? मुफ़स्सिरीन के मुताबिक़ — तफ़सीर इब्न कसीर में इसकी तफ़सील मिलती है — यह दरअसल उस क़ौम के नेक लोगों के नाम थे। जब वो नेक लोग फ़ौत हुए तो शैतान ने लोगों के दिलों में यह वसवसा डाला: "इनकी यादगार बनाओ, इन्हें भुलाने मत दो।" पहले बस यादगारें थीं। फिर तस्वीरें बनीं। फिर मूर्तियाँ। फिर — उन मूर्तियों के सामने सजदे होने लगे। यही शिर्क की इब्तिदा थी। और यही वो बीमारी थी जिसका इलाज करने हज़रत नूह अलैहिस्सलाम भेजे गए। [विज़ुअल: एक बुज़ुर्ग शख़्स खड़ा है। लोगों के हुजूम के सामने। आवाज़ में दर्द है।] नैरेटर: हज़रत नूह अलैहिस्सलाम ने हर तरीक़े से समझाया। क़ुरआने करीम सूरह नूह आयात 5 ता 9 में ख़ुद उनकी ज़बान से यह बयान हुआ: "ऐ मेरे रब! मैंने अपनी क़ौम को रात और दिन बुलाया।" "मैंने उन्हें एलानिया भी दावत दी और छुप कर भी।" "मैंने कहा: अपने रब से माफ़ी माँगो, वो बहुत माफ़ करने वाला है।" वो दिन को बुलाते — लोग मुँह फेर लेते। वो रात को समझाते — लोग कान बंद कर लेते। वो अकेले में नसीहत करते — लोग मज़ाक़ उड़ाते। सहीह बुख़ारी की रिवायत के मुताबिक़ क़यामत के दिन हज़रत नूह अलैहिस्सलाम वो पहले पैग़म्बर होंगे जिनसे उनकी उम्मत के बारे में पूछा जाएगा — और वो कहेंगे कि मैंने अपना फ़र्ज़ पूरा किया। मगर क़ौम ने क्या जवाब दिया? [विज़ुअल: लोग हँस रहे हैं। पत्थर फेंक रहे हैं। हज़रत नूह को धकेल रहे हैं।] नैरेटर: क़ुरआने करीम सूरह हूद आयत 27 में क़ौम के सरदारों ने जवाब दिया: "हम तुममें कोई फ़ज़ीलत नहीं देखते।" "तुम्हारे पैरोकार सिर्फ वो हैं जो हममें सबसे कमतर हैं।" यह तकब्बुर था। ग़रीबों और कमज़ोरों को हक़ीर समझना — और इस बुनियाद पर हक़ को रद्द करना। उन्होंने हज़रत नूह अलैहिस्सलाम पर इल्ज़ाम लगाया: "तुम हमारी तरह के इंसान हो।" "तुम झूठे हो।" "तुम पर जुनून है।" सूरह अल-क़मर आयत 9 में अल्लाह ने फ़रमाया: "क़ौमे नूह ने हमारे बंदे को झुठलाया और कहा: यह दीवाना है।" साढ़े नौ सौ साल की दावत में — सिर्फ चंद दर्जन लोग ईमान लाए। तारीख़ अल-तबरी में मज़कूर रिवायात के मुताबिक़ यह तादाद बहुत क़लील थी। और बाक़ी सब? वो अपने शिर्क और ज़ुल्म पर डटे रहे।

ur flagURMasculinoJovemNarraçãoMídias SociaisMédioProfundoEntretenimentoDramáticoCinematográficoHindiNarrativa
Público
há 5 meses
Utilizar a voz
Ainda não há amostras de áudio

Explorar modelos relacionados

re
recording.mp3
re
recording.mp3 196.51 KB
Az
Azka
مح
محمد دياب
Ka
Kallixix
Pe
Penceramah Bersemangat
Al
Ali
يس
يسوع
Sh
Shahzaib
Af
Aftab
re
rehan
Nu
Nuh AS